मुरादाबाद: जूना अखाड़े का बड़ा एक्शन, दो महंत हटाए गए; अगस्त गिरि और रतन गिरि को मिली नए मंदिरों की जिम्मेदारी
जूना अखाड़ा ने मुरादाबाद के श्रीरामगंगा और नौ देवी मंदिरों से दो महंतों को अनियमितताओं की शिकायतों के बाद हटा ...और पढ़ें

काली माता मंदिर
HighLights
हटाए गए महंत महादेवानंद गिरि व महेशानंद गिरि हरिद्वार स्थानांतरित
पूजा, भोग और सफाई व्यवस्था में अनियमितता की शिकायतों पर हटाए
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। लालबाग स्थित सिद्धपीठ काली माता मंदिर परिसर से जुड़े श्रीरामगंगा मंदिर और सिद्धपीठ नौ देवी मंदिर में व्यवस्थाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जूना अखाड़ा ने दोनों मंदिरों की जिम्मेदारी में बदलाव किया है। हटाए गए महंतों महादेवानंद गिरि और महेशानंद गिरि की जगह अब श्रीरामगंगा मंदिर में अगस्त गिरि और सिद्धपीठ नौ देवी मंदिर में रतन गिरि महाराज को व्यवस्थाएं देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दोनों नए महंतों को फिलहाल मंदिर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है। जूना अखाड़ा की ओर से अभी तीनों मंदिरों में किसी भी महंत को स्थायी रूप से मंदिर की गद्दी नहीं सौंपी गई है।
श्री सिद्धपीठ काली माता मंदिर, श्रीरामगंगा मंदिर और सिद्धपीठ नौ देवी मंदिर में पिछले करीब चार महीने से व्यवस्थाओं को लेकर इसी तरह जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।
जूना अखाड़ा के प्रवक्ता कंचन गिरि के अनुसार मंदिरों की व्यवस्थाएं जूना अखाड़ा के नियम और व्यवस्था के अनुसार ही संचालित होंगी। उनके अनुसार अखाड़े की ओर से जिस भी महंत को मंदिर की जिम्मेदारी दी जाएगी।
यदि उसके कार्यकाल में अव्यवस्था पाई जाती है या वह व्यवस्था ठीक से नहीं संभालता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में पहले जिम्मेदारी संभाल रहे दोनों महंतों को हटाकर हरिद्वार भेजा गया है और अब दो नए महंतों को जिम्मेदारी दी गई है।
दोनों पूर्व महंतों को लेकर मंदिर में आने वाले लोगों और भक्तों की ओर से लगातार शिकायतें की जा रही थीं। शिकायतों में मंदिर परिसर की सफाई व्यवस्था, पूजा-अर्चना, भोग और दैनिक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए गए थे। लोगों की शिकायतों के आधार पर ही जूना अखाड़ा स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया और दोनों महंतों को जिम्मेदारी से हटाने का निर्णय लिया गया।
पूजा और भोग नहीं लगने की भी शिकायत
श्रीरामगंगा मंदिर में कुछ लोगों ने मंदिर की स्थिति के वीडियो बनाकर भी संबंधित लोगों तक पहुंचाए। इन वीडियो में झूठे बर्तन, गंदगी और मंदिर परिसर में पड़े सिगरेट के टुकड़े दिखाए गए।
लोगों ने इन वीडियो को सिद्धपीठ काली माता मंदिर के महंत विनय गिरि को भी भेजा और मंदिर की व्यवस्था में सुधार की मांग की। सिद्धपीठ नौ देवी मंदिर मंदिर में माता रानी को चढ़ाए जाने वाले फूल और प्रसाद को व्यवस्थित तरीके से निस्तारित करने के बजाय मंदिर के बाहर कूड़े के ढेर में डाल दिया जाता था।
