मुरादाबाद में आधे घंटे की आफत: झमाझम बारिश के साथ गिरे ओले, 1.5 करोड़ का नाला सफाई बजट पानी में बहा
मुरादाबाद में तेज बारिश और ओलावृष्टि से शहर जलमग्न हो गया, जिससे नाला सफाई के दावों की पोल खुल गई। कई इलाकों में बिजली गुल हुई और सड़कों पर जलभराव से ...और पढ़ें

तेज बारिश के दौरान गिरे ओले और इस बीच छाता लेकर निकलती युवती
HighLights
स्मार्ट सिटी की सड़कें डूबने से खुली नाला सफाई की पोल
स्कूटी व बाइक के साइलेंसर में पानी भरने लोगों ने झेली परेशानी
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। दिन भर चिलचिलाती धूप और शाम को तेज बारिश और ओलावृष्टि। हवा और बिजली की गड़गड़ाहट के साथ हुई आधा घंटा झमाझम वर्षा से शहर की सड़कें और गलियां जलमग्न हो गईं। अधिकांश क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई जो देर रात तक बहाल नहीं हो सकी। इस बारिश ने मानसून से पहले नगर निगम की नाला सफाई की पोल खोलकर रख दी। खुले नाले उफन गए, जबकि कई भूमिगत नालों में कूड़ा फंसने से पानी निकासी बाधित हो गई।
पीतल बस्ती, इंद्रा कालोनी, हिमगिरि कालोनी, कमला नगर, लाजपत नगर और कटघर के पचपेड़ा क्षेत्र समेत अनेक मुहल्लों में सड़कों पर गंदा पानी भर गया। कांठ रोड से सोनकपुर स्टेडियम रोड तक कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया। रामगंगा विहार के ए ब्लाक में भी सड़कों पर इतना पानी भर गया कि कई घरों के गेट तक पानी पहुंच गया।

शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे मौसम ने करवट ली और तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक रुक-रुक कर हुई बारिश ने पूरे शहर को पानी-पानी कर दिया। कई स्थानों पर ओले भी गिरे। लेकिन, उमस से बेहाल रहे शहरवासियों को राहत मिली।

तेज वर्षा से कई इलाकों में जलभराव और यातायात अव्यवस्था की बड़ी समस्या भी खड़ी कर दी। अभी मानसून के आगमन में करीब 20 दिन शेष हैं, लेकिन बेमौसम बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। शनिवार को अधिकतम तापमान घटकर 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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मौसम विभाग के अनुसार तापमान में करीब आठ डिग्री की गिरावट आई है। बारिश शुरू होते ही शहर की प्रमुख सड़कें और कालोनियां जलमग्न हो गईं। हालांकि नगर निगम का दावा है कि क्विक रिस्पांस टीम को विभिन्न क्षेत्रों में भेजा गया और चोक पुलियों व नालों को खुलवाकर पानी निकासी का प्रयास किया गया।
दो महीने से चल रही नालों की सफाई की खुल गई पोल
नगर निगम ने शहर के खुले और भूमिगत नालों की सफाई के लिए एक अप्रैल से काम शुरू कराया था, मानसून से पहले एक जून तक समाप्त होना है। इसके लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया।

लेकिन शनिवार को हुई वर्षा में ही दो महीने से चल रही नालों की सफाई करने के दावों की पोल खुल गई। मानसून से पहले यह स्थिति है तो मानसून में शहर का क्या हाल होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
सड़क पर स्कूटी-बाइक फिसलने से कई गिरे
कांठ रोड पर जलभराव के कारण लंबा जाम लग गया। अकबर किले के सामने ट्रैफिक सिग्नल पर हरी बत्ती होने के बाद भी वाहन आगे नहीं बढ़ सके। स्टेडियम रोड की ओर मुड़ना मुश्किल हो गया।

जीएसटी चौक तक वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। कई बाइक और स्कूटी पानी में बंद हो गईं। साइलेंसर में पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को अपने दोपहिया वाहन धक्का देकर निकालने पड़े। कई जगह स्कूटी व बाइक सवार गिर गए।
तीन दिन तक और तेज वर्षा होने की संभावना
मौसम विभाग ने पहले ही शनिवार को तेज बारिश की संभावना जताई थी और यह पूर्वानुमान पूरी तरह सही साबित हुआ। विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक भी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है।

सुबह और शाम के समय मौसम सुहावना रहने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने के कारण फिलहाल गर्मी से राहत बनी रह सकती है, हालांकि बीच-बीच में तेज बारिश और आंधी लोगों के लिए परेशानी भी खड़ी कर सकती है।