सावन का अंतिम सोमवार: मुरादाबाद, संभल, रामपुर और अमरोहा के शिवालयों में गूंजे 'हर-हर महादेव', तड़के से जलाभिषेक जारी
सावन के अंतिम सोमवार को मुरादाबाद, संभल, रामपुर और अमरोहा के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं और ...और पढ़ें

भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते श्रद्धालु
जागरण टीम, मुरादाबाद। सावन के चौथे सोमवार पर शहर के शिवालय हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से गूंज उठे। मंदिरों में बीती रात 2:30 बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। खासकर 84 घंटा मंदिर और नवाबपुरा स्थित झारखंडी मंदिर में आधी रात के बाद से ही कांवड़िये गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करने पहुंचने लगे।
बेलपत्र, फल-फूल, भांग-धतूरा, धूप-दीप से भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की गई। सुबह होते-होते मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ गई। 84 घंटा और झारखंडी मंदिर में करीब 50 हजार कांवड़िये जलाभिषेक कर रहे हैं। दोपहर एक बजे तक जलाभिषेक चलेगा। इसके बाद मंदिरों में रुद्राभिषेक, भगवान शिव का विशेष श्रृंगार और महाआरती होगी।

पीली कोठी स्थित सत्यश्री शिव मंदिर, नया मुरादाबाद के महाकालेश्वर धाम, झांझनपुर के प्राचीन शिव मंदिर, हिमगिरी के अर्धनारीश्वर मंदिर, खुशहालपुर के ऋणमुक्तेश्वर मंदिर, दाऊ दयाल खन्ना नगर के प्राचीन शिव मंदिर, पीतल नगरी के प्राचीन शिव मंदिर, गुलाबबाड़ी मंदिर और लोकेशन स्थित शिव शक्ति मंदिर समेत शहरभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मंदिरों में गूंजते हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा शहर शिवमय नजर आया।
अमरोहा में शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, किया जलाभिषेक
सावन माह के आखिरी सोमवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्री वासुदेव तीर्थ स्थल समेत अन्य शिवालयों में विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सुबह से ही शिवालयों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे।
सावन माह के आखिरी सोमवार को शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह नजर आया। सुबह ही श्रद्धालुओं ने उठकर घरों की सफाई की। इसके बाद श्रद्धालु बड़ी संख्या में पूरी तैयारी के साथ बेलपत्र, भांग-धतूरा, धूपबत्ती और पवित्र जल का कलश लेकर शिवालयों में पहुंचे।
वहां श्रद्धालुओं की पहले से ही लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थी। अपनी बारी आने पर पूजा अर्चना कर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया।

कांवड़िये भी हरिद्वार व ब्रजघाट गंगाधाम से जल लेकर अपने अपने-अपने जत्थों के साथ शिवालयों में पहुंचे और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक कर स्वजन की सुख समृद्धि की कामना की।
नौगावां सादात के गजस्थल, जोया के बजरंग बली मंदिर, कैलसा, डिडौली, रजबपुर, गजरौला, गजरौला, मंडी धनौरा व हसनपुर आदि स्थानों के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने विधिवत भगवान शिव का जलाभिषेक किया। शिवालयों में हर हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। जिससे आसपास का माहौल शिव भक्तिमय हो गया।
संभल में शिवालयों में गूंज रहे बम बम भोले के जयकारे
सावन के अंतिम सोमवार को जिलेभर के शिवालयों में सुबह से ही जलाभिषेक का सिलसिला जारी है। भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से शिवालय गूंज रहे हैं। श्रद्धालु गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक कर बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प और मिठाई अर्पित कर रहे हैं।
हरिद्वार और ब्रजघाट से कांवड़ में गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों द्वारा भी शिवालयों में जलाभिषेक किया जा रहा है। कांवड़ियों के जलाभिषेक के लिए मंदिर समितियों की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है।

कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अलग-अलग कतारें लगाई गई हैं। नगर के प्राचीन सूर्यकुंड मंदिर, पक्का बाग स्थित पातालेश्वर महादेव मंदिर, सर्थलेश्वर महादेव मंदिर, खग्गू सराय के प्राचीन शिव मंदिर समेत असमोली क्षेत्र के गुमसानी स्थित झारखंडी शिव मंदिर आदि शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ है।
महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रही हैं। सावन के अंतिम सोमवार को लेकर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है। प्रमुख शिवालयों और कांवड़ मार्गों पर पुलिस बल तैनात है। अधिकारियों द्वारा लगातार सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर शांतिपूर्वक जलाभिषेक कर रहे हैं।
रामपुर में आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय
हर-हर महादेव और जय शिव शंभू के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।हाथों में गंगाजल और पूजा सामग्री लिए शिवभक्त लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। शंखनाद और घंटे-घड़ियाल की टंकार से शिवालय गूंजते रहे। सावन के अंतिम सोमवार पर जिलेभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सोमवार तड़के से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भमरौआ स्थित प्राचीन श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, पुष्प, भांग, धतूरा और फल अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया।
पंजाबनगर स्थित श्री ओम नागेश्वर महादेव शिव मंदिर में भी कांवड़ियों के जत्थे रात से ही पहुंचने लगे थे। तड़के से कांवड़ चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह होते-होते मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहे और श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर जलाभिषेक कराया गया।

भमरौआ और पंजाबनगर दोनों मंदिरों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया।शहर के कोसी मार्ग स्थित शिव मंदिर के साथ मंढ़ोली और बराखास के प्राचीन शिव मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कांवड़ियों ने बैकुंठी, खड़ी और डाक कांवड़ के जरिए लाए गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक किया।
भमरौआ स्थित श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर और पंजाबनगर स्थित श्री ओम नागेश्वर महादेव मंदिर परिसर के बाहर मेले भी सजे। पूजन सामग्री, प्रसाद, बेलपत्र, मिठाई, चाट-पकौड़ी और खिलौनों की दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रहीं। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में खरीदारी की। बच्चों ने खिलौने खरीदे और झूलों का आनंद लिया।
खिलौनों की दुकानों पर बच्चों और चाट-पकौड़ी की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ रही। सावन के अंतिम सोमवार पर विभिन्न शिवालयों में भंडारों का आयोजन किया गया। भमरौआ स्थित श्री पातालेश्वर महादेव मंदिर, पंजाबनगर स्थित श्री ओम नागेश्वर महादेव मंदिर और कोसी मार्ग स्थित शिव मंदिर में भी सुबह से ही कई स्थानों पर भंडारे शुरू हो गए थे।जिनमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
