प्रत्यूष शर्मा बने असिस्टेंट कमांडेंट: असफलताओं से नहीं मानी हार, UPSC-CAPF में 92वीं रैंक; बताई सफलता की कहानी
प्रत्यूष शर्मा ने यूपीएससी सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में 92वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल कर मेरठ का नाम रोशन किया है। कई असफलताओं के बावजूद उन्ह ...और पढ़ें

प्रत्यूष शर्मा।
HighLights
प्रत्यूष शर्मा ने सीएपीएफ परीक्षा में 92वीं रैंक हासिल की।
कई असफलताओं के बाद भी नहीं मानी हार, बने प्रेरणा।
पिता पुलिस अधिकारी, मां प्रोफेसर, परिवार से मिला सहयोग।
जागरण संवाददाता, मेरठ। प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार मिलने वाली असफलताओं को चुनौती मानकर लगातार मेहनत करने वाले मेरठ के प्रत्यूष शर्मा ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है।
प्रत्यूष ने शुक्रवार को जारी अंतिम परिणाम में आल इंडिया 92वीं रैंक प्राप्त कर परिवार और मेरठ का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणादायी है, जो नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
कई असफलताओं के बाद भी नहीं मानी हार
प्रत्यूष शर्मा का परिवार मेरठ के शास्त्रीनगर में रहता है, जबकि उनका मूल निवास अलीगढ़ है। वर्तमान में प्रत्यूष भारतीय खाद्य निगम (एसीआइ) में कार्यरत हैं। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी जारी रखी। वर्षों के अनुशासित अध्ययन और निरंतर प्रयास के बाद उन्हें सीएपीएफ परीक्षा में यह उल्लेखनीय सफलता मिली।

प्रत्यूष।
सीडीएस और एफसीएटी में साक्षात्कार तक पहुंचे, लेकिन चयन नहीं हुआ
प्रत्यूष की सफलता की कहानी केवल एक परीक्षा में मिले परिणाम की कहानी नहीं है। इससे पहले उन्होंने सीडीएस और एफसीएटी जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कई बार सफलता की दिशा में कदम बढ़ाया और साक्षात्कार चरण तक पहुंचे। हालांकि अंतिम चयन नहीं हो सका। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हर असफल प्रयास से अपनी कमियों को समझा और तैयारी की रणनीति में सुधार करते हुए आगे बढ़ते रहे।
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पिता पुलिस अधिकारी, मां विश्वविद्यालय में प्रोफेसर
प्रत्यूष के पिता मनोज शर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी एसपी) हैं और वर्तमान में सीआईडी मेरठ में तैनात हैं। उनकी मां प्रो. (डॉ.) सीमा शर्मा स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ में प्रोफेसर व भाषा विभागाध्यक्ष हैं। परिवार में शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का वातावरण रहा, जिसने प्रत्यूष के व्यक्तित्व और लक्ष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत किया।

प्रत्यूष का परिवार।
असफलता को बनाया सफलता की सीढ़ी
प्रत्यूष की उपलब्धि यह संदेश देती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए केवल प्रतिभा ही पर्याप्त नहीं, बल्कि धैर्य, निरंतरता, अनुशासन और असफलताओं से सीखने का साहस भी जरूरी है। कई प्रयासों के बाद मिली 92वीं रैंक ने उनकी वर्षों की मेहनत को सफल कर दिया।
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प्रत्यूष की सफलता पर परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में प्रत्यूष अपनी प्रतिभा और कर्तव्यनिष्ठा के साथ देशसेवा में भी उत्कृष्ट योगदान देंगे।