मीरजापुर में पकड़े गए बांग्लादेशियों को नहीं मिली जमानत, जेल में ही रहना होगा, फर्जी दस्तावेजों से कर रहे थे नौकरी
मीरजापुर में फर्जी दस्तावेजों के साथ पकड़े गए दो बांग्लादेशी नागरिकों की जमानत याचिका अपर जिला जज ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से ...और पढ़ें

मीरजापुर में फर्जी दस्तावेज वाले बांग्लादेशियों को नहीं मिली जमानत कोर्ट ने कहा राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला।
HighLights
बांग्लादेशी नागरिकों की जमानत याचिका कोर्ट ने की खारिज।
फर्जी आधार पैन कार्ड से कर रहे थे नौकरी।
न्यायालय ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बताया।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। गत दिनों कटरा कोतवाली पुलिस के द्वारा पकड़े गए दो बांग्लादेशी जेल से बाहर नहीं निकलेंगे। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने दोनों आरोपितों के अधिवक्ताओं की दलीने सुनने के बाद उनकी जमानत याचिका निरस्त कर दी है। कोर्ट ने कहा कि मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है।
जिनके कानून से इन आरोपितों ने धोखाधड़ी की है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता इनको जमानत दिए जाने का कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं कर सके है। इसलिए इनकी जमानत याचिका निरस्त की जाती है। कटरा कोतवाली पुलिस ने सात अप्रैल 2026 को रेलवे स्टेशन परिसर से चार बांग्लादेशियों काे पकड़ा था।
पकड़े गए एक आरेापित बांग्लादेश के विभाग रंगपुर प्रदेश स्थित जिला ठाकुगांव थाना पीरगंज क्षेत्र के दनाजपुर निवासी मो. सबूज हुसैन ने बताया कि उसका भाई सब्बीर हुसैन उसे नरेश दास व जयदास के साथ बांग्लादेश से लाया है। वे पड़री के डगमगपुर स्थित प्रदीप सिंह के पीके क्रशर प्लांट पर काम करते है। पुलिस ने सभी को क्रशर प्लांट पहुंचकर गिरफ्तार कर लिया था।
इनके पास से आधार कार्ड सहित अन्य सामान बरामद हुए थे। दोनों आरोपित कूटरचित तरीके से ग्राम दसौती पोस्ट सीधी, कैमूर के पते पर आधार और पैन कार्ड बनवाकर पांच साल से क्रशर प्लांट पर काम कर रहे थे। जब्त मोबाइल से पुलिस को आधार कार्ड, पैन कार्ड बांग्लादेश की वोटर आईडी पासपोर्ट सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए है।
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आरोपितों पर जालसाजी व गलत पहचान फर्जी दस्तावेज नागरिकता अधिनियम और अप्रवास और विदेशी विषयक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। गिरफ्तार जय दास और नरेश दास ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जेल से जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने दोनों आरोपिताें की जमानत निरस्त कर दी।