युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान, स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन शैली अपनाने का दिया संदेश
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में 'नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत-संकल्प अभियान' का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसमें युवाओं को नशे से दूर रहकर सकारात्म ...और पढ़ें

सीसीएसयू के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन करते कार्यवाहक कुलपति प्रो. हरे कृष्ण (दाएं से दूसरे) व प्रो. केके शर्मा (दाएं)। सौ. सीसीएसयू
HighLights
स्वयं नशे से दूर रहें और अपने मित्र एवं परिवार के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें : डा.रवि राणा
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत-संकल्प अभियान का हुआ शुभारंभ
जागरण संवाददाता, मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में रविवार को जनजागरूकता से ओतप्रोत एवं प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के माध्यम से नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत-संकल्प अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में कार्यवाहक कुलपति प्रो. हरे कृष्ण ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश का युवा वर्ग नशा मुक्त होकर सकारात्मक दिशा में अपनी ऊर्जा का उपयोग करे। युवाओं को अपनी ऊर्जा अनुसंधान, नवाचार, खेल और समाज सेवा में लगानी चाहिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेक्षागृह परिसर में ललित कला विभाग की ओर से विद्यार्थियों द्वारा आयोजित आकर्षक प्रदर्शनी के अवलोकन से हुआ। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने चित्रों एवं कलाकृतियों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन शैली का प्रभावी संदेश दिया। वहीं, प्रदर्शनी को उपस्थित सभी अतिथियों एवं विद्यार्थियों ने सराहा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता व वरिष्ठ न्यूरोसाइकियाट्रिस्ट डा. रवि राणा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को प्रभावित करता है।
तंबाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थ धीरे-धीरे-शरीर के महत्वपूर्ण अंगों हदय, फेफड़े, यकृत, मस्तिष्क तथा तंत्रिका तंत्र को गंभीर रूप से क्षति पहुंचाते हैं। नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर देती हैं। इससे मानसिक तनाव, अवसाद, हिंसात्मक प्रवृत्ति, सड़क दुर्घटनाएं एवं कई सामाजिक अपराध बढ़ते हैं। विद्यार्थियों से आह्वान किया कि स्वयं नशे से दूर रहें। अपने मित्रों एवं परिवार के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। बताया कि अत्यधिक नशा कई बार मृत्यु का कारण भी बन जाता है।
कार्यक्रम समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना डा. डीके चौहान ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया। चीफ प्राक्टर प्रो. वीरपाल सिंह ने अपने उद्बोधन के माध्यम से नशा मुक्ति को आत्मिक शुद्धि एवं सामाजिक उत्थान से जोड़ते हुए सभी को जागरूक किया।
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कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. भूपेंद्र सिंह ने सभी को ध्यान के माध्यम से अंतर्मन की चेतना को सशक्त बनाने का अभ्यास कराया गया। प्रो. सिंह ने सभी को नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत-संकल्प अभियान की शपथ दिलाई। प्रेक्षागृह में सभी ने प्रधानमंत्री के उद्भोधन को आनलाइन माध्यम से सुना और देखा। डा. केके शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में डा. वैशाली पाटिल, डा. संदीप अग्रवाल, डा. आराधना, डा. गार्गी, डा. रजनी श्रीवास्तव, डा. निर्लेप कौर, डा. वंदना, डा. अंजली शर्मा रहे।
नाट्य प्रस्तुति ने किया भावुक
विद्यार्थियों ने नशे के दुष्परिणामों पर आधारित एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति देकर सभी को भावुक कर दिया। नाटक के माध्यम से संदेश दिया गया कि नशा व्यक्ति के सपनों, परिवार की खुशियों और समाज के भविष्य को बर्बाद कर देता है।वहीं, विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति से स्वस्थ जीवन, युवा शक्ति ओर राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।