Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    भाकियू की पहली महिला आंदोलनकारी 'क्रांतिकारी ताई' सोहनवीरी का देहांत, किसानहित में हमेशा उठाती रहीं आवाज

    By Sanjeev Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Mon, 29 Jun 2026 12:24 PM (IST)

    Muzaffarnagar News : भाकियू की पहली सक्रिय महिला सदस्य और दूधाहेडी की पूर्व प्रधान सोहनवीरी देवी का 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने किसान आंद ...और पढ़ें

    सोहनवीरी देवी का फाइल फोटो

    सोहनवीरी देवी का फाइल फोटो

    HighLights

    1. चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के साथ आंदोलनों में रहीं शामिल।

    2. महिला विंग को मजबूत किया, 'क्रांतिकारी ताई' नाम से हुईं मशहूर।

    संवाद सूत्र, मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। भारतीय किसान यूनियन की पहली महिला आंदोलनकारी व महिला प्रकोष्ठ की पूर्व जिलाध्यक्ष ‘क्रांतिकारी ताई’ सोहनवीरी का रविवार रात हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे 78 वर्ष की थीं। सोमवार सुबह उनके पैतृक गांव दूधाहेड़ी में अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें भाकियू नेताओं, ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

    सोहनवीरी 1990 में भारतीय किसान यूनियन में शामिल होकर पहली सक्रिय महिला सदस्य बनीं। वे महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष और मंडल अध्यक्ष रह चुकी थीं। उन्होंने संगठन में महिला विंग को मजबूती प्रदान की और अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जानी जाती थीं। इसी कारण उन्हें ‘क्रांतिकारी ताई’ का नाम दिया गया। उनकी एक हुंकार से अधिकारियों की धड़कनें बढ़ जाती थीं।

    रविवार रात 10 बजे उनकी हृदय गति रुक गई। अगले दिन सुबह गांव दूधाहेड़ी के श्मशान घाट पर अखिल भारतीय ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष अशोक राठी ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में भाकियू के जिलाध्यक्ष नवीन राठी, रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी, चांदवीर फौजी समेत अन्य ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए।

    दर्जनों मुकदमे हुए दर्ज, महीनों जेल में भी रहीं

    1990 में भाकियू में शामिल हुईं सोहनवीरी ताई ने भाकियू के संस्थापक स्व. चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के साथ कई आंदोलनों में हिस्सा लिया। 1991 में शराब के खिलाफ आंदोलन में महिलाओं को साथ लेकर मंसूरपुर मिल में शराब के दो ठेकों को आग के हवाले कर दिया। 2007 में नरा बिजलीघर पर धरने पर बैठ गईं और जेई व एसडीओ की पिटाई कर दी।

    खबरें और भी

    इस कारण एक महीने कारागार में रहीं। उन्होंने वर्ष 1998 में करीब एक महीने तक रेलवे ट्रैक जाम कर ट्रेनें रोक दी थीं। उनके ऊपर गंभीर धाराओं में पुलिस व रेलवे द्वारा मुकदमे दर्ज हुए। इनमें बरेली व शाहजहांपुर में एक महीने तक जेल काटी। कई आंदोलनों में उनके ऊपर दर्जनों मुकदमे दर्ज हुए थे। सोहनवीरी के परिवार में एक पुत्र, दो पुत्रियां, दो पौत्र व दो पौत्रियां हैं।