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    बस एक पंजीकरण! जन्म से बुढ़ापे तक हर कदम पर आपके साथ खड़ी है प्रदेश सरकार

    By Sarvendra Pundir Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:09 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश सरकार निर्माण श्रमिकों के लिए जन्म से वृद्धावस्था तक विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं में मातृत्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, वि ...और पढ़ें

    (प्रतीकात्मक फोटो)

    (प्रतीकात्मक फोटो)

    HighLights

    1. निर्माण श्रमिकों के लिए सरकार वर्तमान में चला रही है 12 से अधिक योजना

    2. अब तक एक लाख से अधिक पंजीकरण, 87 हजार से अधिक को मिला लाभ

    जागरण संवाददाता, मेरठ। ईंट, सीमेंट और लोहे के बीच पसीना बहाकर शहरों और गांवों की तस्वीर बदलने वाले निर्माण श्रमिकों के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवारों को मातृत्व, बच्चों की शिक्षा, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, विवाह, आवासीय शिक्षा, पेंशन और आपदा जैसी परिस्थितियों में आर्थिक संबल देना है। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को जन्म से लेकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और वृद्धावस्था तक हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। बता रहे हैं कि सहायक श्रम आयुक्त राजेश मिश्रा कि श्रमिकों के लिए कौन सी योजना चल रही है और उससे क्या लाभ मिलता है।

    मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना
    इस योजना के तहत बेटे के जन्म पर 20 हजार और बेटी के जन्म पर 25 हजार रुपये एकमुश्त दिए जाते हैं। इसके अलावा पुरुष को हर माह छह हजार रुपये दिए जाते हैं।

    संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना
    श्रमिकों के बच्चों को कक्षा एक से उच्च शिक्षा तक दो हजार रुपये से लेकर एक लाख तक रुपये दिए जाते हैं। वहीं, जब बच्चा कक्षा नौ पास कर लेता है तो उसे साइकिल खरीदने पर भी सब्सिडी दी जाती है।

    कौशल विकास, उन्नयन एवं प्रमाणन योजना
    निर्माण श्रमिकों को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को विकसित किया जाता है। प्रशिक्षण के बाद प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाता है, जिससे रोजगार के बेहतर अवसर और आय बढ़ाने में सहायता मिलती है।

    खबरें और भी

    कन्या विवाह सहायता योजना
    श्रमिक की बेटी का विवाह होता है तो विभाग उन्हें 65 हजार से लेकर 85 हजार रुपये तक देता है। खास बात यह है कि यदि श्रमिक को दो पुत्रियां हैं तो दोनों को यह लाभ मिलेगा।

    गंभीर बीमारी सहायता योजना
    हर श्रमिका का आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है। जिसमें पांच लाख तक का उपचार दिया जा रहा है। वहीं, 21 वर्ष तक के बेटे-बेटी का अलग से निश्शुल्क उपचार सुविधा है।

    महात्मा गांधी पेंशन योजना
    श्रमिका यदि पंजीकरण के बाद लगातार 10 साल तक अंशदान जमा करता है तो सेवानिवृत्ति उम्र के बाद उसे एक हजार रुपये ताउम्र पेंशन के रूप में मिलेंगे।

    आवासीय विद्यालय सहायता योजना
    श्रमिकों के छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की निश्शुल्क व्यवस्था है। यह कक्षा 10वीं तक सुविधा दी जाती है।

    निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना
    दुर्घटना में मौत होने पर पांच लाख, सामान्य मौत पर दो लाख, 100 प्रतिशत दिव्यांग होने पर चार लाख, 100 प्रतिशत से कम दिव्यांग होने पर तीन लाख, मौत होने पर 25 हजार रुपये अंत्येष्टी के खर्च के स्वजन को मिलते हैं।

    अटल आवासीय विद्यालय योजना
    श्रमिक के बच्चों को कक्षा एक से 12वीं तक अटल आवास में रहकर निश्शुल्क पढ़ाई की व्यवस्था है। यहां पर भोजन, पुस्तकें, आवास आदि की सुविधा दी जाती है।

    आपदा राहत सहायता योजना
    प्राकृतिक या अन्य आकस्मिक आपदा से प्रभावित पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को त्वरित एक हजार रुपये की हर माह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह आजीवन मिलेगी।