दोस्त का कत्ल कर रची 'आदमखोर तेंदुए' की साजिश: गन्ने के खेत में फेंका शव, मुरादाबाद पुलिस ने ऐसे खोला राज
शाहनवाज ने रुपयों के विवाद में दोस्त जानी की हत्या कर दी और शव को गन्ने के खेत में फेंक ...और पढ़ें

मृतक जानी की फाइल फोटो और पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपित दोस्त नवाज
HighLights
16 अगस्त को हत्या करने के बाद शव गन्ने के खेत में फेंक हुआ था फरार
पुलिस की गिरफ्त में बयां की हकीकत, सोमवार को जेल भेजा चुका आरोपित
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। रुपयों के लेनदेन का विवाद कुछ ऐसा बढ़ा कि शाहनवाज ने दोस्त जानी के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। चूंकि, ठाकुरद्वारा में तेंदुए के हमले में अब तक दो महिलाओं की मौत हो चुकी और कई घायल हो गए है। 16 अगस्त आरोपित शहनवाज ने भी जानी की हत्या करने के बाद शव इसलिए ही गन्ने के खेत में फेंका कि लोग तेंदुए के डर से खेतों पर नहीं जा रहे हैं।
ऐसे में तेंदुआ या तो जानी का शव खा जाएगा और अगर किसी शव मिले भी तो लोग समझें कि तेंदुए ने शिकार किया है। हालांकि, 18 अगस्त को शव मिला। चप्पल व कपड़ों से शिनाख्त हुई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की वारदात सामने आ गई। पुलिस ने जांच के आधार पर सुराग जुटा आरोपित को दबोच लिया। 24 अगस्त को हकीकत पता चलने पर शाहनवाज को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
ठाकुरद्वारा क्षेत्र के वार्ड नंबर-19, मोहल्ला बहेड़ा वाला निवासी शाहनवाज और डिलारी क्षेत्र के गांव बुढ़नपुर निवासी जानी एक साल से दोस्त थे। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। दोनों के बीच रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। शाहनवाज ने उधार के रुपये लौटाने के बहाने जानी को फोन कर बुलाया था।
16 अगस्त की सुबह करीब 10 बजे जानी फोन पर बात करते हुए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। स्वजन ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मोबाइल फोन भी बंद मिला। इसके बाद 17 अगस्त को जानी की मां संतोष ने थाना डिलारी में गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
18 अगस्त को ठाकुरद्वारा के रामूवाला गणेश के पास हाईवे ब्रिज के निकट गन्ने के खेत में जानी का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। चप्पल और कपड़ों के आधार पर स्वजन ने शव की पहचान जानी के रूप में की।
इसके बाद मृतक के भाई ललित कुमार के शिकायती पत्र पर शाहनवाज के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। सोमवार को पुलिस ने आरोपित शाहनवाज को डिलारी दौराहे से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपित ने जानी की हत्या में धारदार हथियार के इस्तेमाल की बात स्वीकार की है।
एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि मृतक के भाई ललित कुमार के शिकायती पत्र पर शहनवाज के खिलाफ प्राथमिकी लिखी गई है। आरोपित से पूछताछ की जा रही है।
शिनाख्त में लग गए चार दिन
जानी का शव 18 अगस्त को ठाकुरद्वारा में मिला था। जहां से डिलारी थाना करीब 20 किमी दूर है। ठाकुरद्वारा पुलिस ने शव के शिनाख्त का प्रयास नहीं किया।
यह भी जहमत नहीं उठाई कि वह अपने पड़ोसी थाने डिलारी पुलिस से फोन बात कर उन्हें ही अज्ञात शव मिलने की सूचना दे। डिलारी पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर बैठी थी तो ठाकुरद्वारा पुलिस अंजान बनी हुई थी। जिसका नतीजा यह हुआ कि शव की शिनाख्त होने में चार दिन लग गए।
तेंदुआ ले चुका तीन लोगों की जान, दर्जन भर घायल, 10 पकड़े जा चुके
ठाकुरद्वारा में तेंदुआ अब तक तीन महिलाओं की जान ले चुका है। सबसे पहले लालापुर पीपलसाना में तीन अगस्त को संतोष देवी का शिकार किया। इसके बाद खेत पर ही काम करने गई विरमो देवी की 18 अगस्त को जान ली थी।
वहीं, मंगलवार को पति देवांश संग खेत पर चारा डालने गईं मिथलेश देवी की गर्दन पर वार कर जान ले ली। इसके अलावा ठाकुरद्वारा के विभिन्न क्षेत्र में दर्जन भर लोगों पर तेंदुए जानलेवा हमले भी कर चुके हैं। वहीं, वन विभाग के रेस्क्यू में अब तक 10 तेंदुए पकड़े जा चुके हैं।
