'अग्नि-5' कांवड़ लेकर निकले दिल्ली के 3 दोस्त, 'हर-हर महादेव' के साथ 'भारत माता की जय' की गूंज
Kanwar Yatra 2026: दिल्ली के तीन दोस्त देश की सेना को समर्पित 'अग्नि-5' नाम की 51 किलो की कांवड़ लेकर आए हैं। इसे देखकर लोग 'हर-हर महादेव' के साथ 'भार ...और पढ़ें

दिल्ली निवासी तीन दोस्त "अग्नि-5" नाम की कांवड़ लेकर पुरकाजी पहुंचे।
HighLights
दिल्ली के पालम निवासी तीन दोस्तों लेकर आए 51 किलो की 'अग्नि-5' कांवड़।
तीन दोस्तों ने कांवड़ को भारतीय सेना के वीर जवानों को किया है समर्पित।
संवाद सूत्र, पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। कांवड़ यात्रा में इस बार आस्था के साथ देशभक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। दिल्ली के पालम निवासी तीन दोस्त देश की सेना को समर्पित "अग्नि-5" नाम की कांवड़ लेकर पुरकाजी पहुंचे। 51 किलो की इस विशेष कांवड़ को देखकर लोग 'हर-हर महादेव' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाने लगा।
हरिद्वार से कांवड़ लेकर शनिवार को पुरकाजी पहुंचे दिल्ली के दीपांशु, राजवीर और हर्ष तीनों दोस्त हैं। तीनों ने बताया कि यह कांवड़ देश के वीर जवानों के नाम समर्पित की है। जो सैनिक सरहद पर हमारी रक्षा के लिए 24 घंटे तैनात रहते हैं, यह जल और हमारी प्रार्थना उन सभी के नाम है।
पिछले साल लेकर आए थे मिसाइल के आकार की कांवड़
बताया कि यह उनकी लगातार दूसरी विशेष कांवड़ है। पिछले साल भी ये तीनों एक मिसाइल के आकार की कांवड़ लेकर आए थे। उस समय भी उनका मकसद देश के रक्षाबलों को सम्मान देना था। इस बार उन्होंने दुनिया की सबसे शक्तिशाली मिसाइलों में से एक अग्नि-5 की तर्ज पर कांवड़ तैयार कराई।
कांवड़ का रंग केसरिया, सफेद और हरा है। उस पर तिरंगा और "जय हिंद" लिखा हुआ है। कांवड़ के बीच में अग्नि-5 मिसाइल का माडल लगाया गया है। दीपांशु ने बताया कि अग्नि-5 ताकत का प्रतीक है। ठीक वैसे ही हमारे जवान भी देश की ढाल हैं। इसी भावना के साथ इसका नाम अग्नि-5 रखा।
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चर्चा का विषय बनी कांवड़
राजवीर ने कहा कि तीनों पढाई कर रहे हैं, लेकिन दिल से देश के लिए कुछ करना चाहते हैं। कांवड़ के जरिए भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना कर रहे हैं कि जवान हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहें। सीमा पर तैनात हर सैनिक के घर में सुख-शांति बनी रहे।
कांवड़ को देखकर मार्ग में चल रहे शिवभक्त और स्थानीय लोग काफी प्रभावित हुए। कई लोगों ने तीनों दोस्तों के साथ सेल्फी ली और उनकी देशभक्ति की तारीफ की। तीनों दोस्तों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के बाद वे इस पवित्र जल को अपने क्षेत्र के शिव मंदिर में शिवलिंग पर अर्पित करेंगे और देश के शहीदों को नमन करेंगे। भक्ति और देशभक्ति का संगम बनी यह कांवड़ क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है।