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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मुरादाबाद में शर्मसार घटना, युवक की मौत के बाद पुलिस ने लावारिस में किया अंतिम संस्कार, अस्थियां भी नहीं मिलीं

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Saxena
    Updated: Wed, 11 Jan 2023 12:19 PM (GMT+05:30)

    Moradabad News बेटे की मौत की जानकारी स्वजन को नहीं लगी और उसे तलाश रहे थे। जबकि ट्रेन से कटकर उसकी मौत हो चुकी थी। तहरीर जेब में डाल घूमता रहा सिपाह ...और पढ़ें

    Moradabad News: युवक अमन का फाइल फोटो।
    Moradabad News: युवक अमन का फाइल फोटो।

    मुरादाबाद, जागरण टीम। जिगर का टुकड़ा ट्रेन से कटकर दुनिया से चल बसा, पुलिस ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। उसकी तलाश में दर-दर भटक रहे स्वजन को उसके अंतिम दर्शन भी नहीं हुए। वर्दी की लापरवाही यहां तक ही नहीं रही, स्वजन जब श्मशान घाट पहुंचे तो अस्थियां भी विसर्जित करने को नहीं मिलीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिवार का गुमशुदगी की तहरीर एक सिपाही जेब में डालकर चला गया, इस वजह से जानकारी नहीं मिल सकी। हालांकि स्वजन का कहना है कि चौकी के अलावा थाने भी गए थे, पुलिस हर बार उन्हें समझाकर लौटा देती थी।

    दो जनवरी को नहीं आया था घर

    मझोला क्षेत्र के मानसरोवर शास्त्री नगर कालोनी निवासी अमन दो जनवरी को घर नहीं आया। परेशान स्वजन ने उसे तलाशना शुरू किया। उसका पता नहीं चलने पर मंडी चौकी गए। वहां सिपाही को अपनी पीड़ा सुनाई और एक तहरीर भी उसे दी। कोई कार्रवाई नहीं होने पर स्वजन फिर थाना चौकी के चक्कर लगाते रहे। लेकिन पुलिस से कोई मदद नहीं मिली। इधर, पुलिस को तीन जनवरी को फकीरपुरा रेलवे क्रासिंग पर अज्ञात शव मिला, उसकी ट्रेन से कटकर मृत्यु हुई थी। पुलिस ने उसे लावारिस मानकर शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखवा दिया। दो दिन बाद छह जनवरी को उसका अंतिम संस्कार करा दिया।

    स्वजन कर रहे थे अमन की तलाश

    अमन को तलाश रहे मां नन्ही देवी, भाई विशाल और सचिन ने वाट्सएप ग्रुप पर अज्ञात शव का फोटो देखा, अमन को पहचानकर वह बीते दिवस पुलिस के पास गए। पता चला, पुलिस उसके शव का अंतिम संस्कार कर चुकी है। परेशान स्वजन उसका अस्थियां अर्जित करने के लिए श्मशान घाट गए। वहां जाकर पता चला, पुलिस एक ही स्थान पर कई शवों का अंतिम संस्कार करती है, इसके बाद अस्थियां एकत्र कराती है। लिहाजा वह अमन की अस्थियां भी नहीं पहचान सके।

    विशाल ने बताया कि उनके बबलू की बीमारी की वजह से दो वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। परिवार में मां नन्हीं देवी के साथ ही छोटा भाई अमन और सचिन है। विशाल उत्तराखंड के अल्मोडा में एक रेस्त्रां में कुक हैं। सचिन अभी पढ़ रहा है।

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    अमन गायब रहता था घर से

    अमन पहले ब्रेकरी में काम करता था। नशे की लत होने पर उसने काम छोड़ दिया था। अब वह कभी-कभी मजदूरी करता था। वह घर से ज्यादा समय के लिए गायब नहीं होता था। गुमशुदगी की सूचना देने के बाद भी पुलिसकर्मियों ने उसे खोजने का प्रयास नहीं किया। वह चौकी व थाने भी गए, लेकिन उसे आश्वासन देकर लौटा दिया जाता था। परिवार के लोग स्वयं फोटो दिखाकर उसे खोजते रहे।

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    पुलिस अफसर बोले- परिवार ने समय पर नहीं दी सूचना

    सीओ बोले, परिवार ने समय पर नहीं दी सूचना सीओ सिविल लाइंस डाक्टर अनूप सिंह ने बताया कि मझोला पुलिस ने बताया है कि पीड़ित परिवार के लोगों ने आठ जनवरी को सूचना चौकी में दी थी। उससे पहले ही लावारिस शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया था। सीओ ने यह भी स्वीकार किया चौकी के सिपाही के द्वारा इस मामले में लापरवाही बरती गई है। गुमशुदगी की तहरीर के समय पर जानकारी नहीं दी गई। इसकी जांच की जा रही है।