दहेज के लिए विवाहिता को जिंदा जलाने का प्रयास, मेरठ के सरधना का मामला, मायकेवालों को बंधक बनाकर पीटा
मेरठ के सरधना में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को डीजल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। मायके पक्ष के लोगों के विरोध करने पर उन्हें भी ...और पढ़ें

HighLights
दहेज के लिए विवाहिता को डीजल डालकर जलाने का प्रयास।
मायके पक्ष के लोगों को बंधक बनाकर पीटा गया।
पुलिस ने छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सरधना थाना क्षेत्र के गांव अटेरना में एक विवाहिता पर दहेज की मांग पूरी न होने पर डीजल डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया। उधर, जानकारी पर मायके पक्ष के लोग पहुंचे और विरोध किया तो आरोपितों ने उन्हें बंधक बनाकर पीटा। इस दौरान पीड़िता का पिता व बुआ और भाई घायल हो गया। इसके बाद पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जिला गौतमबुद्धनगर के थाना जेवर के गांव मोबलीपुर निवासी पिंकी पुत्री भोजपाल सिंह की शादी करीब पांच वर्ष पूर्व सरधना थाना क्षेत्र के अटेरना गांव निवासी युवक से हुई थी।
आरोप है कि आरोपित ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग कर रहे थे, जिसके चलते आरोपित मारपीट कर परेशान करते थे। शुक्रवार रात भी पति सहित अन्यों ने पिंकी के साथ मारपीट की थी।
आरोप है कि शनिवार को पिंकी के ऊपर डीजल डाल दिया और आग लगाने का प्रयास किया। इसी बीच पिंकी के पिता भोजपाल सिंह, मेरठ की कसेरूखेड़ा निवासी बुआ लक्ष्मी व उनका लड़का अनिल पहुंच गए। जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपितों ने बंधक बनाकर मारपीट की, जिसमें तीनों घायल हो गए।
शोर-शराबा होने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायलों को बंधन मुक्त कराया। इसके बाद पीड़ित थाने में पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
पिता बोले- समय पर नहीं पहुंचते तो बेटी को जिंदा जला देते
पीड़िता के पिता भोजपाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने ही उन्हें फोन कर घटना की जानकारी दी थी। उन्होंने शनिवार को आने की बात कही थी।
भोजपाल सिंह का आरोप है कि यदि वह अपनी बहन के साथ समय पर मौके पर नहीं पहुंचते तो आरोपित उनकी बेटी को जिंदा जला देते। उन्होंने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने पीड़ित को जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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विलाप करती रही पीड़िता, पुलिस का नहीं पसीजा दिल
पीड़िता के पिता भोजपाल सिंह ने बताया कि वह थाने में 12 बजे पहुंचे थे। जिसके बाद उन्होंने तहरीर भी दे दी। लेकिन मेडिकल नहीं करवाया। इस दौरान पीड़िता थाने में घंटों बैठकर विलाप करती रही। किंतु पुलिस का दिल नहीं पसीजा।
जब मामला उच्चाधिकारियों के पहुंचा तो पुलिस ने पौने चार घंटे बाद मेडिकल करवाया। बाद में पुलिस ने पति सूरज, जेठ विशाल, सास मिथलेश, ससुर राज सिंह, सोनी और गजना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।