सिवालखास विधानसभा क्षेत्र: बुनियादी समस्याएं आज भी जस की तस, विधायक बोले- क्षेत्र में समान रूप से कराए विकास कार्य
Uttar Pradesh MLA Report Card: सिवालखास विधानसभा क्षेत्र में जर्जर सड़कें, जलभराव और परिवहन सेवा की कमी जैसी बुनियादी समस्याएं आज भी बनी हुई हैं, जबकि ...और पढ़ें

सिवालखास विधानसभा क्षेत्र
HighLights
सिवालखास में जर्जर सड़कें, जलभराव जैसी बुनियादी समस्याएं बरकरार।
विधायक गुलाम मोहम्मद ने क्षेत्र में समान विकास का किया दावा।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सिवालखास विधानसभा क्षेत्र की जनता से हर चुनाव में विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। जनता वादों पर भरोसा कर लेती है, लेकिन हर बार उसके हाथ खाली ही रहते हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव में जनता ने रालोद प्रत्याशी गुलाम मोहम्मद एक बार फिर भरोसा जताया। उन्हें उम्मीद थी कि बदहाल सड़कों की दशा बदलेगी, जलभराव से मुक्ति मिलेगी, बिजली आपूर्ति दुरुस्त होगी, मेरठ से सरूरपुर, करनावल और हर्रा तक परिवहन सेवा बहाल होगी और सिवालखास में राजकीय डिग्री कालेज बनेगा...लेकिन कुछ नहीं हो सका। बुनियादी समस्याएं आज भी जस की तस हैं। जनता के दर्द पर विधायक की तरफ से सिर्फ आश्वासन का मरहम लगाया जाता रहा, समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
हाईवे से उतरते ही घाट गांव की तरफ जाने वाले रास्ते की सड़कें जर्जर हैं। जगह-जगह गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण बरसात में जलभराव होता है। रासना नारंगपुर संपर्क मार्ग, रोहटा, खिवाई, हर्रा व जसड़ में भी यही हालात हैं। रोहटा में तालाब की सफाई नहीं हुई है।
युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए सिवालखास में राजकीय डिग्री कालेज की स्थापना कराए जाने की मांग भी ठंडे बस्ते में पड़ी है। केंद्र व प्रदेश में गठबंधन की सरकार होने के बाद भी ये मांग पूरी नहीं करा सके। बिजली कटौती को लेकर भी जनता की आवाज को अनसुना कर दिया गया।
न तो ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि हुई और न ही नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण कराया जा सका। निराश्रित गोवंशी को भी गोआश्रय स्थलों में नहीं भेजा जा सका।
क्षेत्र का सबसे बड़ा मुद्दा परिवहन सेवा का है। तीन साल पहले तक सरूरपुर से मेरठ, करनावल से मेरठ, पथौली से मेरठ और हर्रा से मेरठ तक परिवहन निगम की बस संचालित होती थी। इन बसों की आरसी का समय पूरा होने के बाद बंद हईं तो दोबारा से नई बसें सड़कों पर नहीं उतर सकीं। सिवालखास कस्बे में डेरी से निकलने वाला गोबर नालों में बहाया जाता है, इससे नाले चोक रहते हैं। बरसात में जलभराव का कारण बनता है। समाधान की मांग उठती रही लेकिन पूरी नहीं हो सकी।
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सिवालखास विधानसभा क्षेत्र
- पुरुष 1,64,445
- महिला 1,32,023
- कुल मतदाता 2,96,485
क्षेत्र में समान रूप से विकास कार्य कराए: विधायक
विधायक गुलाम मोहम्मद का कहना है कि खिवाई से टीकरी तक सड़क का चौड़ीकरण हुआ है। सतवाई से ढढरा समेत कई लिंक रोड का निर्माण हुआ है। धार्मिक स्थलों को आपस में जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण कराया है। घाट गांव को मेरठ-रुड़की हाईवे पुराना (एनएच-58) से जोड़ने का कार्य कराया जाएगा। जो सड़कें अभी नहीं बनी हैं उन्हें आगामी योजना में बनवाया जाएगा।
विधायक के अनुसार सिवालखास कस्बे में डिग्री कालेज का संचालन इस साल आरंभ हो जाएगा। हर्रा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हो रहा है। इन दोनों से पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा। पूरे विधानसभा क्षेत्र में समान रूप से विकास कार्य कराए हैं, किसी के साथ भेदभाव नहीं हुआ। विधायक निधि ही नहीं प्रदेश सरकार व केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में आवश्यक सुविधाओं की पूर्ति का प्रयास किया है।
विधायक अपने खास लोगों को छोड़कर अन्य का फोन तक रिसीव नहीं करते: बसपा प्रत्याशी
2022 के चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे मुकर्रम अली उर्फ नन्हे प्रधान का कहना है कि विधायक अपने खास लोगों को छोड़कर अन्य का फोन रिसीव नहीं करते हैं। न तो नए मार्गों का निर्माण हुआ, न ही जर्जर सड़कों की मरम्मत कराई गई। पूरा क्षेत्र समस्याओं से भरा हुआ है। वर्तमान में वह सरकार में हैं फिर भी क्षेत्र में कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति सुचारु रखने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की तैनाती और परिवहन सेवा तक ठीक नहीं करा पाए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी आबादी है। स्कूल-कालेज के लिए बसों की सुविधा नहीं है। सिवालखास में राजकीय डिग्री कालेज का लंबे समय से इंतजार हो रहा है, पता नहीं कब संचालन होगा।
जनता कहिन
थोड़ी-सी बरसात में पूरे कस्बे में जलभराव हो जाता है। अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक को इस समस्या के बारे में अवगत कराया गया लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। पानी की निकासी ठीक हो तो इस तरह के हालात न बनें।
-निमेश शर्मा, खिवाई कस्बा।
खिवाई में डेरी जगह-जगह खुली हुई हैं। कुछ डेरी संचालक नालियों में गोबर बहा रहे हैं, जिससे नाली व नाले चोक होन से पानी की निकासी बंद हो जाती है। गलियों में पानी भर जाता है। विधायक इसका समाधान नहीं करवा पाए।
- अजय ठाकुर, खिवाई कस्बा।
रोहटा में गंदा पानी तालाब में एकत्र होता है। बरसात के दौरान तालाब ओवरफ्लो हो जाता है। पानी गलियों और घरों में पहुंच जाता है। तालाब की नियमित सफाई को लेकर गंभीरता नहीं बरती गई। विधायक को इन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
- विरेंद्र कुमार, रोहटा।
सिवालखास में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। हल्की बरसात में दो-तीन फीट तक पानी का जमाव रास्तों पर हो जाता है। इससे आवागमन प्रभावित होता है। हादसे का डर बना रहता है। सड़क किनारे रखे ट्रांसफार्मरों को भी सुरक्षित नहीं कराया गया।
-सलीम चौधरी, सिवालखास