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मेरठ में जानलेवा हमले के आरोपित को छोड़ने के मामले में SHO लाइन हाजिर, SSP ने की कार्रवाई

By Sushil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Wed, 09 Sep 2026 01:18 PM (IST)

मेरठ में भावनपुर थाने के एसएचओ जोगिंदर सिंह को जानलेवा हमले के आरोपी को छोड़ने और विवेचना में लापरवाही के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है।

थानाध्यक्ष जोगिंदर सिंह

 थानाध्यक्ष जोगिंदर सिंह

HighLights

  1. भावनपुर एसएचओ पर लगे गंभीर आरोप।

  2. वायरल ऑडियो के बाद एसएसपी ने की कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, मेरठ। भावनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए गोकलपुर निवासी फैसल ने थानाध्यक्ष जोगिंदर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फैसल का दावा है कि जानलेवा हमले के मामले में नामजद धारा 307 के आरोपी कैफ को हथियार सहित पकड़ने के बावजूद पुलिस ने उसे थाने से छोड़ दिया।

पीड़ित ने मामले में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल की थी। उक्त ऑडियो के करीब 20 दिन बाद पहले क्राइम मीटिंग में ही एसएसपी (SSP BBGTS Murthy) ने संज्ञान लेते हुए थाना अध्यक्ष भावनपुर को लाइन हाजिर कर दिया है। विवेचना में लापरवाही का भी थाना प्रभारी का आरोप है।

पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी कैफ को हथियार सहित पकड़ लिया था, लेकिन उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने के बजाय थाने से ही छोड़ दिया। फैसल का कहना है कि उसके पास थानाध्यक्ष से हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग है, जिसमें कैफ के पकड़े जाने की बात स्वीकार की गई है। वायरल ऑडियो और विवेचनाओ पर लापरवाही में थाना प्रभारी जोगेन्द्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।

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चौकी पर हवालात नहीं, फिर भी वाहन चोरी के आरोपित को रखा गया

मेरठ : धीरखेड़ा चौकी पर हवालात नहीं हैं, उसके बाद भी वाहन चोरी के आरोपित को हिरासत में चौकी पर ही रखा गया था, जब मिथुन को गाजियाबाद से पकड़कर लाए, तब उसे खरखौदा थाने में क्यों नहीं लाया गया, जबकि थाने लाकर ही आरोपित से पूछताछ करने का प्रविधान है।

यदि मिथुन को थाने लाया जाता तो वह शौचालय में रखा क्लीनर नहीं पी सकता था। चौकी प्रभारी की लापरवाही के चलते ही मिथुन ने शौचालय का क्लीनर पिया है। प्रथम जांच के तहत ही एसएसपी ने चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही थाना प्रभारी से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

किठौर सीओ अपनी जांच में सभी तथ्यों को शामिल कर अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। चर्चा यहां तक है कि प्रत्येक अपराधी को धीरखेड़ा चौकी पर रखा जाता था। वहां पर ही कई दिनों तक पूछताछ की जाती थी। मिथुन ने अस्पताल में बताया कि उसका कोई कसूर नहीं था।

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उसके बाद भी पुलिस उसे टार्चर कर रही थी। मिथुन ने बताया कि एक रिश्तेदार ने उसके पास बाइक को गिरवी रखा था, जब उसे पता चला कि बाइक चोरी की है, तब बाइक को काटने के बाद उसे तालाब में दबा दिया था। मिथुन का कहना था कि उसके बाद भी पुलिस उसकी बात सुनने को तैयार नहीं थी। इसी मजबूरी के चलते ही उसने शौचालय में रखा क्लीनर पी लिया था।

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