'I Hate Ghoos': मुरादाबाद के नए DM अनुनय झा ने पहले ही दिन अफसरों की लगाई क्लास, दिया 2 दिन का अल्टीमेटम
मुरादाबाद के नवागत डीएम अनुनय झा ने कार्यभार संभालते ही अफसरों को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त चेतावनी दी, कहा 'आई ...और पढ़ें

नवनियुक्त जिलाधिकारी अनुनय झा
HighLights
कई एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र के गांवों की सही संख्या भी नहीं बता पाए
पूरे होमवर्क के साथ पहुंचे डीएम के सवालों में घिरते चले गए अधीनस्थ
अनुज मिश्र, मुरादाबाद। प्रत्येक महकमे में नए अफसर के कार्यभार संभालने करने के बाद अधीनस्थों से परिचय की परंपरा है। मगर, परंपरा के निर्वाह के तुरंत बाद यदि अधीनस्थों से सवाल शुरू हो जाए तो कहानी चर्चा का विषय बन जाती है। ऐसा ही हुआ बुधवार को नवागत डीएम अनुनय झा के कार्यभार संभालने के बाद।
परिचय के बाद उन्होंने एक-एक एडीएम और एसडीएम से संवाद शुरू किया। एसडीएम से उनके तहसीलों से जुड़े गांवों के बारे में पूछा। सवाल में कुछ एसडीएम तो उत्तीर्ण हो गए। मगर, कुछ अपने क्षेत्र के पूरे गांवों की सही संख्या ही नहीं बता पाए।
डीएम पूरा ब्योरा लेकर बैठे थे। गलत उत्तर पर डीएम ने तत्काल ही सही उत्तर बताते हुए नाराजगी व्यक्त की। कहा कि यह तो आप सभी को पता ही होना चाहिए। संवाद और सवालों का सिलसिला आगे बढ़ा।
डीएम ने अपनी लाइन स्पष्ट करते हुए अफसरों से दो टूक कहा-'आइ हेट घूस'। कहा कि किसी भी दशा में गलत काम स्वीकार नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत पर सीधे अपने स्तर से जांच कराऊंगा और कार्रवाई करूंगा। चेताते हुए सुधरने का दो दिन का अल्टीमेटम दिया।
इतना ही नहीं, कहा कि अफसरों को अपने-अपने क्षेत्र के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। किसी तीसरे व्यक्ति से जानकारी का सीधा अर्थ है सक्रियता का अभाव। यह बिल्कुल भी नहीं चलेगा। एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में ही रहने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड सीमा से जुड़े होने के चलते ठाकुरद्वारा में खनन के संबंध में भी सवाल किया। बाढ़ के बारे में भी पूछा। कहानी का सार यह कि नवागत डीएम पूरे होमवर्क के साथ पहुंचे थे।
उनके पास प्रत्येक तहसील व जिम्मेदारों के काम का चिट्ठा था। जिससे अधीनस्थ घिरते चले गए। इसी के बाद परिचयात्मक सेशन कम बैठक जब खत्म हुई तो बात पूरे प्रशासनिक अफसरों में चर्चा का विषय बन गई।
इधर, प्रेस कांफ्रेंस में डीएम ने प्राथमिकताएं गिनाई। कहा कि आमजन की शिकायतों एवं समस्याओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यक्रमों को प्राथमिकता के साथ प्रभावी ढंग से लागू कराया जाएगा। डिजिटल लाइब्रेरी की दिशा में संचालित योजना को और बेहतर ढंग से लागू कराया जाएगा।
साथ ही किसानों की विभिन्न समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। आइजीआरएस एवं जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में समयबद्धता के साथ-साथ गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
आगामी धान खरीद प्रक्रिया को भी पूरी पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी के साथ संपन्न कराया जाएगा, ताकि किसानों को अपनी उपज के विक्रय में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
नवागत डीएम 2015 बैच के आइएएस अफसर हैं। उन्होंने बताया कि बतौर ट्रेनी उन्हें मुरादाबाद में काम का अवसर मिला था। अब जिम्मेदारी बड़ी है। प्रेस कांफ्रेंस के बाद उन्होंने कलक्ट्रेट परिसर का भ्रमण कर कर विभिन्न पटलों के कार्यों को भी देखा।
