मुरादाबाद पुलिस का कारनामा: दो साल पहले मर चुके व्यक्ति का शांतिभंग में चालान, कोर्ट में हुई फजीहत
यह मामला तब सामने आया जब चालानी रिपोर्ट एसडीएम कोर्ट पहुंची, जिसके बाद पुलिस की फजीहत हुई और जांच के आदेश दिए गए हैं। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पुलिस ने दो साल पहले मर चुके व्यक्ति का न सिर्फ शांतिभंग में चालान किया बल्कि निजी मुचलके पर पाबंद भी कर दिया। मर चुका व्यक्ति भला इस कार्रवाई से कैसे वाकिफ होता, मगर चालानी रिपोर्ट जब एसडीएम कोर्ट पहुंची।
अधिवक्ता को जानकारी हुई तब भेद खुला। फजीहत के बाद अब दारोगा ने पूछताछ के आधार पर कार्रवाई करने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया।
दो साल पहले मर चुके व्यक्ति का शांतिभंग में चालान, निजी मुचलके में पाबंद
पड़ोसी दिनेश और सदन में रंजिश चल रही है। 28 मार्च को दोनों के बीच विवाद हो गया था। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। दारोगा विनीत कुमार की तरफ से दोनों पक्षों के विरुद्ध शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए निजी मुचलके से भी पाबंद भी किया। दूसरे पक्ष के साथ पुलिस ने दिनेश, उनकी पत्नी पूनम, रज्जो और भाई नरेश के विरुद्ध भी कार्रवाई की।
मुरादाबाद पुलिस का कारनामा, 28 मार्च को दो पक्षों में हुआ था विवाद
हैरानी यह कि नरेश की दो साल पहले मौत हो चुकी थी। परिवार का कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए यह पता करने का भी प्रयास नहीं किया कि जिसके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, वह जीवित भी है या नहीं। इसी के चलते अधिवक्ता और नरेश के स्वजन चालानी रिपोर्ट में नरेश नाम देख दंग रह गए।
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जब एसडीएम कोर्ट पहुंची चालानी रिपोर्ट, तब खुली दारोगा की पूरी करतूत
दारोगा का जब खेल उजागर हुआ तब वह उसे दबाने में जुट गया। मामला अफसरों तक पहुंच गया। परिवार ने शिकायत की। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि प्रकरण की जानकारी नहीं है। जानकारी कराकर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।