मुरादाबाद की तस्वीर बदलेगा गोविंदपुरम साइंस पार्क: ₹47.99 करोड़ की लागत से होगा तैयार, जानें क्या होगा खास
मुरादाबाद के गोविंदपुरम में प्रस्तावित साइंस पार्क के निर्माण के लिए शासन से 47.99 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। पहली किस्त के रूप में 17 करोड़ रुपये ज ...और पढ़ें

मुरादाबाद नगर निगम
HighLights
पहली किस्त के रूप में 7.05 करोड़ निर्माण और दस करोड़ उपकरण खरीद को मिले
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। गोविंदपुरम आवासीय योजना में प्रस्तावित साइंस पार्क के निर्माण को शासन से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद अब धनराशि भी जारी कर दी गई है। पिछले दिनों करीब 47.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति वित्तीय समिति ने दी थी। लेकिन अब पहली किस्त के रूप में वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 7.05 करोड़ रुपये निर्माण कार्य और 10 करोड़ रुपये उपकरणों के लिए जारी किए गए हैं। कुल 17 करोड़ मिलने के बाद एमडीए जल्द ही टेंडर निकालने जा रहा है।
गोविंदपुरम योजना को एक आधुनिक और शैक्षणिक पार्क डेढ़ साल में मिल जाएगा। लंबे समय से अटकी इस योजना के अब तेजी से धरातल पर उतरने की उम्मीद है। साइंस पार्क में डिजिटल प्लेनेटेरियम, स्पेस साइंस, कासमास, प्राचीन भारतीय विज्ञान और “फन विद साइंस” जैसी गैलरियां समेत सुविधाएं विकसित होंगी।
साइंस पार्क की स्थापना के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के माध्यम से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई थी, जिसकी कुल लागत लगभग 49.97 करोड़ रुपये आंकी गई थी। शासन स्तर पर मूल्यांकन के बाद 47.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान होने पर प्रस्तावित साइंस पार्क को आधुनिक तकनीक और शैक्षिक सुविधायुक्त बनाया जाएगा।
प्राचीन भारतीय विज्ञान गैलरी बनेगी
12 मीटर व्यास का डिजिटल प्लेनेटेरियम, स्पेस साइंस गैलरी, कासमास गैलरी, प्राचीन भारतीय विज्ञान गैलरी, जीवन विकास गैलरी और 'फन विद साइंस' जैसे आकर्षक सेक्शन विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही बच्चों और युवाओं को विज्ञान के प्रति आकर्षित करने के लिए इंटरएक्टिव माडल और प्रदर्शनियां भी स्थापित की जाएंगी।
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परियोजना में एयर कंडीशनिंग सिस्टम, बिजली संयोजन, उपकरणों की खरीद और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी शामिल किया गया है। इसके लिए विशेषज्ञ समिति गठित कर लागत और गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि परियोजना प्रभावी और उपयोगी बन सके।
निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सभी आवश्यक तकनीकी स्वीकृतियां, पर्यावरणीय क्लीयरेंस और भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, दिव्यांगजन के लिए बाधारहित सुविधाएं विकसित करने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने और जीएसटी समेत सभी वित्तीय नियमों का पालन करने की शर्तें भी लागू की गई हैं।
सम्पत्ति अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि शासन से वित्तीय स्वीकृति होने के बाद प्रथम किस्त के रूप में करीब 17 करोड़ रुपये मिले गए हैं। इस परियोजना के पूरा होने के बाद मुरादाबाद में विज्ञान शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह क्षेत्रीय स्तर पर एक प्रमुख आकर्षण केंद्र बन सकता है।