मेरठ के स्कूल में बिलखती रही मासूम, टीचर ताला लगाकर चले गए; चार साल में दूसरी बार दोहराई लापरवाही
मेरठ के बहादरपुर गांव के एक प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की लापरवाही से कक्षा पांच की छात्रा स्कूल में बंद रह गई। इसे लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया ...और पढ़ें

मेरठ के स्कूल में बिलखती रही मासूम, टीचर ताला लगाकर चले गए(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
शिक्षकों की लापरवाही से छात्रा घंटों तक कमरे में फंसी रही।
ग्रामीणों के विरोध पर प्रधानाध्यापक ने माफी मांगी।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सरूरपुर ब्लाॅक के बहादरपुर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर-1 में शिक्षकों की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। शनिवार को विद्यालय की छुट्टी के बाद कक्षा पांच की एक छात्रा कक्षा के अंदर ही बंद रह गई। जबकि शिक्षक बिना सभी कमरों की जांच किए ताला लगाकर घर चले गए।
छात्रा कई घंटे तक कमरे में बंद होकर रोती-बिलखती रही। घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में विद्यालय पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से ताला तोड़कर छात्रा को बाहर निकाला। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को विद्यालय में धरना देकर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी के आश्वासन और प्रधानाध्यापक द्वारा माफी मांगने पर मामला शांत हुआ।
बहादरपुर निवासी संजय की बेटी रश्मि कक्षा पांच तथा बड़ी बेटी लक्की कक्षा आठ की छात्रा हैं। दोनों गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर-1 में पढ़ती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को विद्यालय निर्धारित समय से पहले ही बंद कर दिया गया। छुट्टी के बाद शिक्षकों ने जल्दबाजी में कक्षाओं की जांच किए बिना ताला लगा दिया। जिससे रश्मि कक्षा के अंदर ही बंद रह गई।
बड़ी बहन लक्की घर पहुंच गई। लेकिन रश्मि के काफी देर तक घर नहीं आने पर स्वजन को चिंता हुई और ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू कर दी। लेकिन छात्रा का कोई पता नहीं चला। इसके बाद सभी विद्यालय पहुंचे। जहां एक बंद कमरे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने तत्काल ताला तोड़कर रश्मि को बाहर निकाला और उसे घर ले गए।
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घटना के बाद गांव में शिक्षकों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी फैल गई। सोमवार को विद्यालय खुलने पर दर्जनों ग्रामीण एकत्र होकर स्कूल पहुंचे और प्रधानाध्यापक समेत अन्य शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि जब तक अधिकारी नहीं आएंगे। तब तक धरना समाप्त नहीं होगा।
सूचना मिलने पर कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यवाहक सुदर्शन लाल मौके पर पहुंचे और मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं प्रधानाध्यापक राजीव कुमार ने ग्रामीणों के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित में माफी मांगी। अधिकारियों के आश्वासन और प्रधानाध्यापक के खेद जताने के बाद ग्रामीण शांत हुए और धरना समाप्त कर दिया।
चार साल में दूसरा मामला
ग्रामीणों के अनुसार चार साल पहले ही विद्यालय में एक छात्र कक्षा में ही रह गया था। उस दौरान मामला मौखिक रूप से स्टाफ द्वारा माफी मांगने पर निपटाया गया था। अब फिर से दोबारा होने पर ग्रामीणों में शिक्षकों की कार्यशैली के खिलाफ रोष है। हालांकि प्रधानाध्यापक राजीव कुमार का कहना है कि उस दौरान घटना वाले दिन विद्यालय में नहीं थे।
तीन घंटे बाद पता चला बेटी का
संजय ने बताया कि जब रश्मि का पता नहीं चला। इस पर उसकी बड़ी बेटी लक्की ने विद्यालय में देखने की बात कही। जिस पर वह और अन्य ग्रामीण लक्की के पीछे विद्यालय की तरफ दौड़ पड़े। रोने की आवाज आने पर करीब पांच बजे रश्मि को कक्षा से बाहर निकाला।
इन्होंने कहा
पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर बीएसए को भेजी जा रही है। अधिकारियों के निर्देश पर ही अग्रिम कार्रवाई होगी।
-सुदर्शन लाल, कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी।
विद्यालय के ही किसी कार्य से सहायक अध्यापक को कार्यभार सौंभकर चला गया था। लिखित में कोई माफीनामा नहीं दिया है। गलती हुई है। ताला नहीं टूटा है। चाबी सीमिति के अध्यक्ष लेकर आए थे। बाकी सभी आरोप निराधार है।
-राजीव कुमार, प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय नंबर-1, बहादरपुर गांव।