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    गांव के स्कूल से पढ़ाई शुरू करने वाले मेरठ के प्रशांत ने UPSC CDS में पाई AIR 37वीं रैंक, बनेंगे सेना में लेफ्टिनेंट

    By Rajendra Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 08 Aug 2026 07:20 PM (IST)

    मेरठ के प्रशांत कुमार ने यूपीएससी सीडीएस द्वितीय-2025 परीक्षा में 37वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल कर अपने गांव और जिले का नाम रोशन किया है। वह अब सेना मे ...और पढ़ें

    प्रशांत कुमार

    प्रशांत कुमार 

    HighLights

    1. पिता का सपना किया पूरा, आर्थिक संकट से भी जूझा परिवार, लहराया परचम।

    2. चेन्नई में प्रशिक्षण पूरा करने के उपरांत सेना में लेफ्टिनेंट बनेंगे प्रशांत कुमार।

    जागरण संवाददाता, मेरठ। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से आयोजित कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (सीडीएस द्वितीय-2025) परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में जिले के ग्राम नवीपुर अमानत नगर मवाना निवासी मेधावी प्रशांत कुमार ने आल इंडिया में 37 वीं रैंक प्राप्त कर अपने गांव व जिले के साथ पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है।

    गांव के स्कूल से प्राप्त की प्रारंभिक परीक्षा

    मेधावी प्रशांत कुमार ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल से प्राप्त की। दसवीं की परीक्षा गांधी स्मारक देवनागरी इंटर कालेज परीक्षितगढ़ से वर्ष -16 में 78.32 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। बारहवीं की परीक्षा सनातन धर्म इंटर कालेज सदर वेस्ट एंड रोड से वर्ष-18 में 79.80 प्रतिशत अंकों से पास की। जबकि मेरठ कालेज से बीए की परीक्षा उत्तीर्ण की। बारहवीं की परीक्षा के बाद ही प्रशांत ने अपनी तैयारी शुरू कर दी थी।

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    भाभी रितिका, बड़े भाई चेतन कुमार, निशांत कुमार, माता गीता देवी, प्रशांत कुमार (पीली टी-शर्ट में) व बड़े भाई अक्षय कुमार (दाएं से बांए) सौ. स्वजन

    किसान पिता का सपना किया पूरा

    प्रशांत के पिता स्व. सुनील कुमार पेशे से लघु किसान थे। चार बीघा जमीन पर ही पूरा परिवार निर्भर था। उनका यह सपना था कि उनके बेटे सेना में जाकर देश की सेवा करें। वे प्रशांत को चाहते कि आर्मी में जाकर अधिकारी बने और देश की सेवा करे। वर्ष-2017 सितंबर में किसान पिता का हार्ट अटैक से निधन हो गया। जिससे पूरे परिवार को झटका लगा। प्रशांत उस समय 12 वीं में पढ़ रहे थे। पिता के निधन के कारण परिवार को आर्थिक संकट से भी गुजरना पड़ा, लेकिन बेटों ने भी हार नहीं मानी।

    सबसे बड़े भाई चेतन निजी कंपनी में साइबर सिक्योरिटी आफीसर हैं। छोटे भाई निशांत प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। सबसे छोटे भाई अक्षय भी वायुसेना में हैं। उनके सपने को पूरा करने के लिए प्रशांत ने भी दिनरात कड़ी मेहनत की। प्रशांत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्वजन, शिक्षकों, दोस्तों एवं मेंटर एकेडमी के तरुण गोयल सर को दिया है। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब वे आफीसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में सितंबर माह से शुरू होने वाले करीब 11 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सेना में लेफ्टिनेंट पद पर ज्वाइन करेंगे।

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    तीन चरणों में होती है परीक्षा

    यूपीएससी सीडीएस चयन प्रक्रिया तीन बेहद कठिन चरणों में पूरी होती है। इनमें लिखित परीक्षा प्रथम चरण में राष्ट्रीय स्तर पर होती है। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को पांच दिवसीय कठिन व्यक्तित्व एवं बौद्धिक परीक्षण (एसएसबी) से गुज़रना होता है। मेडिकल परीक्षण में अनुशंसित अभ्यर्थियों काे पांच से सात दिनों तक गहन चिकित्सीय परीक्षण होता है।

    इन सभी चरणों एवं विस्तृत प्रक्रियाओं को सफलतापूर्वक पार करने के बाद आयोग द्वारा जारी अंतिम मेरिट सूची में प्रशांत कुमार ने 37 वां स्थान प्राप्त किया है। वहीं, प्रशांत कुमार का चयन विभिन्न अन्य सरकारी संस्थाओं एवं सैन्य सेवाओं के लिए भी हो चुका है। वहीं, गांव नवीपुर अमानत नगर तथा आसपास के क्षेत्र में इस उपलब्धि से खुशी की लहर है और लोग उनके परिवार को बधाई दे रहे हैं।