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    26 हजार करोड़ से बदलेगा विंध्य क्षेत्र का औद्योगिक परिदृश्य, स्वरोजगार से भी जुड़ेंगे युवा

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 03:26 PM (IST)

    मीरजापुर में ग्राउंडिंग ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5.0) के तहत 26 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। यह निवेश जिले के औद्योगिक परिदृश्य को ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

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    HighLights

    1. मीरजापुर में 26 हजार करोड़ रुपये का निवेश लक्ष्य।

    2. पाइप, इस्पात, सीमेंट जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार होगा।

    3. हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

    जागरण संवाददाता, मीरजापुर। धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध मीरजापुर अब औद्योगिक विकास की नई इबारत लिखने की तैयारी में है। प्रस्तावित ग्राउंडिंग ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5.0) के तहत जिले में 26 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया गया है।

    जिले में पाइप, इस्पात, सीमेंट, बायोडीजल, धातु रिफाइनरी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय इकाइयों ने निवेश और रोजगार सृजन की मजबूत नींव तैयार की है।

    निवेश परियोजनाओं के धरातल पर उतरते ही उद्योग, व्यापार, रोजगार और आधारभूत ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे युवाओं को रोजगार मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।

    अपोलो पाइप लिमिटेड में लगभग 151 करोड़ रुपये का निवेश और करीब 200 रोजगार, मां महामाया इस्पात में 127 करोड़ रुपये का निवेश, आरएलजे सीमेंट में 77.48 करोड़ रुपये का निवेश तथा देवी फूड्स सहित अन्य इकाइयों में हुए निवेश से औद्योगिक गतिविधियां तेज हुई हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नए निवेश आने से सहायक उद्योग, परिवहन, पैकेजिंग, गोदाम, होटल और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। इससे जिले की प्रति व्यक्ति आय बढ़ने और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावना मजबूत हुई है। मीरजापुर अब पारंपरिक पहचान से आगे बढ़कर उभरते औद्योगिक जिले के रूप में अपनी नई पहचान गढ़ता दिखाई दे रहा है।

    निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने का प्रयास

    संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि निवेशकों को उद्योग विभाग की ओर से हर स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है। सभी निवेश प्रस्तावों को समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।

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    उन्होंने कहा कि 26 हजार करोड़ रुपये का निवेश मीरजापुर को औद्योगिक विकास की नई ऊंचाई देगा और इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के जरिए युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल तेज की गई है।

    बैंक ऋण और सरकारी सहायता मिलने से युवा स्वयं का उद्योग स्थापित कर सकेंगे। इससे गांवों और कस्बों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

    निवेशकों की हर समस्या का होगा समयबद्ध समाधान

    जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कहा कि जनपद में निवेश बढ़ाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान, परियोजनाओं का शीघ्र क्रियान्वयन और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि बड़े निवेश से जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

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