मुरादाबाद-बरेली हाईवे होने जा रहा है पूरी तरह हाईटेक, ₹50 करोड़ से लगेंगे 150 'तीसरी आंख' वाले स्वदेशी कैमरे
मुरादाबाद-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर 50 करोड़ रुपये की लागत से 150 स्वदेशी स्मार्ट कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिसमें 22 वीआइडीईएस कैमरे तेज गति वाले वाहन ...और पढ़ें

हाईवे किनारे ओएफसी केबल व फाउंडेशन बनाने को हो रही खोदाई। सौ. एनएचएआइ
HighLights
121 किमी हाईवे पर शुरू हुआ फाउंडेशन व ओएफसी केबल बिछाने का काम
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मुरादाबाद-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग जल्द ही पूरी तरह हाईटेक निगरानी प्रणाली से लैस होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से 121 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 150 स्वदेशी अत्याधुनिक कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कैमरों के लिए फाउंडेशन तैयार किए जा रहे हैं और 1.26 लाख मीटर से अधिक आप्टिकल फाइबर (ओएफसी) केबल बिछाने का कार्य भी शुरू हो चुका है।
इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत 22 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एंड इंफोर्समेंट सिस्टम (वीआइडीईएस) कैमरे हैं। ये कैमरे तेज रफ्तार, लेन उल्लंघन और अन्य यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों की स्वत: पहचान कर ई-चालान जारी करके ट्रैफिक पुलिस के पास भेजेंगे। पुलिस चालान वाहन स्वामी को भेज देगी। इससे हाईवे पर नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
एनएचएआइ ने परियोजना का टेंडर एक स्वदेशी कंपनी को दिया है। पूरे मार्ग पर 26 स्थानों पर वैरिएबल मैसेज साइन (पोर्टल सिस्टम) लगाए जाएंगे। इन इलेक्ट्रानिक डिस्प्ले बोर्डों पर मौसम की जानकारी, जाम की स्थिति, सड़क सुरक्षा संदेश और आपातकालीन सूचनाएं प्रदर्शित होंगी, जिससे यात्रियों को रीयल टाइम जानकारी मिल सकेगी।
कैमरों के माध्यम से हाईवे पर हर गतिविधि की चौबीसों घंटे निगरानी होगी। तेज गति से वाहन चलाने या यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर चालक को बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वत: ई-चालान जारी हो जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि एटीएमएस लागू होने से यातायात प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा और सड़क सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
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मुरादाबाद-हापुड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहले ही लगभग 100 किलोमीटर क्षेत्र में एटीएमएस कैमरे लगाए जा चुके हैं। ऐसे में नई परियोजना पूरी होने के बाद हापुड़ से लेकर बरेली तक करीब 221 किलोमीटर लंबा हाईवे पूरी तरह कैमरों की निगरानी में रहेगा। इससे अपराध नियंत्रण, दुर्घटना प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली भी पहले से अधिक सशक्त होगी।
रामपुर में बनेगा कमांड सेंटर
एनएचएआइ इस परियोजना के तहत एटीएमएस संचालन के लिए कमांड सेंटर विकसित कराएगा। रामपुर में बनने वाले कमांड सेंटर से पूरे हाईवे की निगरानी की जाएगी। पहले कमांड सेंटर संभल रोड के पास स्थित पुराने टोल प्लाजा परिसर में प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे रामपुर में ही अन्य उपयुक्त स्थान पर विकसित किया जा रहा है। कमांड सेंटर में एटीएमएस साफ्टवेयर, सर्वर और निगरानी उपकरण स्थापित किए जाएंगे। आवश्यक उपकरण मौके पर पहुंच चुके हैं और स्थापना की तैयारी चल रही है। यहीं से कैमरों, ई-चालान प्रणाली और हाईवे की निगरानी का संचालन होगा।
मुरादाबाद-बरेली हाईवे पर एटीएमएस परियोजना का कार्य शुरू हो चुका है। कैमरों के लिए फाउंडेशन और ओएफसी केबल बिछाने का काम चल रहा है। 150 स्वदेशी कैमरों में 22 वीआइडीईएस कैमरे स्वत: ई-चालान करेंगे। परियोजना पूरी होने पर सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और दुर्घटनाओं पर नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी।
- अरविंद कुमार, पीडी, एनएचएआइ, मुरादाबाद।