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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Muzaffarnagar News : आठ साल की बालिका से दुष्कर्म में 20 वर्ष की कैद; स्कूल से टॉफी दिलाने के बहाने ले गया था आरोपित

    By Rashid AliEdited By: Abhishek Saxena
    Updated: Sat, 25 Nov 2023 08:47 AM (IST)

    Muzaffarnagar Crime News In Hindi आरोप है कि गांव के अनिल पुत्र मामचंद के घर पर नौकरी करने वाला अनिल पुत्र सरोज निवासी समस्तीपुर थाना दरभंगा बिहार 19 ...और पढ़ें

    आठ साल की बालिका से दुष्कर्म में 20 वर्ष की कैद
    आठ साल की बालिका से दुष्कर्म में 20 वर्ष की कैद

    HighLights

    1. कोर्ट ने दोषी पर लगाया 50 हजार रुपये का अर्थदंड
    2. पांच साल पहले हुआ था दुष्कर्म

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। आठ साल की बालिका से दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपित को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पांच वर्ष पहले आरोपित युवक बालिका को स्कूल से टाफी दिलाने के बहाने बहलाकर ले गया था। उस समय पीड़िता कक्षा दो में पढ़ रही थी।

    प्राइमरी स्कूल में पढ़ती थी बालिका

    सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप बालियान और विक्रांत राठी ने बताया कि बुढाना थाना क्षेत्र के एक गांव में आठ साल की बालिका से दुष्कर्म किया गया था। उन्होंने बताया कि पीड़िता के पिता ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी आठ साल की बेटी गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा में पढ़ती थी।

    दोनों पक्षाें की बहस के बाद फैसला

    पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। बताया कि घटना के मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट रितीश सचदेवा ने की। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपित अनिल पुत्र सरोज को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष कैद की सजा सुनाई। दोषी पर कोर्ट ने 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

    नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को आजीवन कारावास

    पाक्सो एक्ट कोर्ट ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक आरोपित को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। जिसमें से 20 हजार रुपये की धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश दिया है।

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    विशेष लोक अभियोजक दिनेश कुमार शर्मा और मनमोहन वर्मा ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व 12 साल की किशोरी का कार सवारों ने अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में पीड़िता की नानी ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।

    कार सवारों ने किया था अगवा

    बताया कि मुकदमा दर्ज कराते हुए पीड़िता की नानी ने बताया था कि उसकी 12 वर्षीय नातिन 26 जून 2018 को अपने पिता के घर से उसके घर आ रही थी। जब वह खादर वाला मोड पर पहुंची तो सफेद कार सवार बदमाशों इरशाद पुत्र निसार निवासी गांव भगेड़ी थाना रुड़की जिला हरिद्वार एवं सुमित, राजा एवं दिनेश ने अपहरण कर लिया था। आरोप था कि सभी बदमाश उसकी नातिन को कार में डालकर रुड़की इरशाद के घर ले गए थे। जहां उन्होंने किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म किया था।

    आरोपित इरशाद के भाई ने पीड़िता को वहां देखा तो उसको कुछ रुपये देकर ट्रेन में बैठाकर मुजफ्फरनगर भेज दिया था। विशेष लोक अभियोजक दिनेश कुमार शर्मा और मनमोहन वर्मा ने बताया कि पुलिस ने मुकदमे की विवेचना कर आरोपितों को दबोच लिया था। बताया कि इरशाद तभी से जेल में निरुद्ध चल रहा है।

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    मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट बाबूराम की अदालत में हुई। बताया कि कोर्ट ने इरशाद को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। बताया कि बाकी आरोपिताें की फाइल अलग कर दी गई थी। उन पर मुकदमा विचाराधीन है।