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    शाहजहांपुर DM कार्यालय से जुड़ा बताकर सगे भाइयों को चूना, फर्जी शस्त्र लाइसेंस देकर हड़पे लाखो रुपये और पिस्टल

    Updated: Mon, 29 Jun 2026 06:10 PM (GMT+05:30)

    आरोपी ने शाहजहांपुर डीएम कार्यालय से संबंध बताकर दो भाइयों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस और पिस्तौल के नाम पर लाखों रुपये ठगे। पुलिस की कार्रवाई न होने पर प ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक चित्र

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    1. पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो पीड़ित ने न्यायालय में लगाई थी गुहार, तब ठाकुरद्वारा पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी

    जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। शाहजहांपुर के डीएम कार्यालय में पहचान बताकर रुपये हड़पकर फर्जी शस्त्र लाइसेंस थमाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर अदालत के आदेश के बाद ठाकुरद्वारा पुलिस ने आरोपित उधमसिंह नगर काशीपुर चामुंडा विहार निवासी सौरभ अग्रवाल के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है।

    ठाकुरद्वारा के मुहल्ला ताली निवासी पीयूष कुमार ने दर्ज एफआइआर में बताया है कि आरोपित ने स्वयं को शाहजहांपुर के डीएम से संबंध होने की बात बताते हुए भरोसा दिलाया था कि वह शस्त्र लाइसेंस बनवा देगा। उसने डीएम कार्यालय से जुड़ी वेबसाइट पर भी कुछ लाइसेंस दिखाए थे। जिसपर पीड़ित को आरोपित की बात पर विश्वास हो गया था।

    आरोप है कि सौरभ अग्रवाल ने पीयूष कुमार और उसके सगे फुफेरे भाई काशीपुर ढकिया गुलाबो निवासी अमित चौहान के शस्त्र लाइसेंस बनवाने के नाम पर आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज लिए और दोनों से कुल पांच लाख रुपये भी ले लिए। कुछ समय बाद उसने दोनों को लाइसेंस उपलब्ध करा दिए। इसके बाद पिस्टल खरीदने और लाइसेंस पर दर्ज कराने के नाम पर दोनों से करीब दो-दो लाख रुपये और ले लिए।

    बाद में दोनों ने पिस्टल खरीदकर आरोपित को सौंप दी, जिसने उन्हें लाइसेंस पर दर्ज कराने का दावा किया। पुलिस जांच के दौरान लाइसेंस सही प्रतीत होने पर दोनों का भरोसा और बढ़ गया। एफआइआर के अनुसार, वर्ष 2025 में लाइसेंस के नवीनीकरण का समय आने पर आरोपित ने फिर संपर्क किया और नवीनीकरण कराने के बहाने दोनों की पिस्टल, लाइसेंस और दो लाख रुपये ले लिए।

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    कई महीने तक टालमटोल करने के बाद 10 मई 2026 को उसने कथित तौर पर साफ कह दिया कि न तो पिस्टल और न ही लाइसेंस वापस करेगा, क्योंकि दोनों लाइसेंस फर्जी हैं। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर अदालत की शरण ली।

    न्यायालय के आदेश पर ठाकुरद्वारा पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध बीएनएस की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली। ठाकुरद्वारा इंस्पेक्टर मनोज परमार के अनुसार न्यायालय के आदेश के बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की विवेचना शुरू कर दी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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