'खर्चा करो, तभी बनेगी पेंशन...' मुरादाबाद में विधवा से रिश्वत मांगने पर बड़ा एक्शन, जांच के आदेश
एक विधवा अपने पति की पारिवारिक पेंशन के लिए 24 महीने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है, आरोप है कि दो लिपिकों ने रिश्वत मांगी और जानबूझकर पेंशन रो ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
24 महीने से दफ्तरों के चक्कर काट रही है पीड़िता
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पति की मौत के बाद सहारे की उम्मीद बनी पारिवारिक पेंशन के लिए एक विधवा पिछले 24 महीनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है। अब उसने जिला विकास अधिकारी कार्यालय और विकास खंड डिलारी के दो लिपिकों पर रिश्वत मांगने तथा जानबूझकर पेंशन लटकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला संयुक्त विकास आयुक्त तक पहुंचने पर उन्होंने जिला विकास अधिकारी को स्वयं जांच कर नियमानुसार पेंशन स्वीकृत कराने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम विकास अधिकारी सुरेंद्र कुमार भारती की पत्नी शशी वर्मा ने जिला विकास अधिकारी कार्यालय के लिपिक और विकास खंड डिलारी के लिपिक पर अवैध धनराशि मांगने और पेंशन का प्रकरण जानबूझकर लंबित रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़िता ने संयुक्त विकास आयुक्त को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके पति सुरेंद्र कुमार भारती विकास खंड डिलारी में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। बीमारी के कारण पांच जून 2024 को उनका निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने पारिवारिक पेंशन के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी कर आवेदन किया।
आरोप है कि जिला विकास अधिकारी कार्यालय और विकास खंड डिलारी के कर्मचारियों ने पहले विभिन्न विकास खंडों से अदेयता प्रमाण पत्र मांगे। सभी प्रमाण पत्र जमा करने के बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ाई गई। शिकायत के अनुसार कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने और आर्थिक तंगी के बावजूद सुनवाई नहीं हुई।
मजबूर होकर उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। याचिका में प्रशासन की ओर से तीन माह के भीतर पारिवारिक पेंशन स्वीकृत करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी पेंशन जारी नहीं हुई। दोनों लिपिकों ने पेंशन स्वीकृत करने के बदले खर्च करने की बात कही।
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शशी वर्मा का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और पारिवारिक पेंशन ही उनके जीवन-यापन का एकमात्र सहारा है। उन्होंने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त विकास आयुक्त विनय कुमार तिवारी ने जिला विकास अधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि वह स्वयं पूरे प्रकरण की जांच करें।
मृतक कर्मचारी के परिवार को नियमानुसार पारिवारिक पेंशन स्वीकृत कराएं और शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रभारी जिला विकास अधिकारी स्वेतांक पांडेय ने बताया कि जांच मिली है। दोनों पक्षों से बात करके जल्द इसका निस्तारण किया जाएगा।