मुरादाबाद में चौड़ी सड़कें और नए पार्कों से बदलेगी 117 गांवों की तस्वीर, MDA ने तैयार किया डेवलपमेंट प्लान
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने 117 गांवों के सुनियोजित विकास के लिए महायोजना का खाका तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेजा है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
117 गांवों के विकास का खाका शासन को भेजा।
आवासीय, व्यावसायिक विकास हेतु लैंड यूज में बदलाव।
महायोजना से एमडीए करेगा भवनों के नक्शे पास।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) की महायोजना में शामिल 117 गांवों के सुनियोजित विकास का खाका तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेजा गया है। इन क्षेत्रों में आवासीय विकास के साथ संस्थान, चिकित्सा सुविधाएं और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित करने के लिए लैंड यूज में बदलाव का प्रस्ताव भी भेजा गया है।
शासन से मंजूरी मिलने के बाद इन गांवों में विकास की गतिविधियां महायोजना के अनुसार कराई जा सकेंगी। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने में करीब छह महीने लगने की संभावना है।
महायोजना किसी शहर या विकास क्षेत्र के भविष्य के विस्तार और विकास का दीर्घकालिक खाका होती है। इसमें यह तय किया जाता है कि किस क्षेत्र में आवासीय, शिक्षण संस्थान, चिकित्सा सेवाएं, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत और अन्य गतिविधियां विकसित की जाएंगी।
साथ ही सड़क, पार्क, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य जरूरी आधारभूत ढांचे के लिए भी भूमि का नियोजन किया जाता है। इसी आधार पर संबंधित क्षेत्र में आगे विकास कार्य और भवन निर्माण की दिशा तय होती है।
एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने बताया कि एमडीए की महायोजना में शामिल 117 गांवों में मुरादाबाद के 34, कांठ के 18, अमरोहा के 16 और संभल के तीन गांव शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में अब विकास कार्य महायोजना के प्रावधानों के अनुसार होंगे। अभी तक इन क्षेत्रों में भवनों के नक्शे राजस्व विभाग से पास होते थे, लेकिन महायोजना लागू होने के बाद नक्शे एमडीए से पास कराए जाएंगे।
जोनल प्लान में सड़कों और पार्कों का भी खाका
महायोजना के साथ जोनल स्तर का प्लान भी तैयार कर शासन को भेजा गया है। इसमें अलग-अलग सेक्टर के स्तर पर सड़कों का प्रस्ताव शामिल है। कई स्थानों पर 18 मीटर चौड़ी सड़क का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा जोनल स्तर पर पार्क, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का प्रस्ताव भी रखा गया है।
क्या है महायोजना
महायोजना में केवल सड़क और भवन निर्माण का नियोजन ही नहीं होता, बल्कि आबादी बढ़ने के साथ जरूरी सुविधाओं की जरूरत को भी ध्यान में रखा जाता है। इसमें स्कूल-कालेज व अन्य संस्थान, अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं, बाजार व व्यावसायिक क्षेत्र, पार्क व हरित क्षेत्र, सार्वजनिक उपयोग की भूमि, यातायात व्यवस्था, जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए स्थान निर्धारित किए जा सकते हैं।
