क्या ऐसा भी हो सकता है? संभल की अमीना ने 5 दिन के फासले में दिया 4 बच्चों को जन्म, सभी नॉर्मल डिलीवरी
संभल की अमीना ने मुरादाबाद के टीएमयू अस्पताल में पांच दिनों के भीतर चार बच्चों को सामान्य प्रसव से जन्म दिया है। यह मामला चिकित्सा विज्ञान में दुर्लभ ...और पढ़ें

टीएमयू में डाक्टरों की टीम के साथ चार बच्चों को जन्म देने वाली मां अमीना। सौ. टीएमयू
HighLights
अलग-अलग थैली में पल रहे थे चार बच्चे, सफल रही डिलीवरी
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। निकाह के दो साल बाद संभल के किराना स्टोर संचालक मोहम्मद आलिम के घर एक साथ चार किलकारियां गूंज उठीं। पत्नी अमीना ने पांच दिन के भीतर चार बच्चों को जन्म देकर डाक्टरों को भी हैरान कर दिया। नौ मई को पहले बेटे का जन्म हुआ, जबकि गुरुवार को एक बेटा और दो बेटियों ने दुनिया में कदम रखा।
गर्भ में चार बच्चे, मां की बिगड़ती हालत और समय से पहले प्रसव जैसी चुनौतियों के बीच डाक्टरों ने लगातार निगरानी और उपचार से मां व बच्चों को सुरक्षित बचा लिया। डाक्टरों के मुताबिक यह अपने तरह का अलग की मामला है, जहां इतने हाई रिस्क केस में चारों बच्चों की नार्मल डिलीवरी हुई है।
किराना स्टोर संचालक है आलिम
संभल जिले के ओबरी गांव में रहने वाले किराना स्टोर संचालक मोहम्मद आलिम के घर खुशी का माहौल है। उनकी पत्नी अमीना ने पांच दिन के भीतर चार बच्चों को जन्म देकर हर किसी को हैरान कर दिया। खास बात यह रही कि नौ मई को पहले बेटे का जन्म हुआ और उसके बाद गुरुवार को एक बेटे और दो बेटियों ने जन्म लिया।
मेडिकल साइंस में दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामला
डाक्टरों के मुताबिक यह मामला मेडिकल साइंस में बेहद दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण है। चिकित्सकों ने बताया कि अमीना की गर्भावस्था शुरू से ही हाई रिस्क श्रेणी में थी। गर्भ के दूसरे महीने में अल्ट्रासाउंड के दौरान पता चला कि उसके गर्भ में चार बच्चे पल रहे हैं। सभी बच्चे अलग-अलग थैली में थे, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया।
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शुरुआती दौर में फीटल रिडक्शन की सलाह भी दी, लेकिन परिवार ने सभी बच्चों को सुरक्षित रखने का फैसला किया। गर्भावस्था के दौरान अमीना को ब्लड प्रेशर और लीवर से जुड़ी समस्याएं भी हुईं। हालत कई बार इतनी बिगड़ी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
लगातार नजर रख रही थी डाक्टरों की टीम
करीब हर 15 से 20 दिन में जांच और निगरानी के लिए परिवार टीएमयू अस्पताल पहुंचता रहा। डाक्टरों की टीम लगातार मां और बच्चों की स्थिति पर नजर बनाए हुए थी। आठ मई को अमीना को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद नौ मई को सामान्य प्रसव के जरिए पहले बेटे को जन्म दिया।

बच्चे का वजन करीब 710 ग्राम है। डाक्टरों ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया और आगे की डिलीवरी रोक दी, क्योंकि गर्भावस्था अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं हुई थी। पहला बच्चा फिलहाल स्वस्थ बताया जा रहा है और मां का दूध पी रहा है। इसी बीच गुरुवार को अमीना को फिर तेज दर्द शुरू हुआ।
डाक्टरों की देखरेख में तीन अन्य नवजात
परिवार उन्हें तुरंत टीएमयू अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डाक्टरों की टीम पहले से तैयार थी। सुबह होते-होते एक बेटे और दो बेटियों का जन्म हुआ। फिलहाल तीनों नवजात बच्चों को डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है। इनमें से एक बच्चा सामान्य स्थिति में है, जबकि दो को विशेष देखभाल दी जा रही है।
डाक्टरों के मुताबिक चार बच्चों की प्रेग्नेंसी अपने आप में बेहद दुर्लभ है, ऊपर से सभी बच्चों का सामान्य डिलीवरी से जन्म होना चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अमीना की डा. शुभ्रा अग्रवाल, डा. पूर्ति, डा. रोली और डा. मोनिका समेत कई चिकित्सकों ने लगातार निगरानी और उपचार किया।
बच्चों का कम वजन बना चुनौती
अमीना को प्रसव कराने वाली टीम की डा. शुभ्रा अग्रवाल ने बताया कि चार बच्चों की इस हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में डाक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों का कम वजन और समय से पहले जन्म था। पहला बच्चा जब नौ मई को पैदा हुआ तो उसका वजन करीब 710 ग्राम था।
डाक्टरों ने तुरंत नवजात की विशेष निगरानी शुरू कर दी। इसके बाद जन्मे तीन अन्य बच्चों को भी लगातार मानिटर किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक दो बच्चों को अतिरिक्त चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत पड़ रही है।
गर्भावस्था के दौरान मां को ब्लड प्रेशर और लीवर संबंधी समस्याएं भी रहीं, जिससे जोखिम लगातार बढ़ता गया। डाक्टरों की टीम ने नियमित जांच, दवाइयों और निगरानी के जरिए स्थिति संभाली। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह मामला टीमवर्क, सतर्कता और आधुनिक चिकित्सा प्रबंधन का उदाहरण बन गया है।
डाक्टर बोले- यह बेहद दुर्लभ मामला
टीएमयू अस्पताल के डायरेक्टर अजय गर्ग, चीफ मैनेजर वैभव जैन और अनिल गुप्ता ने बताया कि डाक्टरों के मुताबिक यह मामला सामान्य प्रसव से बिल्कुल अलग और बेहद दुर्लभ है। आठ मई को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद नौ मई को पहला बच्चा पैदा हुआ, लेकिन उस समय डाक्टरों ने बाकी बच्चों की डिलीवरी रोक दी थी।
इसके पीछे मकसद बाकी बच्चों को कुछ और समय तक गर्भ में सुरक्षित रखना था, ताकि उनकी स्थिति बेहतर हो सके। इसके बाद गुरुवार को महिला को दोबारा दर्द शुरू हुआ और तीन अन्य बच्चों का जन्म हुआ।
डाक्टरों का कहना है कि पांच दिन के अंतराल में चार बच्चों का इस तरह जन्म होना और मां की स्थिति को स्थिर बनाए रखना बड़ी चुनौती थी। खास बात यह भी रही कि सभी बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे मामले बहुत कम देखने को मिलते हैं।
दो साल पहले हुआ था आलिम-अमीना का निकाह
संभल के ओबरी गांव निवासी मोहम्मद आलिम और अमीना का निकाह 27 मई 2024 को हुआ था। शादी के दो साल बाद ही उनके घर एक साथ चार बच्चों की किलकारी गूंज उठी। अमीना बहन इमराना ने बताया कि गर्भावस्था की जानकारी मिलने के बाद से ही घर में उत्साह और चिंता दोनों का माहौल था।
जब डाक्टरों ने बताया कि गर्भ में चार बच्चे हैं तो स्वजन हैरान रह गए। शुरुआती दौर में जटिलताओं को देखते हुए परिवार पर मानसिक दबाव भी बढ़ गया था। बावजूद इसके परिवार ने हिम्मत नहीं हारी और सभी बच्चों को सुरक्षित रखने का फैसला किया।
अब एक साथ चार बच्चों के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। रिश्तेदार और गांव के लोग लगातार बधाई देने पहुंच रहे हैं। परिवार का कहना है कि यह उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।