मुजफ्फरनगर में गंगा और सोलानी नदी का जलस्तर बढ़ा, खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात; भैंसलीवाला गांव जलमग्न
Muzaffarnagar News: शिवालिक पहाड़ियों पर भारी बरसात से मुजफ्फरनगर में सोलानी नदी उफान पर है, जिससे खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ के हालात हैं। गंगा ...और पढ़ें

खादर में बाढ़ जैसे हालात, भैंसलीवाला गांव जलमग्न
HighLights
मध्य गंगा बैराज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु 219 से 20 सेंटीमीटर ऊपर।
चारे व गन्ने की फसल पूरी तरह से जलमग्न, लोगों की बढ़ी परेशानी।
संवाद सूत्र, पुरकाजी (मुजफ्फरनगर) शिवालिक पहाड़ियों पर हो रही तेज बरसात के कारण सोलानी नदी उफान पर आ गई है। इससे खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए हैं। खादर क्षेत्र के दो दर्जन गांवों में पानी आ गया। भैंसलीवाला गांव में लोगों के घरों में पानी घुस गया है, जिस कारण भारी परेशानी हो रही है।
सोलानी में लगातार जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को फसलों की चिंता सताने लगी है। सरदार गुरमेल सिंह बाजवा, देवेंद्र सिंह खालसा, गुरमीत सिंह, डा. राजेंद्र कुमार, सुनील कुमार, बलवंत सिंह, बूटा सिंह, बिजेंद्र सिंह, अनुज कुमार ने बताया कि पहाड़ों व मैदानी क्षेत्र में लगातार मूसलधार बरसात से हालात खराब हो गए हैं।
खादर के भदौला, भदौली, फरकपुर रजकल्लापुर, रामनगर, शेरपुर नगला व दूसरी ओर के गांव चाणचक, चमरावाला, अलमावाला, जिंदावाला, आलमपुरा गांव के रास्तों पर पानी आ जाने के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सोलानी नदी उफान पर होने के कारण उसका पानी किसानों की फसलों में घुस गया है। इन गांवों का संपर्क मार्ग भी टूट गया है।
भैंसलीवाला गांव में घुसा पानी
भैंसलीवाला में मेव बिरादरी के 100 से अधिक परिवार हैं। अधिकांश लोगों ने झोपड़ियां डाल रखी हैं। बरसात का पानी इन लोगों की झोपड़ियों में घुस जाने के कारण इनका जनजीवन प्रभावित हो गया है। इन लोगों को झोपड़ी में पानी घुस जाने के बाद अन्य स्थानों पर शरण लेनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने कहा कि एक माह में दूसरी बार गांव में पानी घुसा है लेकिन कोई भी इनकी सुनने वाला नहीं है। यहां के सरकारी स्कूल में पानी भर गया है।
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गंगा खादर क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पहुंचा पानी
रामराजः पहाड़ों पर पिछले तीन दिन से हो रही वर्षा से गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर पहुंच गया है। मध्य गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी गंगा खादर क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पहुंच गया है, जिससे फसलें जलमग्न होने की कगार पर पहुंच गई हैं।
मध्य गंगा बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 219 से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। सुबह आठ बजे गंगा बैराज से गंगा नदी में 2.11 लाख क्यूसेक डिस्चार्ज की माप दर्ज की गई। सुबह आठ बजे हरिद्वार के भीमगोडा बैराज से गंगा नदी में 1.61 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
बढ़े जलस्तर से गंगा पूरे रौद्र रूप में बह रही है। गंगा का पानी गंगा के निकटवर्ती अहमदवाला, छिलौर, हंसावाला, धर्मपुरा जदीद व धर्मपुरा कदीम, रहड़वा कदीम व रहड़वा जदीद तथा जीवनपुरी व रामपुर ठकरा के जंगल में पहुंच गया। गंगा के पानी ने यहां चारे व गन्ने की फसल को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया। शाम चार बजे गंगा नदी में 1.56 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज की माप दर्ज की गई।
सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने गंगा के पानी में अधिक सिल्ट आने से दोनों मध्य गंगा नहर को बंद कर दिया। जीवनपुरी के किसान आशीष शर्मा ने बताया कि गंगा में अत्यधिक सिल्ट आने से गंगा का पानी पूरा फैलकर बह रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में 1.5 लाख क्यूसेक पानी आने से गंगा का जलस्तर 218 मीटर के आसपास ही रहता था लेकिन गंगा के मुहाने पर सिल्ट जमी होने से अब गंगा में बने हुए पिलर भी मात्र छह इंच ही दिखाई दे रहे हैं।
बता दें कि गंगा के निकटवर्ती जंगल में पानी पहुंचने से किसान चिंतित हो उठे हैं। हालांकि सिचाई विभाग के अनुसार जलस्तर में घटत-बढ़त बनी हुई है तथा शुक्रवार को सुबह से ही जलस्तर घटता रहा है।
इन्होंने कहा
पहाड़ों पर वर्षा होने के कारण जलस्तर में बढ़त बनी थी। गुरुवार से पहाड़ों पर वर्षा में कमी आई है, जिस कारण अब जलस्तर घटता जा रहा है। बैराज पर खतरे व बाढ़ जैसी अभी कोई बात नहीं है।
-घनश्याम दास, जेई सिंचाई विभाग, गंगा बैराज।