गजब फरमानः SDO ने मीटर रीडर को बनाया 'मुर्गा', बिजली बिल के रुपये लेने पर मुरादाबाद में संविदाकर्मी की सेवा समाप्त
मुरादाबाद में एक मीटर रीडर ने उपभोक्ता से बिजली बिल के 25 हजार रुपये लेकर जमा नहीं किए। शिकायत के बाद एसडीओ ने उसे 'मुर्गा' बनने की सजा दी, जिसका वीडि ...और पढ़ें

मीटर रीडर को बनाया मुर्गा। वीडियो से ली तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मूंढ़ापांडे क्षेत्र के गांव रसूल नगला के उपभोक्ता से बिजली का बिल जमा करने के लिए मीटर रीडर ने 25 हजार रुपये ले लिए। रुपये लेने के बाद भी जब बिल जमा नहीं किया तो उपभोक्ता ने लोगों के साथ मीटर रीडर को पकड़ लिया और दलपतपुर में एसडीओ के पास ले गए।
एसडीओ ने शिकायत सुनने के बाद मीटर रीडर को मुर्गा बनने की सजा सुना दी। वह करीब दस मिनट तक मुर्गा बना रहा। मामला का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ तो बिजली विभाग के अधिकारियों ने मीटर रीडर मतलूब की सेवा समाप्त कर दी।
बिल जमा करने के लिए उपभोक्ता से लिए थे मीटर रीडर ने 25 हजार रुपये
मुरादाबाद निवासी मतलूब उर्फ रानू मीटर रीडर है। इन पर दलपतपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े गांवों में मीटर से बिजली बिल निकालने की जिम्मेदारी थी। बताया जाता है कि दस दिन पहले मीटर रीडर गांव रसूल नगला गांव में पहुंचा। एक उपभोक्ता पर 25 हजार रुपये बिल बकाया था।
उपभोक्ता ने मीटर रीडर को बकाया बिजली बिल के रुपये दे दिए, लेकिन उसके जमा करने के बजाए अपने पास रख लिए। बिल जमा नहीं हुआ तो उपभोक्ता ने मीटर रीडर की तलाश शुरू कर दी।
संविदाकर्मी मीटर रीडर की सेवा समाप्त, कंपनी को भेजी मामले की रिपोर्ट
शुक्रवार को मीटर रीडर उपभोक्ता को मिल गया। उन्होंने कुछ लोगों के साथ उसे पकड़ लिया और उसे दलपतपुर एसडीओ आरएल राठौर के पास लेकर पहुंच गए। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी एसडीओ को दी तो उन्होंने अजीबोगरीब सजा सुनाते हुए मीटर रीडर से मुर्गा बनने के लिए कहा। एसडीओ के कहने पर वह मुर्गा बन गया।
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दस मिनट तक मुर्गा बना रहा
करीब दस मिनट तक मुर्गा बना रहा। इस दौरान किसी ने उसकी वीडियो बना ली और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दी। शनिवार को वीडियो प्रसारित हुई तो बिजली विभाग के अधिकारी हरकत में आए। वीडियो प्रसारित होने के बाद से एसडीओ ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। उधर मुख्य अभियंता अशोक कुमार चौरसिया के निर्देश पर मीटर रीडर की सेवा समाप्त कर दी गई।
संविदाकर्मी की सेवा समाप्त, एसडीओ को क्लीन चिट
संविदाकर्मी की मुर्गा बने हुए की वीडियो प्रसारित होने के बाद बिजली विभाग के अधिकारियों ने गजब का फरमान सुनाया है। भले ही मीटर रीडर ने गलती की। इसके बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन किसी भी एसडीओ को यह किसने अधिकार दे दिया कि संविदाकर्मी को गलती पर मुर्गा बनाया जा रहा है। इसके बाद भी उस एसडीओ के खिलाफ विभाग के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि उसे क्लीन चिट दे दी गई और मीटर रीडर की सेवा समाप्त कर दी गई।
मीटर रीडर की गलती थी। उसने उपभोक्ता से रुपये लेकर बिल जमा नहीं किया। इसलिए उसकी सेवा समाप्त कर दी गई है।
अशोक कुमार चौरसिया, मुख्य अभियंता वितरण, बिजली विभाग।