मुरादाबाद में गरजा बुलडोजर: 47 साल पुराने मदरसे पर MDA का कब्जा, हाईकोर्ट के फैसले के बाद मची हलचल
मुरादाबाद में दिल्ली रोड स्थित जामिया अरबिया हयातुल उलूम मदरसे पर एमडीए ने हाईकोर्ट के फैसले के बाद बुलडोजर चलाया। ...और पढ़ें
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अवैध मदरसे को ढहाता एमडीए का बुलडोजर
संवाद सूत्र, पाकबड़ा (मुरादाबाद)। हाईकोर्ट से एमडीए द्वारा मुकदमा जीतने के बाद दिल्ली रोड स्थित मंगुपुरा में जामिया अरबिया हयातुल उलूम मदरसे पर एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह और सचिव पंकज वर्मा की मौजूदगी में शनिवार को बुलडोजर चला और जर्जर गेट, चहारदीवारी को ढहाया।
इस दौरान फोर्स भी तैनात कर दिया गया था। दिल्ली रोड पर तीन हेक्टेयर जमीन में यह जर्जर मदरसा था। बुलडोजरों ने एक एक करके मदरसे के गेट चहारदीवारी को ढहा दिया गया। सालों से एमडीए और मदरसे के बीच कोर्ट की कार्रवाई चल रही थी।

एमडीए अपनी जमीन होने का दावा करता तो मदरसे की कमेटी अपनी जमीन होने का दावा कर रही थी। हाई कोर्ट की ओर से पिछले दिनों जर्जर मदरसे की जमीन पर एमडीए के हित में फैसला दिया था। एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने बताया कि फर्जी कागज बनवाकर मदरसा होने का दावा कर रहे थे। हाईकोर्ट ने एमडीए के पक्ष में फैसला दिया है।
बुल्डोजर कार्रवाई को कमेटी ने बताया एकतरफा
दिल्ली रोड स्थित आराजी गाटा संख्या 148/49/50 पर संचालित मदरसा हयातुल उलूम को लेकर विवाद गहरा गया है। मदरसा इंतेजामिया के अनुसार, जमीन वर्ष 1979 में विधिवत विक्रय पत्र के माध्यम से खरीदी गई थी और तभी से मदरसा लगातार उस भूमि पर काबिज व मालिकाना हक के साथ संचालित हो रहा था।

मदरसा प्रिंसिपल मुफ्ती मो. अजमल के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 को मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए जमीन पर कब्जे की कार्रवाई शुरू कर दी। मदरसे के जिम्मेदारों ने आदेश की जांच-पड़ताल और पक्ष रखने के लिए समय मांगा, लेकिन उन्हें कोई मौका नहीं दिया गया।
आरोप है कि प्राधिकरण ने एकतरफा कार्रवाई की। शुक्रवार को एक बार फिर प्राधिकरण की टीम पुलिस बल और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची। आरोप है कि टीम ने मदरसे की इमारत और नमाज के लिए बनी बड़ी बिल्डिंग को ध्वस्त करना शुरू कर दिया।

कमेटी सदस्यों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उनका पक्ष तक नहीं सुना गया। मदरसा प्रबंधन ने यह भी दावा किया कि मौजूदा इंतेजामिया की ओर से हाई कोर्ट में कोई मुकदमा दाखिल नहीं किया गया था और पूरे मामले को एक बड़े षड्यंत्र का हिस्सा बताया।
वहीं, मुहल्ला पीरजादा चौक में हुई मदरसा कमेटी की बैठक में तय किया गया कि आगे की कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। अध्यक्षता नायब सदर मौलाना अय्यूब संचालन मौलाना अंसार अहमद ने किया।
जमीन वर्ष 1979 में विधिवत विक्रय पत्र के माध्यम से खरीदी गई थी और तभी से मदरसा लगातार उस भूमि पर काबिज व मालिकाना हक के साथ संचालित हो रहा था। प्राधिकरण ने एकतरफा कार्रवाई की। आगे की कानूनी लड़ाई के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
मुफ्ती मो. अजमल, प्रिंसिपल मदरसा हयातुल उलूम
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