मेरठ के लेवल-वन ट्रामा सेंटर में बनेंगी चार ओटी, एक ही छत के नीचे मिलेगा समुचित इलाज
मेरठ के लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक लेवल-वन ट्रामा सेंटर दिसंबर तक तैयार हो जाएगा, जिससे गंभीर सड़क दुर्घटना पीड़ितों को गोल्डन आवर में ...और पढ़ें

मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी के पीछे बन रही न्यू बिल्डिंग- जागरण
HighLights
दिसंबर तक तैयार होगा 100 बेड का अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर।
गंभीर सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा गोल्डन आवर में त्वरित इलाज।
चार प्रमुख विशेषज्ञ विभाग एक छत के नीचे उपलब्ध होंगे।
जागरण संवाददाता, मेरठ। लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में बन रहा अत्याधुनिक लेवल-वन ट्रामा सेंटर का भवन दिसंबर तक होने की उम्मीद है। इसमें चार ओटी बनेंगी और अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी।
100 बेड की क्षमता वाले इस ट्रामा सेंटर के शुरू होने से न केवल मेरठ बल्कि आसपास के कई जिलों के रोड एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायलों को गोल्डन आवर (दुर्घटना के एक घंटे के भीतर) में त्वरित उच्चस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
गंभीर घायलों को दिल्ली रेफर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय पर इलाज न मिलने के कारण होने वाली मौतों में कमी आएगी।
एक्सप्रेस-वे, हाइवे से घिरे मेरठ और आसपास के जिलों में रोड एक्सीडेंट बढ़ गए हैं। हर महीने लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में औसतन 550 घायल पहुंच रहे हैं।
एक्सीडेंट इतने भयावह होते हैं कि हाथ-पैर के फ्रैक्चर से ज्यादा चेहरे और हेड इंजरी को संभालना चुनौती होता है। जबड़े टूट जाते हैं। चेहरे की खाल उधड़ जाती है। कान फट जाते हैं। सिर में कई टांके लगाने पड़ते हैं। रक्तस्राव भी बहुत हो जाता है।
ऐसे घायलों की जान बचाना ट्रामा सेंटर में ही संभव हो पाती है। इसी कड़ी में मेडिकल कॉलेज में लेवल वन ट्रामा सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। नवंबर 2025 में 48 करोड़ की लागत से पांच मंजिला ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य जलनिगम सीएंडडीएस ने शुरू किया था। 19 नवंबर 2026 तक काम पूरा करना है।
जलनिगम सीएंडडीएस के अधिकारियों की मानें तो पेड़ों की कटाई और बिजली पोलों की शिफ्टिंग और पुरानी बिल्डिंग तोड़कर ट्रामा सेंटर के लिए जगह खाली करने में समय लगा। हालांकि दिसंबर तक पूरा स्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाएगा। ट्रामा सेंटर में चार अत्याधुनिक आपरेशन थिएटर (ओटी) तैयार किए जा रहे हैं।
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इन ओटी में जीवन रक्षक और आधुनिकतम चिकित्सा उपकरण लगाए जाएंगे। ब्लड यूनिट भी रहेगी। मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने जरूरी मशीनों की सूची तैयार कर ली है, ताकि भवन निर्माण पूरा होते ही मशीनों की स्थापना का काम शुरू किया जा सके। ट्रामा सेंटर का बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर पूरी तरह तैयार हो गया है। इसके ऊपर की तीन मंजिल और बनाने का काम चल रहा है।
एक छत के नीचे बैठेंगे चार बड़े विभागों के विशेषज्ञ
लेवल-वन ट्रामा सेंटर की खासियत यह होगी कि यहां आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सेंटर में एक साथ आर्थोपेडिक (हड्डी रोग),जनरल सर्जरी, न्यूरो सर्जरी (सिर की गंभीर चोटों के लिए) और प्लास्टिक सर्जरी के विशेषज्ञ डाक्टर 24 घंटे तैनात रहेंगे। किसी भी सड़क दुर्घटना के घायल को तत्काल एक ही छत के नीचे संयुक्त उपचार मिल सकेगा।
लेवल वन ट्रामा सेंटर का काम तेजी से पूरा करने का निर्देश जलनिगम सीएंडडीएस को दिया गया है। उपकरणों की सूची बनवायी जा रही है ताकि भवन तैयार होने के साथ उपकरण स्थापित करने से पहले की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। ताकि भवन बनने के बाद जल्द से जल्द इसे शुरू किया जा सके।
-डाॅ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज