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    VIDEO: मेरठ में टंकी के टॉप पर पहुंचे आवारा कुत्ते, इन्हें देख पीने के पानी पर "खतरे" के कारण सहमे लोग

    By Sanjeev Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 26 Jul 2026 01:06 PM (GMT+05:30)

    मेरठ के मोदीपुरम में नगर निगम की पानी की टंकी पर तीन आवारा कुत्ते चढ़ गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। टंकी के जीने का दरवाजा खुला मिला, ...और पढ़ें

    HighLights

    1. मोदीपुरम पानी की टंकी पर तीन आवारा कुत्ते जा चढ़े।

    2. टंकी के जीने का दरवाजा खुला मिला, सुरक्षा पर सवाल।

    जागरण संवाददाता, मोदीपुरम (मेरठ)। कंकरखेड़ा की नई गोविंदपुरी स्थित नगर निगम की पानी की टंकी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। पानी की टंकी के टॉप पर मंगलवार को तीन आवारा कुत्ते जा पहुंचे। कुत्तों को टंकी के ऊपर खड़ा देख स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। कुछ लोग टंकी परिसर में पहुंचे तो वहां कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद न था। इतना ही नहीं, टंकी के जीने का दरवाजा भी खुला पड़ा था। ऐसे में स्थानीय लोगों ने पेयजल टंकी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, तीनों आवारा कुत्ते टंकी के टॉप तक कैसे पहुंच गए, यह सवाल भी खड़ा हो गया है। लोगों ने बताया कि टंकी के जीने का दरवाजा खुला होने के कारण कोई भी व्यक्ति आसानी से अंदर प्रवेश कर सकता है और सीढ़ियों के रास्ते टंकी के ऊपर तक पहुंच सकता है। टंकी परिसर में पहुंचने पर स्थानीय लोगों को जीने के आसपास पेड़-पौधे और सब्जी की बेल भी दिखाई दी। इनकी वजह से वहां गंदगी फैल रही है। पेयजल परिसर में गंदगी और अव्यवस्था देखकर लोग भी हैरान रह गए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी की टंकी और उसके आसपास के परिसर की नियमित रूप से साफ-सफाई होनी चाहिए, लेकिन मौके की स्थिति देखकर ऐसा नहीं लग रहा था कि यहां नियमित निगरानी की जा रही है। कुत्तों को टंकी के ऊपर से नीचे उतारने के लिए कुछ युवकों ने प्रयास किया। युवकों ने कुत्तों को बिस्किट और रोटी खिलाने के लिए ऊपर से थोड़ा-थोड़ा टुकड़ा नीचे गिराया। खाने के लालच में तीनों कुत्ते धीरे-धीरे नीचे आ गए। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

    स्थानीय निवासी महेंद्र, पुष्पेंद्र हरि, लवनिश, समेत अन्य लोगों ने कहा कि जिस तरह पानी की टंकी के जीने का दरवाजा खुला पड़ा है और आवारा कुत्ते आसानी से टंकी के टॉप तक पहुंच गए, उससे टंकी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। लोगों ने आशंका जताई कि यदि टंकी के जीने का दरवाजा इसी तरह खुला रहा तो कोई भी शरारती तत्व आसानी से टंकी के टॉप तक पहुंच सकता है। ऐसे में पेयजल की सुरक्षा के साथ-साथ किसी बड़ी घटना की आशंका से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।

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    स्थानीय लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों से पानी की टंकी के जीने का दरवाजा तत्काल बंद कराने, वहां ताला लगाने और नियमित निगरानी की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही टंकी परिसर में फैली गंदगी और पेड़-पौधों व सब्जी की बेल को हटाकर साफ-सफाई कराने की मांग भी की गई है। लोगों का कहना है कि नगर निगम को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए टंकी की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई आवारा पशु या शरारती तत्व टंकी के टॉप तक न पहुंच सके।

    कुत्तों को नीचे उतारने में युवकों ने दिखाई सूझबूझ
    पानी की टंकी के टॉप पर तीन आवारा कुत्तों को देखकर स्थानीय लोग उन्हें नीचे उतारने के लिए परेशान हो गए। इसके बाद कुछ युवकों ने सूझबूझ दिखाते हुए कुत्तों को बिस्किट और रोटी के छोटे-छोटे टुकड़े ऊपर से नीचे गिराए। खाने के लालच में तीनों कुत्ते धीरे-धीरे नीचे उतर आए। युवकों के प्रयास से तीनों कुत्तों को सुरक्षित नीचे लाया जा सका।

    खुला दरवाजा बना सुरक्षा के लिए खतरा
    स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की पानी की टंकी के जीने का दरवाजा खुला होना गंभीर लापरवाही है। यदि आवारा कुत्ते टंकी के टॉप तक पहुंच सकते हैं तो कोई भी शरारती तत्व भी सीढ़ियों के रास्ते वहां तक पहुंच सकता है। लोगों ने टंकी के जीने पर तत्काल ताला लगाने और नियमित निगरानी की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही पेयजल परिसर में फैली गंदगी को दूर कर नियमित साफ-सफाई कराने की भी मांग की गई है।