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    ₹4.25 करोड़ का जुर्माना, CM योगी का दौरा... फिर भी नहीं सुधरी मुरादाबाद की इस यूनिवर्सिटी की किस्मत

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 06:10 PM (GMT+05:30)

    मुरादाबाद के गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय का निर्माण तीसरी मियाद 31 जुलाई तक भी अधूरा है, जबकि निर्माण एजेंसी पर 4.25 करोड़ रुपये का जुर्माना लग चुका ह ...और पढ़ें

    गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय

    गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय

    HighLights

    1. कुलाधिपति की सीधी निगरानी और सीएम को आश्वासन के बाद भी नहीं हुआ सुधार

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के निर्माण की तीसरी मियाद 31 जुलाई भी अब करीब आ गई है, लेकिन कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है। निर्माण में शुरुआत से ही देरी होती रही है। 4.25 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाए जाने, कुलाधिपति की सीधी निगरानी, उनके ओएसडी पंकज एल जानी और प्रभारी मंत्री अनिल कुमार की नाराजगी और जिला स्तर पर समीक्षा बैठकों के बाद भी विश्वविद्यालय का निर्माण तीसरी मियाद तक भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।

    स्थिति यह है कि अब तक कोई भी तल ऐसा तैयार नहीं है, जिसमें कक्षाएं संचालित हो सकें या विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी बैठ सकें। अगस्त 2024 से गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय का निर्माण हरदासपुर में शुरू हुआ था। विश्वविद्यालय का निर्माण 23 फरवरी 2026 तक पूरा कर प्रशासन को हैंडओवर किया जाना था। लेकिन, तब निर्माण पूरा न होने पर पहली मियाद बढ़ाकर 31 मई की गई।

    इस समय सीमा में भी काम पूरा नहीं हुआ। इसके बाद 31 जुलाई तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया। मई में प्रभारी मंत्री अनिल कुमार और 29 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया था। मुख्यमंत्री के सामने 31 जुलाई तक निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन मौजूदा स्थिति में यह आश्वासन भी पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।

    अभी 80 प्रतिशत ही पूरा हो सका काम

    निर्माण एजेंसी की ओर से विश्वविद्यालय का 80 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर अभी भी कई महत्वपूर्ण कार्य बाकी हैं। अकादमिक भवन का ढांचा खड़ा हो चुका है और भूतल तैयार है, लेकिन चार मंजिला भवन का निर्माण पूरा नहीं हुआ है।

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    फिनिशिंग, बिजली व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम, सीसीटीवी कैमरे, खिड़की-दरवाजे, सीसी टाइल्स और प्रकाश व्यवस्था समेत कई कार्य अधूरे हैं। कई स्थानों पर चिनाई का काम भी पूरा नहीं हुआ है। प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी समेत कई सुविधाओं का काम भी पूरा होना बाकी है।

    दूसरा सत्र शुरू, फिर भी जुगाड़ के भवनों में पढ़ाई

    विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद यह दूसरा शैक्षणिक सत्र है। सत्र 2026-27 शुरू हो चुका है, लेकिन विद्यार्थियों को अभी भी स्थायी कैंपस की सुविधा नहीं मिल सकी है। विश्वविद्यालय में स्वीकृत 33 पाठ्यक्रमों के सापेक्ष अभी केवल सात पाठ्यक्रम ही जुगाड़ के भवनों में संचालित हो रहे हैं। निर्माण समय से पूरा हो जाता तो सभी स्वीकृत पाठ्यक्रमों का संचालन विश्वविद्यालय के अपने कैंपस में शुरू हो सकता था।

    विद्यार्थियों के दूसरे वर्ष में प्रवेश करने के बाद भी कैंपस में पढ़ाई शुरू न हो पाने से विश्वविद्यालय की व्यवस्थाएं अस्थायी भवनों पर निर्भर हैं। अभी पीतल बस्ती स्थित एमएचएससी और राजकीय पालिटेक्निक मेंपरास्नातक की पढ़ाई संचालित हो रही है, जबकि राजकीय डिग्री कालेज मथाना में कापियों की जांच कराई जा रही है।

     

    निर्माण कार्य पर शासन स्तर से सीधे नजर रखी जा रही है। कब तक निर्माण एजेंसी हैंडओवर करेगी, अभी जानकारी नहीं है। कैंपस मिलने के बाद विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार होगा।

    - प्रो.सचिन माहेश्वरी, कुलपति, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय


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