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    क्या होता है नौतपा ? इसके एक माह पहले ही तपने लगा मेरठ; बोले लोग- अब इतनी गर्मी तो मई-जून में कैसा होगा हाल

    By Om Bajpai Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Tue, 21 Apr 2026 07:44 PM (IST)

    Meerut heatwave : मेरठ में लगातार सात दिनों से पारा 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है, जिससे शहर भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। लोग मई-जून की गर्मी को ले ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मेरठ में लगातार सात दिनों से पारा 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर

    2. नौतपा से पहले ही भीषण गर्मी से लोग परेशान, हीट वेव की चेतावनी।

    ओम बाजपेयी, मेरठ। शहर गर्मी और लू से तप रहा है। लगातार सातवें दिन पारा 39 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना हुआ है। गर्मी के कहर में वृद्धि होने की आशंका है।

    आगामी चार-पांच दिन बरसात का अनुमान नहीं है। मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग ने मेरठ में 25 अप्रैल को हीटवेव का प्रकोप होने की चेतावनी जतायी है। जबकि दिल्ली में बुधवार से लगातार तीन दिनों तक इसकी आशंका जतायी गई है। अधिकतम तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस रहने की आशंका है।

    मंगलवार के दिन भी सूर्य देव अपने पूरे तेवर में दिखे। अधिकतम तापमान 40.3 और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहे। तेज गर्मी से दोपहर में स्कूल से लौटने वाले बच्चों, विद्धार्थियों, राहगीरों और बसों और ट्रेनों में सफर कर रहे लोग हलकान होते नजर आए।

    यह है नौ तपा  

    हिंदू पंचांग के अनुसार नौतपा 25 मई से आरंभ हो रहा है लेकिन उसके पहले ही गर्मी का प्रकोप आरंभ हो गया है। बिल्वेश्वर संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य डा. पंकज झा ने बताया कि सूर्य देव जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तब नौतपा आरंभ होता है। इस दौरान नौ-दस दिनों तक भीषण गर्मी पड़ती है। यह दो जून तक चलेगा।

    वर्ष 2023 से अब तक अप्रैल में इतनी जल्दी और इतना ज्यादा तापमान दर्ज होने का यह पहला मामला है। अभी गर्मी का यह हाल देख कर लोग मई और जून में पड़ने वाली गर्मी को लेकर सिहर रहे हैं।

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    हर सप्ताह बरसात पर अब विराम

    अमूमन ठंड में सक्रिय होने वाले पश्चिम विक्षोभ 12 मार्च के बाद सक्रिय हुए हैं। यही कारण है मार्च और 12 अप्रैल तक जनपद का मौसम बासंती बना हुआ था। अब पश्चिम विक्षोभ कमजोर पड़ रहे हैं। लेकिन गर्मी अधिक पड़ने और कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने से मेरठ में अप्रैल में चार पांच दिनों के अंतराल में बौछारें पड़ रही हैं। पश्चिम विक्षोभ के अब और कमजोर पड़ने की संभावना है।

    लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिम विक्षोभ से जनपद में हर सप्ताह बरसात देखने को मिल रही है। हालांकि पिछले दो सप्ताह में बरसात का फैलाव और मात्रा कम रही है। मौसम विज्ञानियों की अनुसार अब बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नम हवाएं कम हो गई हैं बल्कि अब उत्तर पश्चिमी हवाएं चल रही हैं।

    उत्तर पश्चिम हवाएं गर्म प्रकृति की होने कारण लू का प्रकोप बना हुआ है। मंगलवार को आदृता का अधिकतम प्रतिशत 51 और न्यूनतम प्रतिशत 21 था। जबकि 10 अप्रैल के पहले तक यह 65 प्रतिशत से अधिक पर बना हुआ था।मौसम पर नजर रखने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार एक पश्चिम विक्षोभ 23 अप्रैल को सक्रिय हो रहा है। लेकिन उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। मौसम विभाग ने 22, 23 और 24 को हीटवेव की आशंका जतायी है।

    मेरठ का कुछ दिनों का अधिकतम तापमान

    • 21 अप्रैल 40.3
    • 20 40.4
    • 19 41
    • 18 40.3
    • 17 39.7
    • 16 40
    • 15 39.1