मेरठ: खेल विश्वविद्यालय में भर्ती में नहीं चलेगा दबाव, 108 फीट ऊंचा तिरंगा बनेगा पहचान; राज्यपाल ने की कार्यों की समीक्षा
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पारदर्शी फैकल्टी नियुक्तियों, छात्र सुविधाओं और प ...और पढ़ें

मेरठ में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचीं राज्यपाल।
HighLights
राज्यपाल ने निर्माण कार्यों, सुविधाओं व भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की।
अगस्त तक छात्रावास और अकादमिक ब्लॉक नए सत्र के लिए तैयार।
जागरण संवाददाता, मेरठ। मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने परिसर के विकास, छात्र सुविधाओं, फैकल्टी भर्ती और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए निर्माण संस्था ने प्रथम चरण का निर्माण कार्य 31 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
वहीं 10 अगस्त तक एक बालक छात्रावास, एक बालिका छात्रावास और अकादमिक ब्लाक तैयार कर नए सत्र के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया और पढ़ाई प्रभावित न हो।
राज्यपाल ने परिसर को अधिक व्यवस्थित और काम्पैक्ट बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि डीन, विभागाध्यक्ष (एचओडी) और फैकल्टी कक्षाओं के आसपास ही बैठें, जिससे विद्यार्थियों की नियमित निगरानी और शैक्षणिक गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सके।
गर्ल्स हास्टल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने लान्ड्री को कमरों के बजाय बाहरी हिस्से में कवर क्षेत्र में विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि कमरों का बेहतर उपयोग हो और जल निकासी की व्यवस्था भी सुचारु रहे।
भर्ती में नहीं चलेगा दबाव, गाइडलाइन पर बनेगी नियमावली
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में फैकल्टी नियुक्तियों को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन भावना की गाइडलाइन के अनुरूप विस्तृत नियमावली और स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर शासन से अनुमोदन लिया जाए। इसी नियमावली के आधार पर चयन समिति गठित होगी, जिससे किसी प्रकार का दबाव या विवाद न रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार पद सृजन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और नियमावली की फाइल शासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के अनुमोदन तक पहुंच चुकी है। तृतीय श्रेणी के पदों पर नियुक्तियां शासन स्तर से की जाएंगी।
कामन मेस, 108 फीट तिरंगा और स्पोर्ट्स कालेज होंगे फीडर
समीक्षा बैठक में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग मेस के बजाय एक कामन मेस संचालित करने का सुझाव भी राज्यपाल ने दिया। विश्वविद्यालय परिसर में छात्र और छात्राओं के लिए अलग अलग मेस भवन बने हैं।
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राज्यपाल के निर्देश के बाद दोनों भवनों को कामन मेस बनाते हुए एक को शाकाहारी और दूसरे को मांसाहारी मेस बनाने पर विचार किया जाएगा। राज्यपाल ने निर्माणाधीन भवनों के हैंडओवर के साथ ही फर्नीचर और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर की चारों ओर बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर हरित प्राकृतिक सीमा विकसित करने को कहा।
विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर फ्लैग इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से 108 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया जाएगा, जो दादरी मोड़ से ही दिखाई देगा और विश्वविद्यालय की नई पहचान बनेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल (रि) दीप अहलावत ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न स्पोर्ट्स कालेजों को खेल विश्वविद्यालय का 'फीडर' बनाया जाएगा, ताकि वहां की प्रतिभाओं को यहां बेहतर प्रशिक्षण और उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकें। इसके अलावा बीपीएड और एमपीएड संचालित करने वाले कालेजों को अगले वर्ष विश्वविद्यालय पूरी तरह कार्यशील होने के बाद संबद्ध करने की योजना है।
राज्यपाल ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को भी आवश्यक निर्देश दिए और कहा कि विश्वविद्यालय का विकास ऐसा हो, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी यहां प्रवेश लेने के लिए आकर्षित हों। इस अवसर पर जिलाधिकारी डा. विजय कुमार सिंह, एसएसपी अविनाश पांडे, कुलसचिव सुनील कुमार झा आदि उपस्थित रहे।