यूपी में सनसनीखेज साजिश: SSP आवास की ही जमीन पर कब्जा करने की कोशिश, 7 लोगों पर FIR
मुरादाबाद में एसएसपी आवास की सरकारी जमीन पर फर्जी दस्तावेजों से कब्जा करने की साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस ने सात नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ ...और पढ़ें

एसएसपी आवास, मुरादाबाद
HighLights
सरकारी भूमि को निजी बताकर स्वामित्व जताने और 28.45 लाख रुपये वसूलने का आरोप
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। शहर के सबसे सुरक्षित सरकारी परिसरों में शामिल एसएसपी आवास की जमीन पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्जा करने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने सात नामजद और एक अज्ञात आरोपित के विरुद्ध गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
मुकदमे में कोतवाली क्षेत्र के बल्लभ मोहल्ला निवासी सुधीर कुमार धवन, सुनील कुमार धवन, सुमित धवन, अंकित धवन, सुधा टंडन, विपिन कुमार धवन तथा दिल्ली के शालीमार बाग निवासी बीना तलवार को नामजद किया गया है। इसके अलावा एक अज्ञात व्यक्ति को भी आरोपित बनाया है।
आरोप है कि आरोपितों ने कूटरचित अभिलेख तैयार कर सरकारी भूमि पर निजी स्वामित्व का दावा किया, न्यायालय और प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह किया तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वर्ष 2024 तक करीब 28.45 लाख रुपये की वसूली भी कर ली। यह कार्रवाई सिविल लाइंस थाने में तैनात एसएसआइ हरेंद्र सिंह की तहरीर पर की गई।
पुलिस ने सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। प्राथमिकी के अनुसार एसएसपी आवास की भूमि के स्वामित्व विवाद की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय समिति ने राजस्व अभिलेख, नगर निगम के रिकार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया।
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जांच में सामने आया कि ग्राम छावनी की गाटा संख्या-455-अ अंग्रेजी शासनकाल से ही सरकारी अभिलेखों में दर्ज रही है। बाद में बंदोबस्त के दौरान इसे गाटा संख्या-1348-फ के रूप में दर्ज किया गया। इसी भूमि पर वर्षों से एसएसपी का सरकारी आवास बना हुआ है और सरकारी अभिलेखों में इसे सार्वजनिक संपत्ति माना गया है।
जांच समिति को नगर निगम के कर निर्धारण संबंधी रिकार्ड में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे हरगुलाल या किसी अन्य निजी व्यक्ति का स्वामित्व सिद्ध होता हो। इसके बावजूद आरोपितों ने एक पुराने पत्र और अन्य कथित दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर अपना दावा पेश किया। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2002 का एक पत्र भी संदिग्ध और कूटरचित प्रतीत हुआ, जिसका संबंधित विभाग से सत्यापन नहीं हो सका।
जांच में यह भी आरोप सामने आया कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में वाद दायर कर सरकारी संपत्ति को निजी भूमि साबित करने का प्रयास किया गया। वर्ष 2024 तक करीब 28.45 लाख रुपये की वसूली और मुआवजा लेने का भी आरोप प्राथमिकी में शामिल किया गया है।
चड्ढा परिवार की कोठी प्रकरण में मुदित धवन हो चुका गिरफ्तार
शराब कारोबारी इंद्रजीत सिंह चड्ढा की ओर से छह जून को सिविल लाइंस थाने में कोठी नंबर 455 पर कूटरचित दस्तावेज के आधार पर कब्जे की कोशिश और रंगदारी मांगने के आरोप में डा. रंजना धवन, मुदित धवन, विपिन धवन, बीना तलवार, सुधीर धवन, सुनील धवन, सुमित धवन, अंकित धवन के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसमें सिविल लाइंस पुलिस ने मुदित धवन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इस प्रकरण में कमेटी बनी थी। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया कि कूटरचित दस्तावेज को प्रस्तुत किया गया है। उस रिपोर्ट के अवलोकन के पश्चात अभियोग पंजीकृत किया गया है।
- सतपाल अंतिल, एसएसपी
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