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World Obesity Day: वजन घटाने का कोई शॉर्टकट नहीं, डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया मोटापे को मात देने का असली फॉर्मूला

Published: Tue, 03 Mar 2026 08:55 PM (IST)

आरामदायक जीवनशैली और प्रोसेस्ड फूड के कारण मोटापा एक 'बीमारियों का गुच्छा' बन गया है, जो मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है।

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HighLights

  1. मोटापा बीमारियों का गुच्छा, जीवनशैली व प्रोसेस्ड फूड मुख्य कारण।

  2. डायबिटीज, हृदय रोग, जोड़ों का दर्द, मानसिक तनाव प्रमुख जोखिम।

  3. नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करना समाधान।

जागरण संवाददाता, मेरठ। आरामदायक जीवनशैली और प्रोसेस्ड फूड के बढ़ते चलन के कारण हर साल मोटापे से जुड़ी समस्या बढ़ रही है। यह केवल शारीरिक बनावट का मुद्दा नहीं रह गया है बल्कि इसे ''''बीमारियों का गुच्छा'''' घोषित कर दिया गया है। जब शरीर में त्वचा के नीचे और अंगों के आसपास वसा जमा होने लगती है तो शरीर के मेटाबालिज्म पर बुरा असर पड़ता है।

जिससे कई बीमारियां जन्म लेने लगती है। वजन बढ़ने के साथ व्यक्ति बीमारियों की चपेट में आ जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सक बताते हैं कि मोटापे से बचाव का कोई शार्टकट नहीं है। नई दवाएं सहायक हो रही हैं, लेकिन नियमित व्यायाम और संतुलित खानपान से ही इसे नियंत्रित किया जा सकता है। चार मार्च बुधवार को विश्व मोटापा दिवस है।

मोटापे से होने वाली समस्या

  • टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा रहता है। अतिरिक्त वसा कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति प्रतिरोधी बना देती है।
  • हृदय रोग का खतरा होता है। कोलेस्ट्राल बढ़ने से धमनियां ब्लाक होने लगती हैं। इससे हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • जोड़ों का दर्द की समस्या शुरू हो जाती है। शरीर का बढ़ता वजन घुटनों और रीढ़ की हड्डी पर दबाव डालता है। इससे जोड़ों में घर्षण बढ़ जाता है।
  • मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालता है। मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति चिंता में रहता है। आत्मविश्वास में कमी और डिप्रेशन का शिकार हो जाता है।

बचाव के लिए ये जरूरी

  • चीनी, मैदा और अत्यधिक तेल वाले खाद्य पदार्थों का सेवन तत्काल कम कर दें।
  • फाइबर युक्त ताजे फल, हरी सब्जियां और साबुत अंकुरित अनाज को प्राथमकिता दें।
  • शरीर से विषाक्त पदार्थाें को निकालने के लिए दिन भर में कम से कम तीन लीटर पानी पीएं।
  • प्रतिदिन कम से कम 30-45 मिनट तेज चलना, योग या जिम जाकर व्यायाम करें।
  • व्यायाम कैलोरी बर्न करने के साथ दिल की कार्यक्षमता को भी बढ़ाता है। इससे वजन नियंत्रित रहेगा।
  • वयस्क को दो घंटे से ज्यादा लगातार नहीं बैठना चाहिए। बीच-बीच में टहलें।
  • बच्चों का स्क्रीन टाइम आधे घंटे से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

विशेषज्ञ चिकित्सक ने कहा कि...

मोटापा अपने साथ थायरायड, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, स्ट्रोक, फैटी लिवर, स्लीप एपनिया, मानसिक तनाव जैसी समस्या लाता है। ग्रोथ हार्मोन का संतुलन खराब हो जाता है। हर व्यक्ति को अपना बाडी मास इंडेक्स पता होना चाहिए। शुगर की तरह ये बीमारी भी तेजी से पनप रही है। जिन लोगों का वजन बढ़ रहा है उनको प्रोसेस्ड फूड जैसे मीठा, नमक और चिकनाई को बंद कर देना चाहिए। प्रोटीन डाइड बढ़ा देनी चाहिए। आधे घंटे नियमित रूप से तेज चलने की आदत डालें। नई दवाओं से मोटापे को कम करने में मदद मिल रही है। -डा. तनुराज सिरोही, वरिष्ठ फिजिशियन।

बच्चों में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसकी कई वजहे हैं। एक तो उनकी डाइट में जंकफूड, प्रोसेस्ड फूड शामिल हैं। कार्बोहाइड्रेट व वसा वाले व्यंजन अधिक खाते हैं। तला-भुना कम दें। पिज्जा, बर्गर, कोल्ड ड्रिंक का सेवन कम करें। प्रोटीन डाइट जैसे दूध, दही, पनीर, अंडा, सोयाबीन, दालें हरी सब्जियां, मौसमी ताजे फलों का सेवन कराएं। बच्चे मोबाइल पर अधिक व्यस्त रहते हैं। जिससे उनकी खेल गतिविधि खत्म हो रही है। बैठे-बैठे स्क्रीन टाइम अधिक होने से मोटापा बढ़ रहा है। बच्चों को आधे घंटे से ज्यादा मोबाइल न देखने दें। -डा. अमित उपाध्याय, बाल रोग विशेषज्ञ।

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