सर्दी में कम पानी पीना और धूप की कमी पड़ सकती है भारी, जानें गर्भवती महिलाएं कैसे करें बचाव
सर्दी के मौसम में गर्भवती महिलाओं को पानी की कमी और धूप की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। इस दौरान डिहाइड्रेशन और विटामिन डी की कमी से बचने ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
170 की ओपीडी में अधिकतर मामले ठंड से हो रही दिक्कतों के
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। सर्दी में तापमान गिरने के कारण ठंड बढ़ने से आम लोगों के साथ ही गर्भवती महिलाएं भी चपेट में आ रही हैं। शहर के अस्पतालों की ओपीडी में हर रोज महिलाएं जुकाम, खांसी, वायरल फीवर, मूत्र संक्रमण और सांस संबंधी रोगों की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी में पानी कम पीने और पर्याप्त आहार नहीं लेने के कारण ऐसी दिक्कतें देखने को मिल रही हैं।डाक्टरों के अनुसार इस दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता सामान्य से कम हो जाती है, जिससे संक्रमण जल्दी असर करता है।
सर्दी का मौसम कोहरा और ठंड बढ़ने के कारण गर्भवती महिलाओं की सेहत के लिए भी खतरा भी बढ़ने लगा है। जिला महिला अस्पताल की महिला ओपीडी में इन दिनों आने वाले 170 मामलों में अधिकतर ठंड बढ़ने के कारण हो रही दिक्कतों के हैं। जिनमें महिलाएं ठंड से पेट दर्द, उल्टी और डायरिया जैसी समस्याएं भी बता रही हैं।
ऐसी गर्भवती महिला मरीजों को डाक्टर गर्म-हल्का भोजन लेने, साफ-सफाई रखने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दे रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। नियमित जांच और सावधानी ही मां और बच्चे दोनों को सुरक्षित रख सकती है।
विटामिन डी कम होने का खतरा
विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंड में धूप कम मिलने से विटामिन-डी की कमी, ठंडा वातावरण और पर्याप्त तरल पदार्थ न लेने की आदत गर्भवती महिलाओं को अधिक प्रभावित करती है। इससे ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, शरीर में दर्द, थकान और गर्भ में पल रहे शिशु के विकास पर भी असर पड़ सकता है।
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ठंड में बढ़ता है संक्रमण का खतरा
महिला रोग विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में सबसे अधिक मामले सांस की नली में संक्रमण, एनीमिया की शिकायत, यूरिन इंफेक्शन और वायरल बुखार के सामने आ रहे हैं। यदि समय पर इलाज न हो तो यह समय से पहले प्रसव या कम वजन के शिशु के जन्म का कारण बन सकता है।
ये लक्षण लेकर पहुंच रही हैं गर्भवती महिलाएं
- सर्दी-जुकाम व खांसी
- वायरल फीवर
- सांस संबंधी संक्रमण
- मूत्र मार्ग संक्रमण
- एनीमिया की समस्या
- हड्डी या जोड़ों के दर्द
- पेट दर्द और डायरिया
इन बातों का रखें ध्यान
- गर्म कपड़े व मोज़े पहनें
- हल्का गुनगुना पानी पिएं
- पौष्टिक और आयरन युक्त आहार लें
- घर के बाहर धूप निकलने पर ही टहलें।
- नियमित एएनसी जांच कराएं
महिलाएं बुखार, पेट दर्द, सांस की नली और अन्य कई तरह के संक्रमण की समस्याएं लेकर पहुंच रही हैं। अत्यधिक ठंड वाले मौसम में गर्भवती महिलाओं को खास ध्यान रखने की आवश्यकता है। ठंड में लापवाही न करें नियमूित जांच कराने के साथ ही दिक्कतें होने पर तुरंत डाक्टर को दिखायें।
- डा नेहा शर्मा, इएमओ, जिला महिला चिकित्सालय
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