मुजफ्फरनगर में लड़की बनकर बुलाया और लूट लिया, चार आरोपित गिरफ्तार
मुजफ्फरनगर में सोशल मीडिया पर लड़की बनकर युवक को बुलाकर लूटने वाले चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई दो बाइक और एक मोबाइल फो ...और पढ़ें

लड़की बनकर बुलाकर लूटने वाले आरोपी गिरफ्तार।
HighLights
सोशल मीडिया पर लड़की बनकर युवक को बुलाया गया।
मिलने के बहाने बुलाकर बाइक और नगदी लूटी गई।
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर सामान बरामद किया।
संवाद सूत्र, छपार। इंटरनेट मीडिया पर लड़की बनकर मैसेज करके युवक से बातचीत की और मिलने के बहाने बुलाकर चार आरोपितों ने उससे बाइक व नगदी लूट ली। इसके अलावा आरोपितों ने मुजफ्फरनगर कोतवाली क्षेत्र के बाननगर पुल के पास भी बाइक व नगदी लूटी थी। पुलिस ने दोनों घटनाओं का राजफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से दो बाइक व एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
थानाध्यक्ष मोहित सहरावत ने बताया कि खतौली के इस्लाम नगर निवासी शादमान को एक स्वीटी माही नाम की लड़की ने इंटरनेट मीडिया पर मैसेज कर मिलने के लिए पानीपत-खटीमा बाईपास मार्ग पर स्थित रेई कट पर बुलाया था।
गत एक अगस्त को वह अपनी पैशन प्रो बाइक पर मिलने के लिए वहां पर पहुंच गया। वहां पर उसे लड़की के बजाय स्पलेंडर बाइक सवार चार युवक पहले से ही खड़े मिले। आरोपित उससे बाइक, ओपो का मोबाइल फोन व 2600 रुपये की नगदी छीनकर फरार हो गए।
स्वजन ने सात अगस्त को चार अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध छपार थाने में लूट का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर टीम का गठन किया था।
शनिवार देर रात पुलिस ने छपार-रोहाना मार्ग पर चेकिंग के दौरान चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। जिनकी पहचान वंश निवासी मुहल्ला सुंदरनगर रामपुर तिराहा थाना छपार, नीशूल निवासी गांव सिसौना थाना छपार, निखिल व सूरज निवासी गांव रामपुर थाना छपार के रूप में हुई। उनके पास से पुलिस ने लूट की दो बाइक पैशन प्रो व स्पलेंडर व रेडमी का एक मोबाइल भी बरामद किया है।
पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपितों ने गत एक अगस्त को रेई कट पर शादमान और पांच अगस्त को मुजफ्फरनगर कोतवाली क्षेत्र के बाननगर पुल के पास से बाइक, मोबाइल व तीन हजार रुपये लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। शनिवार रात को वह लूटी गई बाइकों को बेचने के लिए जा रहे थे। पुलिस ने आरोपितों का चालान करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।