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    मुरादाबाद मंडल में ग्रेजुएशन एडमिशन में भारी गिरावट, पारंपरिक कोर्स छोड़ प्रोफेशनल की तरफ बढ़े छात्र, मेरिट बनना भी हुआ मुश्किल

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 04:55 PM (IST)

    मुरादाबाद मंडल में स्नातक प्रवेश में 41.7% की भारी गिरावट आई है, क्योंकि छात्र पारंपरिक पाठ्यक्रमों के बजाय व्यावसायिक और एकीकृत कोर्स को प्राथमिकता द ...और पढ़ें

    हिंदू कालेज मुरादाबाद

    हिंदू कालेज मुरादाबाद

    HighLights

    1. हिंदू कॉलेज के बीएससी बायो व बीए को छोड़ शहर के अधिकतर कॉलेजों में नहीं बन पाएगी मेरिट

    तेजप्रकाश सैनी, मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध मुरादाबाद मंडल के 370 कालेजों में एक मई से पंजीयन शुरू हुए थे। इस वर्ष अब तक स्नातक प्रवेश के लिए केवल 70 हजार पंजीयन हुए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में 1.20 लाख पंजीयन हुए थे। पिछले साल करीब 93 हजार छात्रों ने प्रवेश लिया था, जबकि इस बार विश्वविद्यालय के अनुसार लगभग 62 हजार छात्र फीस जमा कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। यानी इस बार अब तक 50 हजार (41.7 प्रतिशत) कम पंजीयन हुए हैं। 15 जुलाई प्रवेश पंजीयन की अंतिम तिथि है।

    पंजीयन की अंतिम तिथि में अब केवल दो दिन शेष हैं। ऐसे में अधिकांश कालेजों में सीटों के सापेक्ष पंजीयन नहीं होने से पहली मेरिट सूची तक बनना मुश्किल दिखाई दे रहा है। अपवाद केवल हिंदू कालेज है, जहां बीए, बीएससी बायोलाजी और बीकाम में सीटों से अधिक पंजीयन हुए हैं।

    कालेजों का कहना है कि चार वर्ष पहले तक अधिकांश पारंपरिक पाठ्यक्रमों में सीटों से कहीं अधिक आवेदन आते थे। मेरिट सूची जारी होती थी, दूसरी-तीसरी मेरिट निकालनी पड़ती थी और छात्र प्रवेश के लिए सिफारिश तक करवाते थे। अब स्थिति बदल गई है। कई कालेजों में सीटें भरना भी चुनौती बन गया है।

    कॉलेजवार पंजीयन की स्थिति (UG Admission 2026)

    कॉलेज का नाम कोर्स (Course) उपलब्ध सीटें कुल पंजीयन (Registration) पंजीयन प्रतिशत (%) स्थिति / विश्लेषण
    हिंदू कॉलेज बीए (BA) 1440 1887 131.04% सीटें फुल, मेरिट बनेगी
      बीएससी गणित (BSc Maths) 960 433 45.10% आधी से अधिक सीटें खाली
      बीएससी बायो (BSc Bio) 560 843 150.53% भारी डिमांड, ऊंची मेरिट जाएगी
      बीकॉम (BCom) 960 1069 111.35% सीटें फुल, मेरिट बनेगी
    केजीके कॉलेज बीए (BA) 1040 850 81.73% सीटें खाली
      बीएससी गणित (BSc Maths) 640 102 15.93% बेहद खराब स्थिति, सीटें खाली
      बीएससी बायो (BSc Bio) 160 143 89.37% सीटें भरने के करीब
      बीकॉम (BCom) 240 80 33.33% सिर्फ एक तिहाई दाखिले
    दयानंद आर्य कन्या डिग्री कॉलेज बीकॉम (BCom) 580 210 36.20% आधे से ज्यादा सीटें खाली
      बीएससी (BSc) 180 48 26.66% बेहद कम रुझान
    गोकुलदास कॉलेज बीए (BA) 960 172 17.91% भारी गिरावट
      बीएससी बायो (BSc Bio) 160 55 34.37% सीटें खाली
      बीकॉम (BCom) 60 39 65.00% आधी से अधिक भरीं
    एमएच कॉलेज बीए (BA) 400 115 28.75% सीटें खाली

    विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कई कारण हैं। नई सेमेस्टर प्रणाली में छात्रों को एक सेमेस्टर के दौरान आंतरिक मूल्यांकन, मिड टर्म, प्रायोगिक, मौखिक, लिखित और सेमेस्टर परीक्षा समेत कई परीक्षाओं से गुजरना पड़ रहा है। लगातार बैक पेपर बढ़ने से भी छात्र पारंपरिक पाठ्यक्रमों से दूरी बना रहे हैं।

    दूसरी ओर 12वीं के बाद छात्र बीबीए, बीसीए, बीएएलएलबी, इंटीग्रेटेड कोर्स, तकनीकी, मैनेजमेंट और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की ओर अधिक रुख कर रहे हैं। विश्वविद्यालय का तर्क है कि अभी एलएलबी प्रवेश शुरू नहीं हुए हैं। मंडल के 33 कालेजों में करीब पांच हजार सीटों पर प्रवेश होना बाकी है।

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    हालांकि जानकारों का कहना है कि सभी सीटें भर भी जाएं तो कुल पंजीयन करीब 75 हजार तक ही पहुंच पाएंगे। वहीं एलएलबी प्रथम सेमेस्टर परिणाम को लेकर चल रहे विवाद का असर भी प्रवेश पर पड़ सकता है।

     

    मंडल में 70 हजार पंजीयन हो चुके हैं और लगभग 62 हजार विद्यार्थियों ने फीस भी जमा कर दी है। अभी एलएलबी प्रवेश शुरू नहीं हुए हैं। इनके शुरू होने के बाद पंजीयन में तेजी आएगी और संख्या पिछले वर्ष के करीब पहुंचने की उम्मीद है।

    - प्रो. सचिन माहेश्वरी, कुलपति, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय

     

    पहले सीटों से कहीं अधिक आवेदन आते थे और कई मेरिट सूची जारी करनी पड़ती थीं। अब अधिकांश पाठ्यक्रमों में सीटें भरना चुनौती बन गया है। हिंदू कालेज में अभी बीए और बीएससी बायोलाजी में ही मेरिट की स्थिति बन रही है।

    - प्रो. महेंद्र सिंह, प्रवेश प्रभारी, हिंदू काॅलेज

     

    अब छात्रों की प्राथमिकता रोजगारपरक पाठ्यक्रम हैं। पारंपरिक कोर्स में पहले जैसी प्रतिस्पर्धा नहीं रही। प्रोफेशनल और तकनीकी शिक्षा की ओर रुझान लगातार बढ़ रहा है।

    - प्रो. जितेंद्र सिंह, कार्यवाहक प्राचार्य, केजीके काॅलेज

     

    छात्र करियर आधारित और इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रमों को अधिक महत्व दे रहे हैं। यही वजह है कि पारंपरिक स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रभावित हुआ है।

    - प्रो. चारू मेहरोत्रा, प्राचार्य, गोकुलदास हिंदू गर्ल्स काॅलेज

     

    सामान्य स्नातक पाठ्यक्रमों की तुलना में प्रोफेशनल शिक्षा की ओर छात्रों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर प्रवेश पंजीयन पर दिखाई दे रहा है।

    - प्रो. नरेंद्र सिंह, प्राचार्य, महाराजा हरिश्चंद्र काॅलेज


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