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    मेरठ में दिल दहलाने वाला मामला: मां के प्रेमी ने गला रेतकर की छह साल के बच्चे की हत्या

    By Sachin GoyalEdited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Wed, 17 Jun 2026 06:28 PM (IST)

    Meerut News : रामराज से अपहृत छह वर्षीय अंगदवीर का शव नहर किनारे घने जंगल से बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार उसकी मां के प्रेमी ने बच्चे की गला रेतकर हत्या ...और पढ़ें

    बालक अंगदवीर का फाइल फोटो और पुलिस गिरफ्त में आरोपित अर्पित।

    बालक अंगदवीर का फाइल फोटो और पुलिस गिरफ्त में आरोपित अर्पित।

    HighLights

    1. अपहृत छह वर्षीय अंगदवीर का शव बरामद।

    2. मामले में बच्चे की मांग की भूमिका की जांच जारी।

    संवाद सूत्र, हस्तिनापुर (मेरठ)। प्रेमिका का अपने बच्चे से ध्यान हटाने के लिए प्रेमी ने सात वर्षीय बच्चे की गला रेतकर हत्या कर दी। महिला पौने दो साल से पति से अलग रह रही थी, चार दिन पहले ही ससुराल लौटी थी।

    पति दुबई में ड्राइवर की नौकरी करता है, बच्चा अपनी दादी के साथ रहता था। आरोपित प्रेमी बच्चे को खिलौने दिलाने के बहाने उसके घर से कार में बैठाकर ले गया और 25 किमी दूर हस्तिनापुर में गंगनहर किनारे आशा देवी मंदिर के समीप चाकू से बच्चे की गर्दन रेत दी।

    शव को झाड़ियों में फेंककर आरोपित अपने घर लौट गया। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस आरोपित तक पहुंची। पूछताछ में पहले बच्चे को गंगनहर में फेंकने की बात कही। बाद में उसने शव बरामद करा दिया। महिला की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

    आरोपित की कार बरामद कर ली गई है। मूलरूप से पंजाब के पटियाला के बहादुरगढ़ निवासी गुरुसेवक की शादी आठ साल पहले बिजनौर के गांव बडिया निवासी गुरुप्रीत कौर से हुई थी। गुरुसेवक के पिता अवतार सिंह ने पंजाब से आकर मुजफ्फरनगर के गांव जमालपुर में खेती की भूमि खरीदी थी।

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    पिता की मौत के बाद से गुरुसेवक की मां बलजिंदर कौर गांव सैफपुर फिरोजपुर में किराये के मकान में रहती हैं। तीन साल पहले गुरुप्रीत बहसूमा के एंबीशन पब्लिक स्कूल में पढ़ाती थी, स्कूल में मुजफ्फरनगर के मीरापुर निवासी अर्पित पराशर क्लर्क था। दोनों में नजदीकी बढ़ी और प्रेम प्रसंग हो गया। एक साल बाद गुरुसेवक को पता चला तो उसने गुरुप्रीत का स्कूल जाना बंद करा दिया।

    इसके कुछ दिन बाद पति-पत्नी में झगड़ा बढ़ा तो गुरुप्रीत बेटे अंगदवीर को छोड़कर मायके चली गई। डेढ़ साल पहले गुरुसेवक दुबई चला गया। इसी बीच अर्पित की भी शादी हो गई और उसने हापुड़ में एचडीएफसी बैंक में नौकरी शुरू कर दी।

    कुछ दिन मायके में रहने के बाद गुरुप्रीत हापुड़ में किराये का मकान लेकर अकेली रहने लगी। उसका खर्च अर्पित चला रहा था। कुछ दिन पहले गुरुप्रीत सिंगापुर भी घूमने गई थी, हालांकि उसके साथ अर्पित नहीं गया था। लौटने पर मायके चली गई, हाल ही में वह फिर से अर्पित के संपर्क में आ गई। रविवार को गुरुप्रीत बेटे से मिलने सैफपुर आई।

    उसने सास को बताया कि अवसाद की शिकार हो गई है। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि तब से गुरुप्रीत गांव में ही थी। सोमवार को अर्पित भी गुरुप्रीत से मिलने आया। अर्पित मंगलवार को साढ़े 11 बजे अपनी कार में अंगदवीर को लेकर गया और हत्या कर दी। दादी ने बहसूमा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।

    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखी तो अर्पित बच्चे को ले जाता दिखा। अर्पित ने पहले पुलिस को बताया कि बच्चे को गंगनहर में फेंका है। बुधवार को कई घंटे एनडीआरएफ की टीम ने गंगनहर में तलाश की। सख्ती से पूछताछ में अर्पित ने बच्चे का शव बरामद कराया। एसपी देहात का कहना है कि मामले में गुरुप्रीत की भूमिका की भी जांच की जा रही है।