टाटा ग्रुप की बड़ी पहल: मुरादाबाद राजकीय पॉलीटेक्निक में स्थापित होगी AI और रोबोटिक्स लैब, ₹7 करोड़ स्वीकृत
मुरादाबाद के राजकीय पॉलीटेक्निक में टाटा समूह द्वारा अत्याधुनिक एआई और रोबोटिक्स लैब स्थापित की जाएगी। इसके लिए 7 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिसमें ...और पढ़ें

राजकीय पॉलीटेक्निक मुरादाबाद
HighLights
युवाओं को मिलेगा भविष्य की तकनीक से जुड़ने का अवसर
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में जिले को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। शहर के राजकीय पुरुष पालीटेक्निक परिसर में टाटा समूह की अत्याधुनिक एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) लैब स्थापित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कुल सात करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। पांच करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। शेष धनराशि भी शीघ्र मिलने की उम्मीद है। इससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
पालीटेक्निक के प्राचार्य धीरेंद्र यादव ने बताया कि इस लैब के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएनडीएस (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) को सौंपी गई है। 20 अप्रैल के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। यह छह महीनों में बनकर तैयार हो जाएगी।
निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यह लैब न केवल मुरादाबाद, बल्कि आसपास के जिलों के छात्रों के लिए भी तकनीकी शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगी। लैब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, आटोमेशन और डेटा साइंस जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित अत्याधुनिक उपकरण स्थापित किए जाएंगे।
इससे छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल अनुभव भी मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लैब से छात्रों की तकनीकी समझ और कौशल में व्यापक सुधार होगा, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे।
खबरें और भी
छात्रों को मिलेगा अत्याधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर
लैब के शुरू होने के बाद जिले के हजारों छात्रों को आधुनिक तकनीकों पर काम करने का अवसर मिलेगा। छात्र रोबोटिक मशीनों के संचालन, प्रोग्रामिंग और स्मार्ट सिस्टम के उपयोग में दक्षता हासिल करेंगे। इससे उनके लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
वर्तमान समय में इंडस्ट्री में एआइ और रोबोटिक्स से जुड़े विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में यह लैब छात्रों के लिए करियर निर्माण का मजबूत आधार साबित होगी। इसके अलावा, छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री ओरिएंटेड स्किल्स भी सिखाई जाएंगी। जिससे वे पढ़ाई पूरी करते ही नौकरी या स्वरोजगार के लिए तैयार हो सकेंगे।
तीन साल तक विशेषज्ञों के संरक्षण में संचालित होगी लैब
इस एआइ लैब का संचालन शुरुआती तीन वर्षों तक टीटीएल (टाटा टेक्नोलाजीज लिमिटेड) के विशेषज्ञों के संरक्षण में किया जाएगा। इस दौरान छात्रों को इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से सीधे प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जिससे उनकी सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी। तीन साल की अवधि पूरी होने के बाद लैब को पूरी तरह से पालीटेक्निक प्रशासन को सौंपा जाएगा।