सपा के अस्थायी कार्यालय पर बकरीद पर काटे बकरे, पीलीभीत जिला महासचिव नफीस अहमद पर केस
पीलीभीत में बकरीद पर सपा के अस्थायी कार्यालय में बकरे काटने के आरोप में जिला महासचिव नफीस अहमद अंसारी पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। सपा के अस्थायी कार्यालय में बकरीद पर बकरे काट दिए गए। इसे सार्वजनिक स्थान पर पशुवध मानते हुए पुलिस ने सपा के जिला महासचिव नफीस अहमद अंसारी पर प्राथमिकी पंजीकृत कर ली।
सोमवार को प्रकरण गर्माया तो सपा महासचिव की सफाई आई कि मेरी निजी संपत्ति को सपा का अस्थायी कार्यालय बताया जा रहा, जोकि गलत है। वहां कभी-कभी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें होती हैं मगर, कार्यालय नहीं है।
केजीएन कालोनी में दो दिन तक बांधे गए थे बकरे, बकरीद पर काटे
केजीएन कॉलोनी में सपा के जिला महासचिव नफीस अहमद अंसारी का घर है। उसके बराबर में खाली परिसर में बकरे काटे गए थे। सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज प्रीतम सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई कि सोमवार को गश्त के दौरान कालोनी में पहुंचे थे। वहां पता चला कि सपा के अस्थायी कार्यालय वाले परिसर में नफीस अंसारी ने बकरीद पर बकरों का वध किया। इससे पहले, बकरों को दो दिन रस्सियों से बांधकर रखा गया था।
पुलिस ने सार्वजनिक स्थान पर वध माना
इस सूचना के आधार पर एसआइ प्रीतम सिंह के शिकायती पत्र के अनुसार नफीस अंसारी के विरुद्ध पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिकी लिखी गई है। अब विवेचना में स्पष्ट होगा कि जिस परिसर में बकरे काटे गए, उसका वास्तविक स्वरूप क्या है।
सपा नेता ने बताई निजी संपत्ति
पुलिस के अनुसार, बकरीद पर किसी भी सार्वजनिक स्थान या खुले में पशुवध नहीं किया जा सकता। सपा के अस्थायी कार्यालय में लोगों की आवाजाही होती है, ऐसे में वहां बकरे काटना नियम विरुद्ध है। इस प्रकरण पर नफीस अहमद अंसारी ने कहा कि जिस परिसर की बात कही जा रही, वह निजी संपत्ति है। मैंने कुछ दिन पहले महंगाई के विरुद्ध प्रदर्शन किया था, इसलिए मुझे बेवजह प्राथमिकी में फंसा दिया गया है।
जो लोग कानून और संविधान की दुहाई देते नहीं थकते, उन्हीं के कार्यालय में बिना अनुमति कुर्बानी होने का मामला प्रकाश में आया है। जो उनके दोहरे चरित्र को उजागर करता है। कानून व्यवस्था पर रोज सवाल उठाने वाली सपा को पहले अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को नियमों का पालन करना सीखना चाहिए। ऐसी हिंसक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
संजय सिंह गंगवार, गन्ना राज्य मंत्री
खबरें और भी
केजीएन कॉलोनी में सपा के जिला महासचिव नफीस अंसारी की निजी संपत्ति है। सपा के पदाधिकारी होने के नाते उन्होंने पार्टी की बैठक करने के लिए कार्यालय के रूप में दे रखा था, लेकिन इसका कोई किराया नहीं दिया जा रहा था। हमने वहां पर सपा का कोई बोर्ड भी नहीं लगाया। भाजपा नेताओं के दबाव में सपा के जिला महासचिव के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
जगदेव सिंह जग्गा, सपा जिलाध्यक्ष
बकरीद वाले दिन बकरे की कुर्बानी अपने दूसरे घर में की थी, जहां पर मेरे वाहन खड़े होते हैं और कबाड़ रखा जाता है। जिसे सपा कार्यालय बताया जा रहा है, वो सपा का कार्यालय नहीं है। यह बात दीगर है कि सपा जिलाध्यक्ष को स्थान न मिलने पर मेरे घर में बैठक हो जाती है। सपा के प्रदर्शन से बौखलाकर भाजपा नेताओं ने प्राथमिकी पंजीकृत कराई है।
नफीस अंसारी, समाजवादी पार्टी, जिला महासचिव