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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: 12th पास चला रहा था नर्सिंग होम, मुरादाबाद आशियाना कॉलाेनी में खुले अस्पताल पर लगी सील; दवाएं जब्त

    Updated: Sun, 06 Oct 2024 12:36 PM (IST)

    Moradabad 12th Pass Running Hospital Update आशियाना कॉलोनी में हुई कार्रवाई से विभाग भी हैरान रह गया। अस्पताल संचालक खुद को एमबीबीएस बता रहा था। बाद म ...और पढ़ें

    कार्रवाई के दौरान औषधि विभाग के अधिकारी।
    कार्रवाई के दौरान औषधि विभाग के अधिकारी।

    HighLights

    1. पंजीयन के कागज मांगने पर नहीं दिखा सका युवक
    2. अस्पताल में भर्ती 17 मरीजों की हुई थी सर्जरी

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। स्वास्थ्य विभाग ने आशियाना कॉलोनी स्थित एमएचडी नर्सिंग होम पर छापा मार दिया। इस अस्पताल का संचालक अकरम 12वीं पास था। प्रसव की दो मरीजों को एंबुलेंस से महिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल का सीएमओ कार्यालय में पंजीयन भी नहीं मिला।

    औषधि विभाग की टीम ने दवाओं को जब्त करने के साथ ही दो दवा के नमूने भी जांच के लिए भेजे हैं। कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दे दी है। आशियाना कॉलोनी प्रथम में शनिवार को एमएचडी नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची।

    संचालक 12 कक्षा पास

    उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. संजीव बेलवाल ने पूछताछ की तो संचालक अकरम मिले। उनसे पंजीयन के पत्र मांगे गए। पूछताछ करने पर पता चला कि संचालक 12 कक्षा पास है। छजलैट के मुस्तापुर की भूरी और स्वादिकन का प्रसव हो चुका था। इन दोनों महिलाओं को एंबुलेंस से महिला अस्पताल भिजवाया गया। स्टाफ आलम, मुस्कान, अनीस के पास कोई स्टाफ नर्स का प्रशिक्षण नहीं था। सर्जरी के बारे में पूछा गया तो पता चला कि डा. फरीदा रईस ने की हैं। वह एमबीबीएस हैं। यहां कोई मेडिकल आफिसर नहीं था। इसके साथ ही मेडिकल स्टोर में रखीं दवाओं को औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने जब्त कर लिया। इन दवाओं के नमूने भी लिए गए हैं। कार्रवाई से क्षेत्र में खलबली मच गई। पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दे दी गई है।

    ग्लोबल अस्पताल पर नहीं हुई कार्रवाई

    पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आशियाना कॉलोनी स्थित ग्लोबल अस्पताल पर भी छापा मारा था। इसमें 17 मरीज भर्ती मिले थे। सभी की सर्जरी हुई थी। सर्जन और अन्य डाक्टरों के हस्ताक्षर नहीं थे। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अस्पताल के रिनुअल के लिए आवेदन किया हुआ था। चिकित्सक से जानकारी मांगी गई है।

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    बिना पंजीयन और झोलाछाप के अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जो भी अस्पताल सील होंगे। उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराएंगे। मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं करने देंगे। डा. कुलदीप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी