बिहार में नहीं मिला सही इलाज, 1100 KM दूर मुरादाबाद ला रहे थे स्वजन; अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत
बिहार के पूर्णिया में घायल हुए मैनाठेर के ट्रक चालक जीशान की 1100 किमी दूर मुरादाबाद लाते समय मौत हो गई। परिजनों ने बिहार में बेहतर इलाज न मिलने का आर ...और पढ़ें

शवगृह के बाहर बैठे परिजन और इनसेट में जीशान की फाइल फोटो
HighLights
बिहार के पूर्णिया में घायल हो गए थे मैनाठेर के ट्रक चालक
बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जा रहे थे स्वजन
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। बिहार के पूर्णिया में चार अगस्त को हुए हादसे में घायल ट्रक चालक जीशान को परिवार के लोग करीब 1100 किमी दूर उपचार के लिए मुरादाबाद के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। करीब 21 घंटे तक एंबुलेंस में जिंदगी से जंग लड़ने के बाद जीशान की मुरादाबाद जिला अस्पताल पहुंचने से पहले सांसें टूट गई।
बिहार में बेहतर उपचार नहीं मिलने पर स्वजन घायल को दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल लेकर पहुंच गए।मैनाठेर क्षेत्र के गांव बरहेटा खिजापुर निवासी जीशान ट्रक चालक थे।
वह करीब छह दिन पहले बिहार के पूर्णिया में ट्रक लेकर गत्ता लेने गए थे। चार जुलाई को सुबह पूर्णिया में ट्रक और डंपर की टक्कर में जीशान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वहां की पुलिस ने घायल को अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
जीशान के पिता इदरीश अन्य स्वजन के साथ पूर्णिया पहुंचे और जीशान को वहां के अस्पताल से निकालकर उपचार के लिए दिल्ली ले जाने लगे। स्वजन का आरोप था कि वहां पर बेहतर उपचार नहीं मिल रहा था। परिवार के लोग घायल को एंबुलेंस से बुधवार को सुबह पूर्णिया से लेकर चले।
करीब 21 घंटे का सफर तय करने के बाद जैसे ही वह रामपुर में पहुंचे तो युवक की हालत और अधिक बिगड़ गई। इसके स्वजन उसे मुरादाबाद के जिला अस्पताल ले गए। जहां डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता इदरीश ने बताया कि हालत गंभीर देखते हुए दिल्ली ले जाने की योजना बनाई थी, लेकिन जब रास्ते में हालत अधिक खराब हुई तो जिला अस्पताल लेकर आ गए। सिविल लाइंस पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव स्वजन को सौंप दिया।