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    मुरादाबाद का विनायक अपार्टमेंट: 1050 दावेदार लेकिन 50 के पास भी कागज नहीं, कहाँ गया करोड़ों का फंड?

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 10:26 PM (IST)

    मुरादाबाद की मायानगर सहकारी आवास समिति में विधायक ठाकुर रामवीर सिंह से सवा करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यह मामला विशेष आर्थिक अपराध ...और पढ़ें

    मायानगर सहकारी आवास समिति के कार्यालय में प्रपत्र लेकर पहुंच रहे आवंटी। जागरण

    मायानगर सहकारी आवास समिति के कार्यालय में प्रपत्र लेकर पहुंच रहे आवंटी। जागरण

    HighLights

    1. विधायक से सवा करोड़ की धोखाधड़ी के बाद कार्रवाई तेज

    2. विशेष आर्थिक अपराध शाखा को सौंपा जा सकता है मामला

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। मायानगर सहकारी आवास समिति में वर्षों से दबे घोटाले अब खुलकर सामने आने लगे हैं। हालिया घटनाक्रम में कुंदरकी विधायक ठाकुर रामवीर सिंह के साथ फ्लैट दिलाने के नाम पर सवा करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला उजागर होने के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।

    इस पूरे प्रकरण ने न केवल राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, बल्कि सहकारी विभाग को भी कठोर कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। घपले के लिए जिम्मेदार पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

    सहकारी विभाग की जांच रिपोर्ट, आडिट निष्कर्ष और वित्तीय अनियमितताओं के दस्तावेजों को आधार बनाकर एफआइआर होगी। संभावना जताई जा रही है कि मामला जल्द ही विशेष आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंपा जा सकता है।

    जांच में सामने आया है कि समिति में बड़े पैमाने पर फर्जी सदस्यता और फ्लैट आवंटन में अनियमितताएं की गईं। नियमों को दरकिनार कर ऐसे लोगों से भी धनराशि जमा कराई गई, जो समिति के वैध सदस्य ही नहीं थे। कई मामलों में अस्थायी आवंटन पत्र जारी किए गए और बाद में उन्हीं के आधार पर लोगों से मोटी रकम वसूली गई।

    विनायक अपार्टमेंट: फ्लैट योजना और मूल्य तालिका

    फ्लैट का प्रकार कुल फ्लैट्स की संख्या क्षेत्रफल (वर्गफुट) अनुमानित कीमत (लाख रुपये)
    2 BHK (दो कमरों के) 168 1150 20.70
    3 BHK (तीन कमरों के) 62 1450 26.10
    4 BHK (चार कमरों के) 15 2700 48.60

    इतना ही नहीं, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के लिए एक सहायक सचिव का इस्तेमाल किया गया, जबकि आधिकारिक जिम्मेदारी किसी और के पास थी। प्लाट और फ्लैट के बैनामे भी इसी सहायक सचिव के माध्यम से कराए गए, जिससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    मायानगर सहकारी आवास समिति का गठन वर्ष 1975 में हुआ था। उस समय समिति ने शाहपुर तिगरी योजना में 13.58 एकड़ जमीन खरीदी थी। बाद में आवास विकास परिषद ने इस जमीन का अधिग्रहण कर लिया, जिसके खिलाफ समिति ने कानूनी लड़ाई लड़ी और जीत हासिल की।

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    इसके बाद समायोजन के तहत 4.033 एकड़ जमीन समिति को आवंटित की गई, जिस पर वर्ष 2014 में विनायक अपार्टमेंट के नाम से नौ टावरों का नक्शा पास कराया गया, लेकिन इसी परियोजना के क्रियान्वयन में कथित घोटालों की नींव पड़ी।

    फ्लैटों के निर्माण के लिए ठेकेदारों से ऐसे अनुबंध किए गए, जिनमें उन्हें सदस्यों के हिस्से के फ्लैट देने का वादा किया गया। इससे निर्माण प्रक्रिया और वित्तीय लेन-देन दोनों में गंभीर गड़बड़ियों की आशंका जताई जा रही है। विधायक से जुड़ा मामला सामने आने के बाद अब अन्य पीड़ित भी खुलकर सामने आने लगे हैं।

    संभावना है कि आने वाले दिनों में शिकायतों की संख्या और बढ़ेगी, जिससे घोटाले का दायरा और व्यापक हो सकता है। समिति के सचिव अनिल कुमार त्रिपाठी और सहकारी विभाग के अधिकारियों ने पीड़ितों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है। वहीं, जांच पूरी होने के बाद दोषियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

    जांच में शहर के कई बड़े नाम प्रकाश में आ रहे हैं। इसलिए प्रकरण को विशेष आर्थिक अपराध शाखा को सौंपे जाने की तैयारी इस बात का संकेत है कि मामला गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में पहुंच चुका है। यदि ऐसा होता है तो कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है, जिससे मुरादाबाद की सहकारी व्यवस्था में बड़ा भूचाल आना तय माना जा रहा है।

    1050 दावेदार, लेकिन दस्तावेज अधूरे

    समिति के सचिव अनिल त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में करीब 1050 लोग सदस्य होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन इनमें से अभी तक 50 लोग भी अपने दस्तावेज जमा नहीं कर सके हैं। हर दिन समिति कार्यालय पर नए दावेदार पहुंच रहे हैं और अपने प्रपत्र जमा कर रहे हैं। कुछ लोग डाक के माध्यम से भी प्रपत्र भेज रहे हैं।

    सहकारी अधिकारी (आवास) सतीश कुमार द्विवेदी ने बताया कि सभी दावेदारों का डेटा आनलाइन फीड किया जा रहा है और उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। जिनके प्रपत्र सही नहीं पाए जाएंगे, उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी और जमा धनराशि वापस करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।


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