मीरजापुर में आ गया आदमखोर जानवर, गुलाब के फूल के खेत में नौ साल की बच्ची की मिली हड्डियों से गहराया शक
मीरजापुर के कछवां क्षेत्र में एक बंजारे की नौ माह की लापता बेटी करिश्मा की खोपड़ी व हड्डियां गुलाब के खेत में मिलीं। पुलिस को आशंका है कि किसी आदमखोर ...और पढ़ें

मीरजापुर में लापता नौ माह की बच्ची का कंकाल मिला, आदमखोर जानवर का शक गहराया।
HighLights
नौ माह की लापता बच्ची करिश्मा का कंकाल मिला।
मीरजापुर के गुलाब के खेत में हड्डियां बरामद।
पुलिस को आदमखोर जानवर के हमले का शक।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। यूपी में विगत वर्षों में बाढ़ और बारिश के दौरान आदमखोर भेड़ियों के झुंड के हमलों की याद इस बार मीरजापुर जिले ने ताजा की है। जिले के कछवां क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र आही के पास टेंट लगाकर रह रहे एक बंजारे की नौ माह की लापता बेटी करिश्मा का चौथे दिन शनिवार सुबह उपकेंद्र के सामने गुलाब के फूल के खेत में खोपड़ी व क्षत-विक्षत हड्डियां मिलीं।
पुलिस का कहना है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कोई जानवर बालिका को उठा ले गया और मारकर मांस खा गया। बंजारे के टेंट से लगभग तीन सौ मीटर दूर ही बालिका का कंकाल बरामद होने पर लोगों में भय व्याप्त हो गया है। मोहम्मद अकबर अपनी पत्नी जकीना व नौ बच्चों के साथ विद्युत उपकेंद्र आही के पास आम के बगीचे में अस्थाई रूप से टेंट लगाकर रहते हैं।
बुधवार भोर जकीना अपनी नौ माह की नौवीं बेटी करिश्मा को लेकर चारपाई पर सोई थी। इसी दौरान बालिका गायब हो गई। जब मां की नींद खुली तो करिश्मा को गायब देख शोर मचाने लगी। शोरगुल सुनकर पति व अन्य लोग पहुंचे। पुलिस, वन विभाग, फारेंसिक टीम तीन दिनों तक खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
चौथे दिन एक महिला खेत में फूल तोड़ने गई तो देखा कि वहां घास में बालिका की हड्डियां बिखरी पड़ी थीं। उसने गांव के लोगों को बुलाया। बालिका के स्वजन भी पहुंच गए। फारेंसिक टीम के प्रभारी आनंद सिंह व जमुआ चौकी प्रभारी श्रीराम सिंह पटेल ने हड्डियों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। इस दौरान मौके पर भारी भीड़ भी लगी रही। लेकिन आदमखोर जानवर होने की जानकारी सामने आने के बाद लोगों में भय की स्थिति बनी हुई है।