'गांव में क्यों नहीं रोका?' पाकबड़ा में ताजियों की ऊंचाई पर भड़के लोग, डेढ़ घंटे तक चला हाईवोल्टेज ड्रामा
पुलिस ने पाकबड़ा में मानक से अधिक ऊंचाई बताकर दो ताजियों को रोका, जिससे डेढ़ घंटे तक हंगामा चला। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ताजियों को वापस लौटाया ...और पढ़ें

पाकबड़ा के ताजिये रोकने को लेकर लोगों ओर पुलिस के बीच होती नोंकझोंक
HighLights
अन्य मार्गों से आ रहे ताजिये को भी हंगामे के बाद रोका, पुलिस से नोकझोंक
संवाद सूत्र, पाकबड़ा (मुरादाबाद)। समाथल गांव व सराय मुहल्ले शनिवार बाजार आ रहे दो ताजियों को पुलिस ने मानक से अधिक ऊंचाई होने की बात कहते हुए रास्ते में रोक दिया। इससे हंगामा हो गया। जानकारी मिलने पर अन्य मुहल्ले और गांवों से करीब 15 ताजियों को भी ताजियेदारों ने रोक दिया। डेढ़ घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह, मजिस्ट्रेट आशुतोष सिंह पुलिस बल के साथ पहुंच गए।
पुलिस से लोगों की जमकर नोकझोंक हुई। करीब डेढ़ घंटे बाद अधिकारियों ने दोनों ताजियों को वापस कराकर अन्य ताजियों को शनिवार बाजार की तरफ बढ़ाया। ताजिये वापस लेकर समाथल गांव के लोगों ने एलान किया अब के बाद हम अपने ताजिये लेकर पाकबड़ा नहीं जाएंगे।

शुक्रवार को मुहर्रम पर पाकबड़ा के शनिवार का बाजार में मेला लगता है। वहां पर शनिवार का बाजार, मोहल्ला सराय और समाथल गांव के ताजिये व जुल्जनाह शाम के समय बाजार में पहुंचते हैं। वहां पर दुलदुल घोड़े प्रतिस्पर्धा होती है। इसको देखने के लिए काफी संख्या में आसपास के गांव के लोग आते हैं।
शुक्रवार की शाम को समाथल गांव के ताजिये पुलिस की निगरानी में हाशमपुर चौराहे से डींगरपुर मार्ग होते हुए कैलसा रोड की तरफ जा रहे थे। तभी पुलिस ने लोगों से कहा कि आपका ताजिया मानक से अधिक बड़ा है। आगे जाने नहीं दिया जाएगा। इसको लेकर लोग भड़क गए। हंगामा करना शुरू कर दिया।
खबरें और भी

हंगामे की सूचना पर सीओ हाईवे वरुण चौधरी व थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। वहां पर लोगों को समझा बुझाकर शांत कर ताजियों को समाथल गांव तक पुलिस ने अपनी निगरानी में छुड़वाया। उसके बाद पुलिस ने सराय मुहल्ले के लोगों से ताजिया बड़ा होने की बात बोलकर उनको भी वापस कर दिया।

जब ये बात शनिवार का बाजार में लोगों को पता चली तो वहां पर लोगों ने हंगामा कर दिया। कहा जब तक समाथल गांव व सराय मुहल्ले के ताजिये नहीं आएंगे। तब तक हम यही रहेंगे। फिर हंगामा की सूचना पर पुलिस शनिवार का बाजार पहुंच गई। उसके बाद मजिस्ट्रेट आशुतोष सिंह भी पहुंच गए।

इस दौरान पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन लोग नहीं माने। लोगों की पुलिस से नोकझोंक हुई। पुलिस के साथ संभ्रांत लोगों ने बीच में कूदकर हंगामा कर रहे लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। उसके बाद शनिवार का बाजार के लोग भी अपना ताजिया लेकर वापस चले गए।

समाथल गांव के रहने वाले आलम, कल्लू, हनीफ, रिजवान आदि ने कहा कि जब पुलिस को ताजिये की ऊंचाई अधिक लग रही थी तो गांव से ही क्यों निकलने दिया।

पुलिस अपनी मौजूदगी में ताजिया गांव से निकलकर हाशमपुर चौराहे से होकर डींगरपुर मंदिर से कैलसा रोड वाले रास्ते से वापस क्यों कराया। गांव में ही पुलिस ताजिया को रोक सकती थी। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि दो ताजिये मानक से ऊंचे थे। जिन्हें वापस करा दिया गया।