मेरठ दक्षिण सीट: कौन से काम हुए पूरे-क्या रह गए अधूरे, विधायक का रिपोर्ट कार्ड
MLA Report Card: मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक व सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. सोमेंद्र तोमर के क्षेत्र के विकास के अनेक दावे हैं। ...और पढ़ें

मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट
HighLights
विधायक डाॅ. सोमेंद्र तोमर ने इंटर व डिग्री कॉलेज व मिनी स्टेडियम निर्माण जैसे कई विकास कार्य गिनाए।
उफनते नाले, जलभराव से घिरे मुहल्ले, जलमग्न औद्योगिक क्षेत्र और टूटी सड़कों सहित कई समस्याएं।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट से भाजपा के डाॅ. सोमेंद्र तोमर लगातार दूसरी बार विधायक हैं। सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी हैं। उफनते नाले, जलभराव से घिरे मुहल्ले, जलमग्न होते औद्योगिक क्षेत्र, टूटी सड़कें यहां की पहचान बन चुकी है। शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने वाले कार्यों की बात छोड़िए अभी तो लोगों को मूलभूत सुविधाएं ही नहीं मिल सकी हैं।

लिसाड़ी के लोग शुद्ध पानी के लिए मोहताज हैं। जयभीम नगर के कई मुहल्ले कई साल से गर्मी में पेयजल किल्लत से जूझते हैं। पिछले चार साल में क्षेत्र में एक इंच सीवर लाइन डालने का काम नहीं हुआ है। विकास के दावे या तो उफनते नाले में तैर रहे या फिर टूटी सड़कों में हिचकोले खा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र मोहकमपुर, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स सहित आसपास की दर्जनभर कालोनियों के करीब एक हजार से ज्यादा परिवार जलभराव से घिरे हुए हैं। नाले-नालियां वर्षों पुरानी जर्जर हो चुकी हैं। माधवपुरम की व्हाइट टापिंग रोड को छोड़ दें तो ज्यादातर सड़कें टूटी पड़ी हैं।
दिल्ली रोड पर जलनिकासी के लिए दूसरे नाले का निर्माण पूरा नहीं हो सका। जलभराव पर विधायक ने लोगों के साथ समस्या तो देखी लेकिन स्थायी समाधान नदारद है। लंबे समय से लोग बिजली बंबा बाईपास रोड के चौड़ीकरण की मांग उठा रहे हैं। वादा भी किया गया था, लेकिन इसका एक इंच काम आगे नहीं बढ़ा। रोड संकरा होने के साथ इसमें दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
मेरठ-रुड़की हाईवे से वेदव्यासपुरी से शताब्दीनगर होते हुए जुर्रानपुर होकर हापुड़ रोड तक प्रस्तावित रिंग रोड का काम शुरू नहीं हो सका। हापुड़ रोड से गढ़ रोड को मिलाने वाले जागृति विहार एक्सटेंशन रोड का कुछ टुकड़ा निर्माण से वंचित है। कई साल गुजर गए लेकिन इसका भी समाधान नहीं हुआ। हवाई पट्टी से उड़ान की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।
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इन्होंने कहा
मोहकमपुर, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव की मुख्य समस्या है जो कई साल से है। इसका समाधान नहीं हुआ। बरसात के मौसम में दिल्ली रोड नाला उफनता है। औद्योगिक इकाइयों में काम प्रभावित होने से लाखों रुपये का नुकसान होता है।
-गौरव जैन, सचिव आइआइए
माधवपुरम में नाले और ग्रीन बेल्ट का निर्माण हुआ है, पर सीवर निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं बन सकी। बरसात में सीवर उफनने से जलभराव होता है। गत दिनों हुई बरसात में चार दिन तक माधवपुरम सेक्टर तीन में घरों के बाहर जलभराव रहा। एड. अमित गुप्ता, माधवपुरम सेक्टर तीन
जयभीम नगर, प्रताप विहार सहित कई मुहल्लों में गर्मियों में पेयजल की समस्या खड़ी होती है। काली नदी किनारे का क्षेत्र होने से दूषित पानी आने के भय से निगम नलकूप नहीं कराता। कई साल से बड़ी आबादी समाधान की मांग कर रही है।
-अमित, जयभीम नगर
वेदव्यासपुरी से हापुड़ रोड तक रिंग रोड प्रस्तावित है। किसानों को नोटिस दे दिए गए लेकिन इसका काम शुरू नहीं हुआ। परतापुर, रिठानी, शंकर नगर, पुठा क्षेत्र शहर में होते हुए भी विकास से दूर हैं। मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
-विनोद कुमार, पूठा, परतापुर
डाॅ. सोमेंद्र तोमर का कहना है कि काफी काम हुए हैं। महरौली और पूठा में इंटर कालेज, गगोल में एक डिग्री कालेज बनवाया है। गगोल तीर्थ, फतेहउल्लापुर में मां ललिता देवी और जागृति विहार में मंशा देवी मंदिर में कार्य किए गए हैं। गगोल में शहीद स्मारक, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर का नाम क्रांतिकारी धनसिंह कोतवाल के नाम किया गया। फफूंडा और गगोल में मिनी खेल स्टेडियम बनाए गए।
डाॅ. तोमर के अनुसार 58 करोड़ से मोहिउद्दीनपुर खरखौदा मार्ग पर आरओबी का निर्माण हो रहा है। पार्कों में ओपन जिम, शहरी क्षेत्र में 50 पार्कों का सुंदरीकरण कार्य, वेदव्यासपुरी में क्रांतिधरा पार्क, मेरठ मंडपम और डायवर्सिटी पार्क का निर्माण हुआ। गगोल से हापुड़ रोड तक सड़क चौड़ीकरण कार्य हुआ है। बिजली बंबा बाईपास चौड़ीकरण और वेदव्यासपुरी से हापुड़ रोड तक इनर रिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। चुनाव से पहले हो जाएगा।
उधर, चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे सपा प्रत्याशी आदिल चौधरी का कहना है कि जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़क, जलनिकासी के लिए नाले-नालियां, सीवर लाइन जैसी सुविधाओं के लिए लोग परेशान हैं। गत दिनों जोरदार बरसात हुई औद्योगिक क्षेत्र से लेकर गली-मुहल्ले तक जलमग्न हो गए थे। मेरठ-रुड़की हाईवे से वेदव्यासपुरी, शताब्दी नगर होते हुए रिंग रोड का निर्माण वादों में रह गया।
बिजली बंबा बाईपास का चौड़ीकरण करने के वादे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। जागृति विहार एक्सटेंशन रोड का समाधान भी नहीं हुआ।