यूपी के स्कूलों में अब 'मम्मियों' की चलेगी नजर: मिड-डे-मील की जांच करेगा 'माँ समूह', मुरादाबाद से शुरुआत
मुरादाबाद के परिषदीय विद्यालयों में अब 'मां समूह' मिड-डे-मील की गुणवत्ता की निगरानी करेगा, जिसमें छह महिला अभिभावक भोजन पकाने और परोसने की प्रक्रिया क ...और पढ़ें

बेसिक शिक्षा विभाग के एक परिषदीय विद्यालय में मिड डे मील खाते बच्चे। जागरण आर्काइव।
HighLights
भोजन बनाने की व्यवस्थाओं में अब भी रसोइया लाना चुनौती
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। जिले के परिषदीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में पीएम पोषण (मिड डे मील) की गुणवत्ता की निगरानी अब बच्चों की माताएं करेंगी। शासन के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह ने अब सभी विद्यालयों में 'मां' समूह गठित करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक विद्यालय में छह महिला अभिभावकों का चयन कर रोस्टर बनाया जाएगा।
तय दिन पर वे विद्यालय पहुंचकर भोजन पकाने और परोसने की प्रक्रिया देखेंगी, भोजन चखेंगी तथा गुणवत्ता संबंधी सुझाव रजिस्टर में दर्ज करेंगी। यह व्यवस्था उन विद्यालयों में भी लागू होगी, जहां स्वयंसेवी संस्थाएं भोजन उपलब्ध कराती हैं। इस कार्य के लिए कोई मानदेय नहीं मिलेगा।
बीएसए ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक विद्यालय में 'माँ' समूह का गठन कर शासन के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
स्कूलों में संस्थाओं की ओर से बांटे जा रहे भोजन की गुणवत्ता को अब परखा जायेगा। इसकी जांच करने के लिए नगर क्षेत्र में सीडीओ स्तर पर टीम बनाई गई है। जो विद्यालय स्तर पर जाकर इन दिनों संस्थाओं की ओर से दिए जा रहे भोजन को जांच रही है। जांच के आधार पर भोजन की गुणवत्ता को सुधारा जायेगा।
नगर क्षेत्र में बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 119 विद्यालयों में मिड-डे-मील खिलाया जाता है। जहां वर्तमान में संस्थाओं की ओर से पका-पकाया भोजन बांटा जा रहा है। बता दें दिसंबर में बांटे जा रहे भोजन की गुणवत्ता में खाती मिलने और ठंडा भोजन बांटने की शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज सिंह को मिली थीं।
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इसके बाद उन्होंने मार्च तक सभी विद्यालयों में भोजन पकाने की व्यवस्थाएं करने और नए सत्र से विद्यालय परिसर में ही भोजन पकाकर खिलाने के निर्देश दिये थे, जिसके बाद अप्रैल में विद्यालयों में व्यवस्था नहीं होने का हवाला दिया गया और समय मांगा गया। इसके बाद संस्थाओं की व्यवस्था को मई 20 तक बढ़ाया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी डाॅ. राजेंद्र पैंसिया ने ग्रीष्मावकाश में विद्यालयों में आवश्यकतानुसार रसोइयों की तैनाती और बर्तन खाने का सामान इत्यादि की सुविधा जोड़ने के लिए कहा गया। बावजूद इसके व्यवस्था न हो सकी ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालयों में संस्थाओं की व्यवस्था को 15 जुलाई तक रखा गया है।
इस दाैरान टीम भी विद्यालयों में संस्थाओं के भोजन की गुणवत्ता को जांच रही है। बीएसए अमित सिंह का कहना है कि डीएम के निर्देशों के तहत भोजन बनाने की व्यवस्थाओं की तैयारी की जा रही है। विद्यालयों में गैस कनेक्शन और खाते आदि की व्यवस्थाएं ही पूरी की जा चुकी है।