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    पुरानी माेबाइल खरीदकर उसका डाटा बेचने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगों का भंडाफोड़, आठ आरोपित गिरफ्तार

    By Prashant YadavEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Wed, 18 Mar 2026 04:03 PM (IST)

    मीरजापुर पुलिस ने लालगंज के तेंदुई टोल प्लाजा के पास से एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये पुरानी मोबाइल खरीदकर उनका ...और पढ़ें

    मीरजापुर में अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, पुराने मोबाइल डेटा बेचकर करते थे ठगी।

    मीरजापुर में अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, पुराने मोबाइल डेटा बेचकर करते थे ठगी।

    HighLights

    1. आठ अंतरराज्यीय साइबर ठग मीरजापुर में गिरफ्तार।

    2. पुरानी मोबाइल का डेटा बेचकर करते थे धोखाधड़ी।

    3. 11,605 मोबाइल और नकदी बरामद की गई।

    जागरण संवाददाता, मीरजापुर। सीओ लालगंज अमर बहादुर के नेतृत्व में लालगंज, एसओजी व सविüलांस की संयुक्त टीम ने पुरानी माेबाइल खरीदकर उसका डाटा बिहार व झारखंड के साइबर ठगों को बेचने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के आठ आरोपितों को वाराणसी- रीवा नेशनल हाइवे 135 पर लालगंज के तेंदुई टोल प्लाजा के पास से सोमवार की रात पकड़ा।

    माैके से पकड़ी गई एक डीसीएम की तलाशी ली गई तो उसमें से 11,605 पुरानी माेबाइल, आठ बाइक, प्लास्टिक की वस्तुएं व आरोपितों के पास से 48,800 रुपये बरामद हुए है। पकड़े गए आरेापित हैदराबाद से माेबाइल खरीदकर बिहार के कटिहार में साइबर ठगों को बेचने के लिए ले जा रहे थे। आरोपितों के विरुद्ध धाेखाधड़ी, साइबर ठगी सहित अन्य आरोप में मुकदमा दजü करके मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के यहां पेश किया गया। जहां सभी को जेल भेज दिया गया है। यह बातें पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत काैशिक ने पुलिस लाइन में मंगलवार की शाम छह बजे बताई।

    डन्होंने बताया कि सूचन मिली थी कि बिहार के कटियार का अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह है। जो अपने गिराेह के लोगों को यूपी, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित अन्य स्थानों पर भेजकर पुरानी माेबाइल की खरीद कराने का काम करते है। उसके बदले रुपये या सामाने देने का काम कराते है। खरीदे गए मोबाइल के माध्यम से उसके नंबर, बैंक एकाउंट, आधार नंबर आदि डाटा निकाल लेते है। जिसके आधार पर वह लोगों को फोन कर उनके साथ साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते है।

    जानकारी पर सीओ लालगंज के नेतृत्व में एसओजी प्रभारी राजीव सिंह, लालगंज थानेदार अभय सिंह व सविüलांस के लोग इनकी तलाश में लगे थे। सोमवार की रात को लालगंज के तेंदुई टोल के पास एक डीसीएम आते हुए दिखाई दी। जिसको रोककर तलाश ली गई तो उसमें दस बोरियाें में 11605 माेबाइल मिले। माैके से आठ आरोपित पकड़े गए। इसमें बिहार के जनपद कटिहार स्थित थाना रौतरा क्षेत्र के हथियादिरा बहाचारी माेहल्ल के रहने वाले माे. अनारूल, कटियार के थाना बरारी क्षेत्र के काैआ, माेड़ सिसिया गांव के रहने वाले माे. दिल फराज, कटियार थाना रौतरा के हथिया दियहरा निवासी सीताबुल, माे. अहमद, मो. हसन, जनपद पूर्ण‍ि‍या के थाना घाटा क्षेत्र के बनेली निवासी हसीबुर रहमान, साबिर आलम, कटियार के थाना मुसिल क्षेत्र के हथियाडेरी माे. सफीक शामिल है।

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    आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन लोगों का गिरोह है जो देश के अलग अलग राज्याें यूपी, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, गुजरात, मुंबई आदि स्थानों पर जाकर पुराने माेबाइल खरीदने का काम करता है। जिसके इकटठा करके वह लोग बिहार ले आते है। जहां माेबाइल फोन का डाटा रिकवर करके साइबर ठगों को बेच देते है। एक मजदूर के खाते में लगभग 45 लाख रुपये का दो वषोü में टनü ओवर हुआ है।

    ऐसे देते थे घटना को अंजाम
    अंतरराज्यीय माेबाइल डाटा चोर गिरोह के आरोपित ने हैदराबद में एक किराए का मकान ले रखा था। जिसमें सभी सुबह गांव गांव शहर शहर निकलकर पुराने ख्रराब माेबाइल को 20 से 50 रुपये या टब, बाल्टी आदि सामान देकर खरीदते थे। जिसको इकटठा करते थे। इसके बाद उस माेबाइल को लेकर बिहार जाते थे। जहां साइबर ठगों की टीम माेबाइल से मदरबोर्ड से उसका सारा डाटा निकालकर साइबर ठगों को बेचते थे। इसमें उनके माेबाइल नंबर, बैंक एकाउंट, आधार नंबर, पैन नंबर शामिल होते थे।